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मिलावटी दूध बेचने वाले को छह माह की जेल
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मिलावटी दूध बेचने वाले को छह माह की जेल
बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश और विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम प्रशांत मित्तल की कोर्ट ने मिलावटी दूध बेचने वाले दोषी को छह माह की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के विशेष लोक अभियोजक योगेश कुमार शर्मा ने बताया कि एक फरवरी 2011 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसबी सिंह ने माया डेयरी पर मिलावटी दूध बेचने के लिए कार्रवाई की थी। इस दौरान दूध का सैंपल लेकर जांच के लिए आगरा प्रयोगशाला भेजा था। जांच रिपोर्ट में सैंपल मानकों पर खरा न उतरने के कारण कोर्ट में वाद दायर किया गया था। अब मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के विशेष न्यायाधीश प्रशांत मित्तल की कोर्ट ने आरोपों को सही पाया है। जिसके चलते माया डेयरी के संचालक सतीश कुमार यादव को कोर्ट ने छह माह की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मसाले, दाल, खोया के नमूने फेल
बुलंदशहर। अधिकारियों की लापरवाही के कारण मिलावटखोर जिले में सक्रिय हैं। जून माह में प्राप्त हुई कुल 118 रिपोर्ट में से 63 नमूने विभिन्न प्रकार के मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें से आठ खाद्य पदार्थों के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं।
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खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में मिलावटखोरी रोकने के लिए लगातार दावे किए जाते हैं। इसके बाद भी सैंपलिंग के बाद रिपोर्ट आने पर अधिकारियों के दावे हवा में उड़ रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के डीओ आरके गुप्ता के मुताबिक जून माह में जिले में कुल 118 खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें से 43 अद्योमानक, 11 मिस ब्रांड और आठ नमूने असुरक्षित आए हैं। असुरक्षित मिले सैंपल में घी, दाल, मसाले और खोया के सैंपल शामिल हैं। इसके अलावा दूध, दही, खोया, दाल, पनीर, खाद्य पदार्थों के सैंपल अद्योमानक और मिस ब्रांड मिले हैं। इन खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर करने की तैयारी की जा रही है।
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बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश और विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम प्रशांत मित्तल की कोर्ट ने मिलावटी दूध बेचने वाले दोषी को छह माह की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के विशेष लोक अभियोजक योगेश कुमार शर्मा ने बताया कि एक फरवरी 2011 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसबी सिंह ने माया डेयरी पर मिलावटी दूध बेचने के लिए कार्रवाई की थी। इस दौरान दूध का सैंपल लेकर जांच के लिए आगरा प्रयोगशाला भेजा था। जांच रिपोर्ट में सैंपल मानकों पर खरा न उतरने के कारण कोर्ट में वाद दायर किया गया था। अब मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के विशेष न्यायाधीश प्रशांत मित्तल की कोर्ट ने आरोपों को सही पाया है। जिसके चलते माया डेयरी के संचालक सतीश कुमार यादव को कोर्ट ने छह माह की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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मसाले, दाल, खोया के नमूने फेल
बुलंदशहर। अधिकारियों की लापरवाही के कारण मिलावटखोर जिले में सक्रिय हैं। जून माह में प्राप्त हुई कुल 118 रिपोर्ट में से 63 नमूने विभिन्न प्रकार के मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें से आठ खाद्य पदार्थों के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं।
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खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में मिलावटखोरी रोकने के लिए लगातार दावे किए जाते हैं। इसके बाद भी सैंपलिंग के बाद रिपोर्ट आने पर अधिकारियों के दावे हवा में उड़ रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के डीओ आरके गुप्ता के मुताबिक जून माह में जिले में कुल 118 खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें से 43 अद्योमानक, 11 मिस ब्रांड और आठ नमूने असुरक्षित आए हैं। असुरक्षित मिले सैंपल में घी, दाल, मसाले और खोया के सैंपल शामिल हैं। इसके अलावा दूध, दही, खोया, दाल, पनीर, खाद्य पदार्थों के सैंपल अद्योमानक और मिस ब्रांड मिले हैं। इन खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर करने की तैयारी की जा रही है।