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किसानों को हिरासत में लेकर शुरू कराया टीएचडीसी का काम
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:33 PM IST
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किसानों को हिरासत में लेकर शुरू कराया टीएचडीसी का काम
- धरने पर बैठे 50 किसानों को पकड़कर बुलंदशहर पुलिस लाइन ले गई पुलिस
- कार्रवाई के विरोध में किसानों ने किया जमकर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
खुर्जा। पिछले नौ दिन से टीएचडीसी प्लांट का काम रोककर धरने पर बैठे किसानों को पुलिस प्रशासन ने बृहस्पतिवार को हटाकर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया। पुलिस ने करीब 50 महिला-पुरुष किसानों को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई से धरने पर बैठे किसानों में अफरातफरी मच गई। भड़के किसानों ने चामड़ मंदिर पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि अब वह उग्र आंदोलन करेंगे।
अरनिया क्षेत्र के गांव जहानपुर, ऊंचागांव, रुकनपुर, दशहरा और दशहरी की लगभग 1250 एकड़ भूमि को थर्मल पॉवर प्लांट बनाने के लिए अधिग्रहित किया गया है। इसमें अधिकांश किसान 721 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा ले चुके हैं। किसान पिछले काफी समय से सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे की मांग करते हुए धरने पर बैठे हैं। शासन-प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई न होने पर किसानों ने 2 जुलाई को प्लांट का काम रोक दिया था। उस दौरान तत्कालीन एसडीएम ऋतु पुनिया ने डीएम से वार्ता कराकर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर किसानों ने फिर से 11 जुलाई को प्लांट का निर्माण कार्य रोक दिया। अधिकारियों के समझाने के बाद भी किसान माने नहीं और पिछले 9 दिनों से प्लांट का काम रोक रखा था। बृहस्पतिवार सुबह करीब 10.30 बजे प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और बल प्रयोग करते हुए किसानों को हटाना शुरू कर दिया। कार्रवाई से किसानों में अफरातफरी मच गई। इस दौरान पुलिस से किसानों की नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने करीब 50 से अधिक महिला-पुरुष किसानों को हिरासत में ले लिया और गाड़ी में भरकर बुलंदशहर पुलिस लाइन ले गई। जानकारी होने पर चामड़ मंदिर पर बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हो गए और प्रशासन के खिलाफ हंगामा करने लगे। किसानों ने कहा कि शासन-प्रशासन अगर जबर्दस्ती करेगा तो अब किसान उग्र आंदोलन करेंगे। मुआवजा लिए बिना वह किसी भी हाल में काम नहीं होने देंगे।
भाकियू ने खोला मोर्चा, पूरे मंडल में 22 से आंदोलन
टीएचडीसी प्लांट का काम रोककर बैठे किसानों के समर्थन में भाकियू कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। किसानों को धरने से हटाने के विरोध में भाकियू पदाधिकारियों ने पूरे मंडल में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। भारतीय किसान यूनियन मेरठ मंडल अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि पुलिस द्वारा धरने पर बैठे किसानों के साथ हुई उत्पीड़न की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसान प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता करने की बात काफी समय से कह रहे हैं। बावजूद इसके किसानों के साथ प्रशासन ने वार्ता करना मुनासिब नहीं समझा। घटना के विरोध में 22 जुलाई से मेरठ मंडल में किसानों द्वारा आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जानकारी दे दी गई है। ब्यूरो
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हिरासत में भी किसानों ने पुलिस लाइन में किया प्रदर्शन
- 40 को मुचलका पाबंद व 35 को चेतावनी देकर छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। खुर्जा के अरनिया क्षेत्र में टीएचडीसी के लिए अधिग्रहीत जमीन का बढ़ा मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे 75 किसानों को पुलिस बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन ले आई। शाम को पुलिस ने 40 किसानों को मुचलका पाबंद और 35 किसानों को हिदायत देकर छोड़ दिया। उधर, गिरफ्तारी देने के बाद किसानों और महिलाओं ने पुलिस लाइन में ही प्रदर्शन कर अधिगृहित जमीन का बढ़ा मुआवजा देने की मांग की। एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन ने बताया कि 40 किसानों को मुचलका पाबंद और 35 किसानों को चेतावनी देकर छोड़ा गया है।
