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शिक्षिका को धमकी देने पर एबीएसए निलंबित
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शिक्षिका को धमकी देने पर एबीएसए निलंबित
बुलंदशहर। पंचायत चुनावों में ड्यूटी के दौरान एक शिक्षिका को लखावटी एबीएसए द्वारा धमकाना और अभद्र व्यवहार करना भारी पड़ गया। शिक्षिका की शिकायत का महिला आयोग ने संज्ञान लेकर डीएम को जांच के आदेश दिए। मामले की जांच कराई गई तो आरोप सही मिले। शासन ने एबीएसए को सस्पेंड कर मेरठ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। शिक्षिका ने एबीएसए के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के कासना थाने में भी तहरीर दी है। पूर्व में भी जिला व्यायाम शिक्षक और एबीएसए के बीच मारपीट हुई थी। एबीएसए को तब भी सस्पेंड किया गया था।
एबीएसए पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार का शुरू से ही विवादों से नाता रहा है। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को सस्पेंड करने के नाम पर अवैध वसूली और उनसे अभद्रता करने के आरोप उन पर लगते रहे हैं। मौजूदा समय में उन पर लखावटी ब्लॉक का चार्ज था।
यह है पूरा मामला
सिकंदराबाद ब्लॉक के गांव फरीदपुर परिषदीय स्कूल की शिक्षिका शिखा सोलंकी ने बताया कि पंचायत चुनाव में उनकी ड्यूटी थी। सेक्टर मजिस्ट्रेट एबीएसए नरेंद्र कुमार ने उन्हें अनुपस्थित दिखाया और मध्यरात्रि को उनके पास फोन करके धमकी दी। शिक्षिका का आरोप कि बीईओ ने उनके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। चुनाव ड्यूटी का पारितोषिक भी वंचित रखा। शिक्षिका ने बताया कि 28 और 29 अप्रैल को उन्होंने अपनी उपस्थिति भी दर्ज कराई थी। लेकिन उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और रातों की नींद उड़ाने की धमकी दी।
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उच्चाधिकारियों से की थी शिकायत
शिक्षिका ने पूरे मामले में उच्चाधिकारियों के साथ महिला आयोग से शिकायत की थी और फिर इस मामले में जांच हुई। बीएसए ने बताया कि जांच रिपोर्ट को शासन में भेजा गया तो वहां से एबीएसए नरेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर कर मेरठ जेडी कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
एबीएसए के खिलाफ तहरीर
शिक्षिका शिखा सोलंकी ने खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार के खिलाफ गौतमबुद्धनगर की कासना कोतवाली में तहरीर दी है। इसमें उन्होंने उक्त सभी आरोपों को लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिक्षिका ने बताया कि एबीएसए के अभद्र व्यवहार से उनके मान सम्मान को ठेस पहुंची है।
शिक्षकों ने एबीएसए के खिलाफ खोला मोर्चा
एबीएसए नरेंद्र कुमार के व्यवहार से शिक्षक संघ भी परेशान है। काफी समय से उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने एबीएसए के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। जिलाध्यक्ष सुरेंद यादव ने बताया कि एबीएसए का व्यवहार बहुत गलत है, शिक्षकों से वह अभद्रता करते हैं। महिलाओं को भी धमकी देते हैं। उन्होंने शासन से मांग की है कि एबीएसए को बुलंदशहर जिले में अब ना भेजा जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह डीएम को ज्ञापन सौपेंगे।
एबीएसए की शिकायत मिली थी। इस मामले में शासन स्तर पर निलंबन की कार्रवाई हुई है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी तो वहां से एबीएसए को निलंबित कर दिया गया है। एबीएसए को इसके बारे में काफी समझाया गया था। एबीएसए को मेरठ जेडी कार्यालय से अटैच कर दिया गया है।
अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
शिक्षिका ने जो आरोप लगाए हैं वह गलत हैं। मैं जांच कराने के लिए तैयार हूं। शिक्षिका को केवल ड्यूटी के लिए बोला गया था। शासन स्तर पर मैं भी अपना पक्ष रखूंगा।
