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बंदरों से बचने को छत से कूदा, मौत पर हंगामा
Bulandshahr
Updated Sun, 01 Jun 2014 05:38 AM IST
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खुर्जा। कोतवाली क्षेत्र के गांव मूड़ाखेड़ा में बंदरों के आंतक से ग्रामीणों में दहशत है। शनिवार सुबह छत पर सो रहे अधेड़ पर जब बंदरों ने चारों तरफ से हमला कर दिया तो अधेड़ जान बचाने क लिए छत से कूद गया, जिससे वह गंभीर रूप्ा से घायल हो गया। आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल ले गए लेकिन रास्ते में ही अधेड़ की मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मूड़ाखेड़ा मार्ग पर जाम लगा कर प्रशासन से बंदरों को पकड़ने की मांग की।
परिजनों के अनुसार मूड़ाखेड़ा निवासी अधेड़ साबुद्दीन (48) शनिवार सुबह छत पर सो रहा था। इसी दौरान साबुद्दीन पर बंदरों ने हमला कर दिया। बुरी तरह घायल साबुद्दीन ने बंदरों के खौफ से बचने के लिए छत से छलांग लगा दी। जिससे वह बुरी तहर जख्मी हो गया। परिजन आनन-फानन में साबुद्दीन को लेकर बुंलदशहर सरकारी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साबुद्दीन की मौत से परिजनों ने कोहराम मच गया है। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार बंदरों को पकड़वाने की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने मूड़ाखेड़ा रोड पर जाम लगा दिया और हंगामा शुरू कर िदया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा कर शांत कराया। इस मौके पर नाजिम, दिलशाद, अंसार, पप्पू, कलुआ, शौकीन, शमशाद, इरशाद, काले खां, अयय्बू, मोइन, सलमान मौजूद रहे। परिजनो ने वृद्ध का शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है। आरोप है कि इससे पूर्व एक सप्ताह के भीतर बंदरों के हमले में लगभग आधा दर्जन ग्रामीण घायल हो चुके है। घायलों में राधा, जंयवती, आसिफ और सुधीर है।
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परिजनों के अनुसार मूड़ाखेड़ा निवासी अधेड़ साबुद्दीन (48) शनिवार सुबह छत पर सो रहा था। इसी दौरान साबुद्दीन पर बंदरों ने हमला कर दिया। बुरी तरह घायल साबुद्दीन ने बंदरों के खौफ से बचने के लिए छत से छलांग लगा दी। जिससे वह बुरी तहर जख्मी हो गया। परिजन आनन-फानन में साबुद्दीन को लेकर बुंलदशहर सरकारी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साबुद्दीन की मौत से परिजनों ने कोहराम मच गया है। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार बंदरों को पकड़वाने की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने मूड़ाखेड़ा रोड पर जाम लगा दिया और हंगामा शुरू कर िदया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा कर शांत कराया। इस मौके पर नाजिम, दिलशाद, अंसार, पप्पू, कलुआ, शौकीन, शमशाद, इरशाद, काले खां, अयय्बू, मोइन, सलमान मौजूद रहे। परिजनो ने वृद्ध का शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है। आरोप है कि इससे पूर्व एक सप्ताह के भीतर बंदरों के हमले में लगभग आधा दर्जन ग्रामीण घायल हो चुके है। घायलों में राधा, जंयवती, आसिफ और सुधीर है।
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