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- धरने पर बैठे 50 किसानों को पकड़कर बुलंदशहर पुलिस लाइन ले गई पुलिस
- कार्रवाई के विरोध में किसानों ने किया जमकर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
खुर्जा। पिछले नौ दिन से टीएचडीसी प्लांट का काम रोककर धरने पर बैठे किसानों को पुलिस प्रशासन ने बृहस्पतिवार को हटाकर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया। पुलिस ने करीब 50 महिला-पुरुष किसानों को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई से धरने पर बैठे किसानों में अफरातफरी मच गई। भड़के किसानों ने चामड़ मंदिर पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि अब वह उग्र आंदोलन करेंगे।
अरनिया क्षेत्र के गांव जहानपुर, ऊंचागांव, रुकनपुर, दशहरा और दशहरी की लगभग 1250 एकड़ भूमि को थर्मल पॉवर प्लांट बनाने के लिए अधिग्रहित किया गया है। इसमें अधिकांश किसान 721 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा ले चुके हैं। किसान पिछले काफी समय से सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे की मांग करते हुए धरने पर बैठे हैं। शासन-प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई न होने पर किसानों ने 2 जुलाई को प्लांट का काम रोक दिया था। उस दौरान तत्कालीन एसडीएम ऋतु पुनिया ने डीएम से वार्ता कराकर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर किसानों ने फिर से 11 जुलाई को प्लांट का निर्माण कार्य रोक दिया। अधिकारियों के समझाने के बाद भी किसान माने नहीं और पिछले 9 दिनों से प्लांट का काम रोक रखा था। बृहस्पतिवार सुबह करीब 10.30 बजे प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और बल प्रयोग करते हुए किसानों को हटाना शुरू कर दिया। कार्रवाई से किसानों में अफरातफरी मच गई। इस दौरान पुलिस से किसानों की नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने करीब 50 से अधिक महिला-पुरुष किसानों को हिरासत में ले लिया और गाड़ी में भरकर बुलंदशहर पुलिस लाइन ले गई। जानकारी होने पर चामड़ मंदिर पर बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हो गए और प्रशासन के खिलाफ हंगामा करने लगे। किसानों ने कहा कि शासन-प्रशासन अगर जबर्दस्ती करेगा तो अब किसान उग्र आंदोलन करेंगे। मुआवजा लिए बिना वह किसी भी हाल में काम नहीं होने देंगे।
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भाकियू ने खोला मोर्चा, पूरे मंडल में 22 से आंदोलन
टीएचडीसी प्लांट का काम रोककर बैठे किसानों के समर्थन में भाकियू कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। किसानों को धरने से हटाने के विरोध में भाकियू पदाधिकारियों ने पूरे मंडल में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। भारतीय किसान यूनियन मेरठ मंडल अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि पुलिस द्वारा धरने पर बैठे किसानों के साथ हुई उत्पीड़न की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसान प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता करने की बात काफी समय से कह रहे हैं। बावजूद इसके किसानों के साथ प्रशासन ने वार्ता करना मुनासिब नहीं समझा। घटना के विरोध में 22 जुलाई से मेरठ मंडल में किसानों द्वारा आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जानकारी दे दी गई है। ब्यूरो
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हिरासत में भी किसानों ने पुलिस लाइन में किया प्रदर्शन
- 40 को मुचलका पाबंद व 35 को चेतावनी देकर छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। खुर्जा के अरनिया क्षेत्र में टीएचडीसी के लिए अधिग्रहीत जमीन का बढ़ा मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे 75 किसानों को पुलिस बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन ले आई। शाम को पुलिस ने 40 किसानों को मुचलका पाबंद और 35 किसानों को हिदायत देकर छोड़ दिया। उधर, गिरफ्तारी देने के बाद किसानों और महिलाओं ने पुलिस लाइन में ही प्रदर्शन कर अधिगृहित जमीन का बढ़ा मुआवजा देने की मांग की। एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन ने बताया कि 40 किसानों को मुचलका पाबंद और 35 किसानों को चेतावनी देकर छोड़ा गया है।