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जिला अस्पताल में ऑपरेशन के बाद जान बचाना पड़ रहा भारी
अमर उजाला ब्यूरो /बुलंदशहर
Updated Mon, 27 Jun 2016 01:14 AM IST
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संदीप
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने एक और युवक को मौत के करीब पहुंचा दिया है। युवक के गलत उपचार के कारण उसके शरीर का हाल सिपाही अजमत की तरह होने लगा है। अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद शरीर तेजी से सड़ने लगा है और फटने लगा है। सीएमओ इस मामले में कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं और सीएमएस से इस बारे में बात करने की बात कह रहे हैं।
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सिपाही अजमत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि एक और ऐसा ही मामला सामने आया है।
नगर के पुलिस लाइन निवासी संदीप (22) पुत्र रमेशचंद्र को 15 जून को अपेंडिक्स के इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। संदीप के भाई प्रदीप ने बताया कि जब उसके भाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया तो उसके पेट में दर्द था। जिला अस्पताल के चिकित्सक ने परिजनों को भरोसा दिया कि कुछ ही दिन में संदीप बिल्कुल ठीक हो जाएगा। चिकित्सक ने संदीप का ऑपरेशन कर दिया, लेकिन ऑपरेशन के बाद संदीप ठीक होने की जगह तबीयत और बिगड़ने लगी। वह लगातार बेहोश होने लगा। जब डॉक्टर से इस बाबत कही गई तो वह परिजनों पर ही जिम्मेदारी थोपने लगा। हालत गंभीर होने पर उसे नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया।
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इसके बाद हालत गंभीर होने पर उसे मेरठ के अस्पताल ले जाया गया। मेरठ के अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच की तो पता चला कि संदीप का ऑपरेशन गलत किया गया। ऑपरेशन गलत होने के कारण मल भी पेट में ही रहने लगा। संदीप का पूरा शरीर सड़ने लगा। बताया गया कि कुछ दिन और संदीप जिला अस्पताल में भर्ती रहता तो उसकी जान पर बन आती। फिलहाल संदीप का इलाज मेरठ के निजी अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं सीएमओ पूरे मामले की जांच की जगह आरोपी चिकित्सक के बचाव में अभी से उतर आए हैं।
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अफसरों की कार्यशैली पर सवाल
शासन से स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी के तौर पर नामित मुख्य चिकित्सा अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसी भी व्यक्ति को इलाज में दिक्कत होने पर सीएमओ की जवाबदेही होती है, लेकिन सीएमओ पूरे मामले में जांच की जगह मामले को दबाने में जुटे हुए हैं।
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सिपाही अजमत का भी हुआ था यही हाल
कुछ माह पूर्व ही सिपाही अजमत का भी यही हाल हुआ था। आरोप था कि गलत इलाज के कारण सिपाही की जान चली गई थी। तब पूरे मामले में सीएमओ की गर्दन फंस गई थी, लेकिन डॉक्टरों ने हड़ताल कर पूरे मामले में शासन पर ही दबाव बना दिया था। गलत इंजेक्शन लगने के कारण सिपाही अजमत को सेप्टीसीमिया हो गया था और उसका पूरा शरीर फटने लगा था। संदीप का भी यही हाल हो रहा है।
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पल्ला झाड़ रहे हैं सीएमओ
सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। पूरे मामले पर सीएमएस से वार्ता की जाएगी। इसके बाद ही कुछ कह पाना संभव है।