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साहब.. पुलिस की सतर्कता से धुला गोकशी का कलंक
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साहब.. पुलिस की सतर्कता से धुला गोकशी का कलंक
बुलंदशहर। स्याना के गांव महाब में हुई गोकशी चिंगरावठी बवाल का मुख्य कारण बनी थी। मामले में पुलिस ने बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की तहरीर पर नामजद सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जिनमें दो के नाम फर्जी पाए गए थे। इसके अलावा पांच दिसंबर की शाम को पुलिस ने गोकशी के आरोप में स्याना निवासी सरफुद्दीन, अहमदगढ़ के गांव खैलिया निवासी बन्ने खां, औरंगाबाद निवासी आसिफ व एक अन्य आरोपी साजिद को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। मामले में बीते दिनों पुलिस ने जब तीन गोकशों को गिरफ्तार किया तो सामने आया कि पूर्व में जेल भेजे गए चारों आरोपी निर्दोष हैं। जिन्हें बृहस्पतिवार देर रात जेल से रिहा कर दिया गया था। शनिवार को अमर उजाला से बातचीत में पीड़ितों ने अपना दर्द बयां किया। जबकि, साजिद व उसके परिजनों से संपर्क नहीं हो सका।
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पांच दिसंबर की सुबह पूछताछ के लिए ले गई थी पुलिस
अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के गांव खैलिया कल्याणपुर निवासी बन्ने खां ने शनिवार को बातचीत के दौरान बताया कि बीते पांच दिसंबर की सुबह तीन बजे पुलिस उसे घर से अहमदगढ़ थाना ले गई थी। जहां से सुबह आठ बजे उसे स्याना ले जाया गया और पूछने पर केवल बताया गया कि कुछ पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया जाएगा। लेकिन, पुलिस ने स्याना ले जाकर मारपीट की और पांच दिसंबर की शाम को गोकशी मामले में चालान कर दिया।
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बेगुनाह थे साहब, बेवजह फंसाया था
स्याना निवासी सरफुद्दीन को भी पुलिस ने गोकशी में जेल भेजा था। जेल से छूटने और निर्दोष होने पर उसके घर में खुशी का माहौल है। बातचीत के दौरान सरफुद्दीन ने बताया कि वह बुलंदशहर में चल रहे इज्तमे में शामिल होने के लिए गया था। चार दिसंबर को उसे गोकशी की घटना में नामजद आरोपी होने की जानकारी मिली तो वह अवाक रह गया। पांच दिसंबर को उसे स्याना कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। कहा कि उसे न्याय मिल गया व सच्चाई की भी जीत हुई है। निष्पक्ष जांच हुई जिससे उसे नई जिदंगी मिली है।
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पुलिस ने बचा दी जिंदगी
औरंगाबाद थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवक आसिफ को स्याना पुलिस ने गोकशी के मामले में जेल भेज दिया था। शनिवार को आसिफ के भाई आस मोहम्मद ने बताया कि गोकशी के आरोप में जेल गए छोटे भाई को अब इंसाफ मिल गया है। पुलिस की सतर्कता से गोकशी का जो कलंक लगा था वह अब पूरी तरह से धुल गया है। सोमवार को आसिफ मुंबई के लिये रवाना हो जाएगा। बता दें कि आसिफ मुंबई में रहकर घड़ी बेचने का काम करता है।
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बुलंदशहर। स्याना के गांव महाब में हुई गोकशी चिंगरावठी बवाल का मुख्य कारण बनी थी। मामले में पुलिस ने बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की तहरीर पर नामजद सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जिनमें दो के नाम फर्जी पाए गए थे। इसके अलावा पांच दिसंबर की शाम को पुलिस ने गोकशी के आरोप में स्याना निवासी सरफुद्दीन, अहमदगढ़ के गांव खैलिया निवासी बन्ने खां, औरंगाबाद निवासी आसिफ व एक अन्य आरोपी साजिद को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। मामले में बीते दिनों पुलिस ने जब तीन गोकशों को गिरफ्तार किया तो सामने आया कि पूर्व में जेल भेजे गए चारों आरोपी निर्दोष हैं। जिन्हें बृहस्पतिवार देर रात जेल से रिहा कर दिया गया था। शनिवार को अमर उजाला से बातचीत में पीड़ितों ने अपना दर्द बयां किया। जबकि, साजिद व उसके परिजनों से संपर्क नहीं हो सका।
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पांच दिसंबर की सुबह पूछताछ के लिए ले गई थी पुलिस
अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के गांव खैलिया कल्याणपुर निवासी बन्ने खां ने शनिवार को बातचीत के दौरान बताया कि बीते पांच दिसंबर की सुबह तीन बजे पुलिस उसे घर से अहमदगढ़ थाना ले गई थी। जहां से सुबह आठ बजे उसे स्याना ले जाया गया और पूछने पर केवल बताया गया कि कुछ पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया जाएगा। लेकिन, पुलिस ने स्याना ले जाकर मारपीट की और पांच दिसंबर की शाम को गोकशी मामले में चालान कर दिया।
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बेगुनाह थे साहब, बेवजह फंसाया था
स्याना निवासी सरफुद्दीन को भी पुलिस ने गोकशी में जेल भेजा था। जेल से छूटने और निर्दोष होने पर उसके घर में खुशी का माहौल है। बातचीत के दौरान सरफुद्दीन ने बताया कि वह बुलंदशहर में चल रहे इज्तमे में शामिल होने के लिए गया था। चार दिसंबर को उसे गोकशी की घटना में नामजद आरोपी होने की जानकारी मिली तो वह अवाक रह गया। पांच दिसंबर को उसे स्याना कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। कहा कि उसे न्याय मिल गया व सच्चाई की भी जीत हुई है। निष्पक्ष जांच हुई जिससे उसे नई जिदंगी मिली है।
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पुलिस ने बचा दी जिंदगी
औरंगाबाद थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवक आसिफ को स्याना पुलिस ने गोकशी के मामले में जेल भेज दिया था। शनिवार को आसिफ के भाई आस मोहम्मद ने बताया कि गोकशी के आरोप में जेल गए छोटे भाई को अब इंसाफ मिल गया है। पुलिस की सतर्कता से गोकशी का जो कलंक लगा था वह अब पूरी तरह से धुल गया है। सोमवार को आसिफ मुंबई के लिये रवाना हो जाएगा। बता दें कि आसिफ मुंबई में रहकर घड़ी बेचने का काम करता है।
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