नरेंद्र सिंह, एबीएसए।
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बुलंदशहर। पंचायत चुनावों में ड्यूटी के दौरान एक शिक्षिका को लखावटी एबीएसए द्वारा धमकाना और अभद्र व्यवहार करना भारी पड़ गया। शिक्षिका की शिकायत का महिला आयोग ने संज्ञान लेकर डीएम को जांच के आदेश दिए। मामले की जांच कराई गई तो आरोप सही मिले। शासन ने एबीएसए को सस्पेंड कर मेरठ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। शिक्षिका ने एबीएसए के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के कासना थाने में भी तहरीर दी है। पूर्व में भी जिला व्यायाम शिक्षक और एबीएसए के बीच मारपीट हुई थी। एबीएसए को तब भी सस्पेंड किया गया था।
एबीएसए पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार का शुरू से ही विवादों से नाता रहा है। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को सस्पेंड करने के नाम पर अवैध वसूली और उनसे अभद्रता करने के आरोप उन पर लगते रहे हैं। मौजूदा समय में उन पर लखावटी ब्लॉक का चार्ज था।
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यह है पूरा मामला
सिकंदराबाद ब्लॉक के गांव फरीदपुर परिषदीय स्कूल की शिक्षिका शिखा सोलंकी ने बताया कि पंचायत चुनाव में उनकी ड्यूटी थी। सेक्टर मजिस्ट्रेट एबीएसए नरेंद्र कुमार ने उन्हें अनुपस्थित दिखाया और मध्यरात्रि को उनके पास फोन करके धमकी दी। शिक्षिका का आरोप कि बीईओ ने उनके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। चुनाव ड्यूटी का पारितोषिक भी वंचित रखा। शिक्षिका ने बताया कि 28 और 29 अप्रैल को उन्होंने अपनी उपस्थिति भी दर्ज कराई थी। लेकिन उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और रातों की नींद उड़ाने की धमकी दी।
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उच्चाधिकारियों से की थी शिकायत
शिक्षिका ने पूरे मामले में उच्चाधिकारियों के साथ महिला आयोग से शिकायत की थी और फिर इस मामले में जांच हुई। बीएसए ने बताया कि जांच रिपोर्ट को शासन में भेजा गया तो वहां से एबीएसए नरेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर कर मेरठ जेडी कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
एबीएसए के खिलाफ तहरीर
शिक्षिका शिखा सोलंकी ने खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार के खिलाफ गौतमबुद्धनगर की कासना कोतवाली में तहरीर दी है। इसमें उन्होंने उक्त सभी आरोपों को लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिक्षिका ने बताया कि एबीएसए के अभद्र व्यवहार से उनके मान सम्मान को ठेस पहुंची है।
शिक्षकों ने एबीएसए के खिलाफ खोला मोर्चा
एबीएसए नरेंद्र कुमार के व्यवहार से शिक्षक संघ भी परेशान है। काफी समय से उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने एबीएसए के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। जिलाध्यक्ष सुरेंद यादव ने बताया कि एबीएसए का व्यवहार बहुत गलत है, शिक्षकों से वह अभद्रता करते हैं। महिलाओं को भी धमकी देते हैं। उन्होंने शासन से मांग की है कि एबीएसए को बुलंदशहर जिले में अब ना भेजा जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह डीएम को ज्ञापन सौपेंगे।
एबीएसए की शिकायत मिली थी। इस मामले में शासन स्तर पर निलंबन की कार्रवाई हुई है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी तो वहां से एबीएसए को निलंबित कर दिया गया है। एबीएसए को इसके बारे में काफी समझाया गया था। एबीएसए को मेरठ जेडी कार्यालय से अटैच कर दिया गया है।
अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
शिक्षिका ने जो आरोप लगाए हैं वह गलत हैं। मैं जांच कराने के लिए तैयार हूं। शिक्षिका को केवल ड्यूटी के लिए बोला गया था। शासन स्तर पर मैं भी अपना पक्ष रखूंगा।
नरेंद्र सिंह, एबीएसए।