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Bulandshahar News: प्ले स्कूल की तर्ज पर बनेंगे 244 आंगनबाड़ी केंद्र
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बुलंदशहर। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जिले में 244 नए आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे। इनके निर्माण के लिए शासन ने विभाग को 29.28 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। एक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। खास बात है कि यह सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्ले स्कूल की तर्ज पर बनेंगे।
जिले में इस समय 3967 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन पर करीब 80 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। यहां पर छह वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों व महिलाओं को बाल विकास पुष्टाहार विभाग की योजनाओं का लाभ देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन होता है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर एक कार्यकर्ता और एक सहायिका की तैनाती है। इनकी जिम्मेदारी है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर छह वर्ष तक के बच्चों का स्व परीक्षण करें और आवश्यकतानुसार उन्हें शासन से मिलने वाली खाद्य सामग्री का लाभ प्रदान करें। इसके अलावा गर्भवती व धात्री महिलाओं की भी सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करने। तीन वर्ष से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर निशुल्क शिक्षा देने का भी प्रावधान है। यह सभी आंगनबाड़ी परिषदीय स्कूल या फिर पंचायत भवनों में संचालित हैं। वहीं, विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजकर जिले में 244 नए आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की जरूरत बताई थी। इस पर अब शासन ने प्रस्ताव पर मुहर लगाकर 244 नए आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए 29.28 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जल्द ही इनका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
इस तरह प्ले स्कूल की तर्ज पर बनेंगी नई आंगनबाड़ी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब शासन की मंशा आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित करने की है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेबी टॉयलेट बनेंगे। कमरों में थ्री-डी वॉल पेंटिंग कराई जाएगी। इसके अलावा गणित, हिंदी और अंग्रेजी के शब्द पेंट कराए जाएंगे। फल, जानवर, सब्जी आदि के चित्र बनाकर उनके नाम हिंदी, अंग्रेजी में लिखे जाएंगे। बच्चों के लिए खेलों का सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्रों पर पंखे, एलईडी बल्ब लगेंगे, फर्श बनाकर टाइल्स लगाई जाएंगी। मैत्रिक शौचालय बनेंगे, पीने को साफ पानी की व्यवस्था रहेगी। बच्चों के लिए 20-20 बेबी चेयर दी जाएंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका के लिए मेज, कुर्सी और अलमारी की व्यवस्था भी की जाएगी।
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जिले में बनने वाली नई आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए शासन से राशि मिल गई है। इनके निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द पूरी कर कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इनके संचालन से बच्चों को प्ले स्कूल की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी। - दीप्ति त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग।
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जिले में इस समय 3967 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन पर करीब 80 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। यहां पर छह वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों व महिलाओं को बाल विकास पुष्टाहार विभाग की योजनाओं का लाभ देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन होता है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर एक कार्यकर्ता और एक सहायिका की तैनाती है। इनकी जिम्मेदारी है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर छह वर्ष तक के बच्चों का स्व परीक्षण करें और आवश्यकतानुसार उन्हें शासन से मिलने वाली खाद्य सामग्री का लाभ प्रदान करें। इसके अलावा गर्भवती व धात्री महिलाओं की भी सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करने। तीन वर्ष से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर निशुल्क शिक्षा देने का भी प्रावधान है। यह सभी आंगनबाड़ी परिषदीय स्कूल या फिर पंचायत भवनों में संचालित हैं। वहीं, विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजकर जिले में 244 नए आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की जरूरत बताई थी। इस पर अब शासन ने प्रस्ताव पर मुहर लगाकर 244 नए आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए 29.28 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जल्द ही इनका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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इस तरह प्ले स्कूल की तर्ज पर बनेंगी नई आंगनबाड़ी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब शासन की मंशा आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित करने की है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेबी टॉयलेट बनेंगे। कमरों में थ्री-डी वॉल पेंटिंग कराई जाएगी। इसके अलावा गणित, हिंदी और अंग्रेजी के शब्द पेंट कराए जाएंगे। फल, जानवर, सब्जी आदि के चित्र बनाकर उनके नाम हिंदी, अंग्रेजी में लिखे जाएंगे। बच्चों के लिए खेलों का सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्रों पर पंखे, एलईडी बल्ब लगेंगे, फर्श बनाकर टाइल्स लगाई जाएंगी। मैत्रिक शौचालय बनेंगे, पीने को साफ पानी की व्यवस्था रहेगी। बच्चों के लिए 20-20 बेबी चेयर दी जाएंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका के लिए मेज, कुर्सी और अलमारी की व्यवस्था भी की जाएगी।
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जिले में बनने वाली नई आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए शासन से राशि मिल गई है। इनके निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द पूरी कर कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इनके संचालन से बच्चों को प्ले स्कूल की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी। - दीप्ति त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग।