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Bulandshahar News: लखावटी डाकघर में करोड़ों के गबन में बाबू और एमटीएस बर्खास्त
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बुलंदशहर। जनपद के लखावटी उपडाकघर में हुए करीब 2.50 करोड़ रुपये के बड़े गबन मामले में डाक विभाग ने सख्त कदम उठाया है। डाक अधीक्षक जीएल शर्मा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बाबू श्रीगोपाल और एमटीएस जयप्रकाश को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। कार्रवाई के बाद से विभाग के कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
जांच में सामने आया कि मई 2023 से नवंबर 2024 के बीच लखावटी डाकघर में फर्जी डाक टिकटों का एक बड़ा खेल चल रहा था। दिल्ली, नोएडा और राजस्थान समेत कई शहरों के लिए बुक की जा रही डाक पर फर्जी टिकटों का इस्तेमाल कर राजस्व को करोड़ों की चपत लगाई गई। 26 नवंबर को जब एक युवक 3,833 पंजीकृत लिफाफे लेकर पहुंचा, तब शक गहराया। जांच में पता चला कि लिफाफों पर लगे टिकट पूरी तरह फर्जी थे। यही नहीं खुर्जा जंक्शन भेजे गए बैगों की जांच हुई जिसमें 921 मेल ऐसे मिले जिन पर न स्टाफ की मुहर थी और न ही हस्ताक्षर।
यह मामला दिसंबर 2024 में तब और गहरा गया जब सीबीआई ने इसकी कमान संभाली। सीबीआई की पूछताछ और विभागीय दबाव के चलते तत्कालीन उपडाकपाल राहुल कुमार ने 22 दिसंबर 2024 को ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। सुसाइड नोट में राहुल ने अपनी बेगुनाही का जिक्र करते हुए पूरी घटना और रजिस्ट्री बुकिंग के खेल का खुलासा किया था। डाक अधीक्षक ने बताया कि गबन और फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच में बाबू और एमटीएस की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद उन्हें बर्खास्तगी का नोटिस थमा दिया गया।
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- लखावटी डाकघर में फर्जी टिकटों के जरिए करोड़ों के राजस्व की हानि हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर बाबू श्रीगोपाल और एमटीएस जयप्रकाश को बर्खास्त कर दिया गया है। अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार पर विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी। - जीएल शर्मा, डाक अधीक्षक
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जांच में सामने आया कि मई 2023 से नवंबर 2024 के बीच लखावटी डाकघर में फर्जी डाक टिकटों का एक बड़ा खेल चल रहा था। दिल्ली, नोएडा और राजस्थान समेत कई शहरों के लिए बुक की जा रही डाक पर फर्जी टिकटों का इस्तेमाल कर राजस्व को करोड़ों की चपत लगाई गई। 26 नवंबर को जब एक युवक 3,833 पंजीकृत लिफाफे लेकर पहुंचा, तब शक गहराया। जांच में पता चला कि लिफाफों पर लगे टिकट पूरी तरह फर्जी थे। यही नहीं खुर्जा जंक्शन भेजे गए बैगों की जांच हुई जिसमें 921 मेल ऐसे मिले जिन पर न स्टाफ की मुहर थी और न ही हस्ताक्षर।
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यह मामला दिसंबर 2024 में तब और गहरा गया जब सीबीआई ने इसकी कमान संभाली। सीबीआई की पूछताछ और विभागीय दबाव के चलते तत्कालीन उपडाकपाल राहुल कुमार ने 22 दिसंबर 2024 को ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। सुसाइड नोट में राहुल ने अपनी बेगुनाही का जिक्र करते हुए पूरी घटना और रजिस्ट्री बुकिंग के खेल का खुलासा किया था। डाक अधीक्षक ने बताया कि गबन और फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच में बाबू और एमटीएस की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद उन्हें बर्खास्तगी का नोटिस थमा दिया गया।
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- लखावटी डाकघर में फर्जी टिकटों के जरिए करोड़ों के राजस्व की हानि हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर बाबू श्रीगोपाल और एमटीएस जयप्रकाश को बर्खास्त कर दिया गया है। अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार पर विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी। - जीएल शर्मा, डाक अधीक्षक