{"_id":"6950136f381fa8189609ab94","slug":"a-procession-was-taken-out-and-the-sacrifice-of-guru-gobind-singh-and-the-sahibzadas-was-paid-homage-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-146059-2025-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: निकाला पथ संचलन, गुरु गोविंद सिंह व साहिबजादों के बलिदान को किया नमन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: निकाला पथ संचलन, गुरु गोविंद सिंह व साहिबजादों के बलिदान को किया नमन
विज्ञापन
जहांगीराबाद में निकले गए पथ संचलन में शामिल स्वयं सेवक। संवाद
जहांगीराबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह और उनके साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान की स्मृति में पथ संचलन निकाला गया। पथ संचलन टाउन स्कूल से शुरू होकर सरदारगंज, दरबार बैंड वाली गली, सब्जी मंडी चौराहा और पुख्ता बाजार से होता हुए पुनः टाउन स्कूल पर संपन्न हुआ। इस दौरान नगरवासियों ने स्वयंसेवकों पर जगह-जगह पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम में बुलंदशहर विभाग के सह प्रचार प्रमुख अखंड प्रताप सिंह ने बौद्धिक दिया। मुख्य वक्ता नगर संघचालक अनिल गोयल ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह और उनके साथियों को मुगल सेना ने घेर लिया था, लेकिन संख्या में कम होने के बावजूद सिखों ने अद्भुत शौर्य और वीरता का परिचय दिया। कहा कि गुरु गोविंद सिंह के बड़े पुत्र साहिबजादे अजीत सिंह और साहिबजादे जुझार सिंह ने धर्म और सत्य की रक्षा करते हुए युद्ध में वीरगति प्राप्त की।
वहीं छोटे साहिबजादे साहिबजादा जोरावर सिंह (9 वर्ष) और साहिबजादा फतेह सिंह (7 वर्ष) को धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया, लेकिन उन्होंने अपने विश्वास से समझौता नहीं किया और जिंदा दीवार में चुनवा दिए गए। 26 दिसंबर का दिन इतिहास में उनके महान बलिदान के रूप में स्मरण किया जाता है। मंच संचालन अवजीत कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर सह जिला कार्यवाह पिंटू चौधरी, नगर सह संघचालक रवि शास्त्री, नगर कार्यवाह प्रदीप गोयल, नगर सह कार्यवाह प्रताप जी, नगर संपर्क राजू लोधी, व्यवस्था प्रमुख पुनीत शर्मा, शाखा मुख्य शिक्षक प्रत्यूष आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम में बुलंदशहर विभाग के सह प्रचार प्रमुख अखंड प्रताप सिंह ने बौद्धिक दिया। मुख्य वक्ता नगर संघचालक अनिल गोयल ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह और उनके साथियों को मुगल सेना ने घेर लिया था, लेकिन संख्या में कम होने के बावजूद सिखों ने अद्भुत शौर्य और वीरता का परिचय दिया। कहा कि गुरु गोविंद सिंह के बड़े पुत्र साहिबजादे अजीत सिंह और साहिबजादे जुझार सिंह ने धर्म और सत्य की रक्षा करते हुए युद्ध में वीरगति प्राप्त की।
विज्ञापन
वहीं छोटे साहिबजादे साहिबजादा जोरावर सिंह (9 वर्ष) और साहिबजादा फतेह सिंह (7 वर्ष) को धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया, लेकिन उन्होंने अपने विश्वास से समझौता नहीं किया और जिंदा दीवार में चुनवा दिए गए। 26 दिसंबर का दिन इतिहास में उनके महान बलिदान के रूप में स्मरण किया जाता है। मंच संचालन अवजीत कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर सह जिला कार्यवाह पिंटू चौधरी, नगर सह संघचालक रवि शास्त्री, नगर कार्यवाह प्रदीप गोयल, नगर सह कार्यवाह प्रताप जी, नगर संपर्क राजू लोधी, व्यवस्था प्रमुख पुनीत शर्मा, शाखा मुख्य शिक्षक प्रत्यूष आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन