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Bulandshahar News: पेटदर्द के मरीज को थमा दिया एक्सपायर इंजेक्शन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 17 Mar 2025 10:17 PM IST
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An expired injection was given to a patient suffering from stomach ache
एक्सपायर इंजेक्शन पर अंकित ति​थि दिखाता तीमारदार। संवाद
बुलंदशहर। कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में भर्ती युवती को स्टाफ ने एक्सपायर इंजेक्शन थमा दिया। परिजनों के तिथि देखने पर स्टाफ ने इंजेक्शन वापस ले लिया। शिकायत करने पर युवती के पिता ने अस्पताल के स्टाफ पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। जानकारी मिलने पर कॉलेज की प्रधानाचार्य ने चार सदस्यीय टीम गठित कर दो दिन में रिपोर्ट मांगी है।
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अहमदगढ़ क्षेत्र के गांव खेलिया निवासी रियाजुद्दीन ने पुत्री मुस्कान (20) को पेटदर्द, सांस लेने में परेशानी और उल्टी होने पर 12 मार्च को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां चिकित्सकों ने गंभीर हालत देख उसे मेडिकल वार्ड में स्थानांतरित किया। आरोप है कि रविवार सुबह ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने कुछ इंजेक्शन दिए। इसमें पेटदर्द का इंजेक्शन एक्सपायर निकला।
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रियाजुद्दीन ने बताया कि वार्ड में दोपहर के समय इंजेक्शन लगाने आए स्टाफ से इंजेक्शन देखकर लगाने को कहा तो स्टाफ चेक करने लगा। साथ ही कहा कि खतरे की कोई बात नहीं है। आरोप है कि एक महिला स्टाफ और एक बाहरी युवक ने अभद्र व्यवहार किया। फिलहाल अस्पताल प्रशासन को मौखिक रूप से अवगत करा दिया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर करेंगे।
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पहले भी लगाया जा चुका है एक्सपायर इंजेक्शन, दवा की गई वितरित
जिला अस्पताल में इससे पूर्व भी एक्सपायर दवा का वितरण एवं एक्सपायर इंजेक्शन लगने का मामला सामने आ चुका है। पिछले वर्ष मई में एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगवाने से 13 मरीजों की हालत बिगड़ गई थी। बाद में तीन इंजेक्शनों के स्टॉक को औषधि भंडार से हटवा दिया गया। डायलिसिस यूनिट में अप्रैल में दो माह पूर्व एक्सपायर हो चुके इंजेक्शन लगाए गए। वहीं, कई बार मानसिक रोगियों एवं सामान्य रोगियों को खराब दवा का वितरण किया गया।
मामला गंभीर, चार सदस्यीय टीम गठित
मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य तक मामला पहुंचा तो सोमवार को चार सदस्यीय टीम गठित की गई। इसमें मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक, अस्पताल के सीएमएस, वरिष्ठ चिकित्सक और मैट्रन को जिम्मेदारी दी है। संबंधित से 48 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए टीम ने मेडिकल वार्ड में तैनात तीनों समय के स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब संतोषजनक न होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अफसरों का कहना है कि यदि इंजेक्शन लग भी जाता तो मरीज को कोई परेशानी नहीं होती। सिर्फ इंजेक्शन की क्षमता कम हो जाती।

प्रधानाचार्य के निर्देश पर जांच कराई जा रही है। सभी से स्पष्टीकरण मांगा है। जिसकी भी लापरवाही मिलेगी, कार्रवाई की जाएगी। मरीजों से भविष्य में अभद्र व्यवहार न हो इसके लिए भी सभी को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। - डॉ. धीर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज
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