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Bulandshahar News: 10 साल की बच्ची में खसरे की पुष्टि, अतिरिक्त खुराक के लिए लगा शिविर
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बुलंदशहर। अगौता क्षेत्र के एक गांव में 10 वर्षीय बच्ची में खसरे (मीजल्स) की पुष्टि हुई है। शुक्रवार को गांव में टीम ने पहुंचकर अतिरिक्त खुराक लगाने के लिए शिविर लगाया। शिविर में नौ माह से पांच साल तक के 134 बच्चों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खसरा व रुबेला से बचाव का टीकाकरण किया। साथ ही टीकाकरण से छूटे बच्चों के परिजनों से समय पर टीका लगवाने की अपील की।
खसरा और रूबेला दोनों ही संक्रामक वायरल बीमारियां है, यह संक्रामक रोग एक प्रभावित के खांसने या छींकने से दूसरों में तेजी से फैलता है। अगौता क्षेत्र के गांव अकबरपुर रैना निवासी सोहनवीर की 10 वर्षीय पुत्री युक्ति के शरीर पर दाने और बुखार होने पर परिजनों ने 19 दिसंबर को सीएचसी अगौता में दिखाया। जहां चिकित्सकों ने लक्षण के आधार पर बच्ची में खसरे के लक्षण होने पर उच्च अफसरों को मामले की जानकारी दी और बच्ची का सैंपल लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि के लिए एनसीडीसी लैब दिल्ली जांच को भेजा।
लैब से बच्ची में खसरा संक्रमण की पुष्टि हुई। जिसकी रिपोर्ट 29 दिसंबर को जिला मुख्यालय आने पर वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) की टीम ने आबादी का सर्वे कर नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को चिन्हित किया। अब इन सभी को एमआर का अतिरिक्त टीका लगाया जा रहा है। शुक्रवार को टीम ने बच्ची के घर जाकर मोहल्ले के लोगों को बीमारी से बचाव की जानकारी दी। साथ ही गांव में शिविर लगाकर 134 बच्चों को एमआर की अतिरिक्त खुराक लगाई गई।
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खसरे का एक मरीज मिलने पर अगौता क्षेत्र के गांव अकबरपुर रैना में शुक्रवार को शिविर लगाकर नौ माह से पांच साल तक के 134 बच्चों को अतिरिक्त खुराक लगाई गई। यह शिविर एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से लगाया। अगर कोई बच्चा टीकाकरण से वंचित रहा गया है तो अभिभावक तुरंत टीका लगवा दें। - डॉ. सुनील कुमार, प्रभारी सीएमओ
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खसरा और रूबेला दोनों ही संक्रामक वायरल बीमारियां है, यह संक्रामक रोग एक प्रभावित के खांसने या छींकने से दूसरों में तेजी से फैलता है। अगौता क्षेत्र के गांव अकबरपुर रैना निवासी सोहनवीर की 10 वर्षीय पुत्री युक्ति के शरीर पर दाने और बुखार होने पर परिजनों ने 19 दिसंबर को सीएचसी अगौता में दिखाया। जहां चिकित्सकों ने लक्षण के आधार पर बच्ची में खसरे के लक्षण होने पर उच्च अफसरों को मामले की जानकारी दी और बच्ची का सैंपल लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि के लिए एनसीडीसी लैब दिल्ली जांच को भेजा।
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लैब से बच्ची में खसरा संक्रमण की पुष्टि हुई। जिसकी रिपोर्ट 29 दिसंबर को जिला मुख्यालय आने पर वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) की टीम ने आबादी का सर्वे कर नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को चिन्हित किया। अब इन सभी को एमआर का अतिरिक्त टीका लगाया जा रहा है। शुक्रवार को टीम ने बच्ची के घर जाकर मोहल्ले के लोगों को बीमारी से बचाव की जानकारी दी। साथ ही गांव में शिविर लगाकर 134 बच्चों को एमआर की अतिरिक्त खुराक लगाई गई।
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खसरे का एक मरीज मिलने पर अगौता क्षेत्र के गांव अकबरपुर रैना में शुक्रवार को शिविर लगाकर नौ माह से पांच साल तक के 134 बच्चों को अतिरिक्त खुराक लगाई गई। यह शिविर एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से लगाया। अगर कोई बच्चा टीकाकरण से वंचित रहा गया है तो अभिभावक तुरंत टीका लगवा दें। - डॉ. सुनील कुमार, प्रभारी सीएमओ