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Bulandshahar News: 20 करोड़ से सुधरेगी औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों की हालत
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सिकंदराबाद। करोड़ों रुपये का मेंटिनेंस शुल्क हर साल देने के बाद भी वर्षों से औद्योगिक क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों के कारण परेशानी झेल रहे उद्यमियों के लिए अच्छी खबर है। यूपीसीडा 20 करोड़ की लागत से औद्योगिक क्षेत्र की खस्ताहाल सडक़ों की मरम्मत और आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य कराएगा। सडक़ों के निर्माण, मरम्मत से उद्यमियों के साथ ही फैक्टरियों में काम करने वाले कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।
वर्षों से औद्योगिक क्षेत्र की अधिकांश सड़कें खस्ताहाल हैं। सडक़ों में जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। जिससे औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियों में कच्चा माल लेकर आने वाले, तैयार माल को लेकर जाने वाले वाहन, सडक़ों से होकर गुजरने वाले वाहन चालक अक्सर फंसते रहते हैं। बारिश का पानी गड्ढों में भरने से हालात और खराब हो जाते हैं। जिससे सडक़ों पर चलना मुश्किल हो जाता है। खस्ताहाल सडक़ों से उड़ती धूल भी उद्यमियों, कर्मचारियों, सडक़ों से होकर गुजरने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती है।
औद्योगिक क्षेत्र से क्षेत्र के बहुत से गांवों का रास्ता भी होकर गुजरता है। सडक़ों के खस्ताहाल होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सालों से औद्योगिक एसोसिएशन, क्षेत्र के ग्रामीण सडक़ों के निर्माण की मांग करते चले आ रहे थे। सडक़ निर्माण की मांग को लेकर कई बार क्षेत्र के ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन भी किया लेकिन अब औद्योगिक क्षेत्र की सडक़ों के निर्माण और मरम्मत होने से लोगों को परेशानी से राहत मिल जाएगी।
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औद्योगिक क्षेत्र की सडक़ों की मरम्मत और निर्माण के लिए यूपीसीडा से 20 करोड़ रुपये का बजट पास हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही सडक़ों की मरम्मत और निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। - एनके जैन, सीनियर मैनेजर, यूपीसीडा
जिला प्रशासन, यूपीसीडा के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकों में वह औद्योगिक क्षेत्र की खस्ताहाल सडक़ों के निर्माण की मांग उठाते चले आ रहे थे। उनकी मांग पर यूपीसीडा ने सडक़ों के निर्माण और मरम्मत के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। - संदीप अग्रवाल, अध्यक्ष, सिकंदराबाद इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन
औद्योगिक क्षेत्र में संचालित होती हैं आठ सौ से अधिक इकाइयां
औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-बड़ी आठ सौ से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं। सभी इकाइयों में स्थानीय कर्मचारियों के अलावा अन्य जनपदों व अन्य प्रदेशों के करीब 40 से 45 हजार कर्मचारी कार्य करते हैं।
प्रमुख औद्योगिक इकाई
श्री सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, एडीएस डिस्टलरी, कजारिया टाईल्स, ओरियंट टाईल्स, गुडलक स्टील, एपीएल अपोलो पाइप, त्रिरूपति कंटेनर, यूपी ट्रेगा, आईपीएल, ब्रिटिश पेंट, बर्जर पेंट, शालीमार पेंट, हाईटेक केमिकल, आरएस इंफ्राटेक, विशाल ट्यूब,टरोपिकल आदि।
इन गांव का रास्ता औद्योगिक क्षेत्र से होकर जाता है
सांवली, हृदयपुर, राजारामपुर, गोपालपुर, धनपुरा, तिलबेगमपुर, तिलडेरी, तिल की मडैया, शेरपुर, रजपुरा, अंधेल,बिशनपुर, किशनपुर आदि।
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वर्षों से औद्योगिक क्षेत्र की अधिकांश सड़कें खस्ताहाल हैं। सडक़ों में जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। जिससे औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियों में कच्चा माल लेकर आने वाले, तैयार माल को लेकर जाने वाले वाहन, सडक़ों से होकर गुजरने वाले वाहन चालक अक्सर फंसते रहते हैं। बारिश का पानी गड्ढों में भरने से हालात और खराब हो जाते हैं। जिससे सडक़ों पर चलना मुश्किल हो जाता है। खस्ताहाल सडक़ों से उड़ती धूल भी उद्यमियों, कर्मचारियों, सडक़ों से होकर गुजरने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती है।
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औद्योगिक क्षेत्र से क्षेत्र के बहुत से गांवों का रास्ता भी होकर गुजरता है। सडक़ों के खस्ताहाल होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सालों से औद्योगिक एसोसिएशन, क्षेत्र के ग्रामीण सडक़ों के निर्माण की मांग करते चले आ रहे थे। सडक़ निर्माण की मांग को लेकर कई बार क्षेत्र के ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन भी किया लेकिन अब औद्योगिक क्षेत्र की सडक़ों के निर्माण और मरम्मत होने से लोगों को परेशानी से राहत मिल जाएगी।
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औद्योगिक क्षेत्र की सडक़ों की मरम्मत और निर्माण के लिए यूपीसीडा से 20 करोड़ रुपये का बजट पास हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही सडक़ों की मरम्मत और निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। - एनके जैन, सीनियर मैनेजर, यूपीसीडा
जिला प्रशासन, यूपीसीडा के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकों में वह औद्योगिक क्षेत्र की खस्ताहाल सडक़ों के निर्माण की मांग उठाते चले आ रहे थे। उनकी मांग पर यूपीसीडा ने सडक़ों के निर्माण और मरम्मत के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। - संदीप अग्रवाल, अध्यक्ष, सिकंदराबाद इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन
औद्योगिक क्षेत्र में संचालित होती हैं आठ सौ से अधिक इकाइयां
औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-बड़ी आठ सौ से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं। सभी इकाइयों में स्थानीय कर्मचारियों के अलावा अन्य जनपदों व अन्य प्रदेशों के करीब 40 से 45 हजार कर्मचारी कार्य करते हैं।
प्रमुख औद्योगिक इकाई
श्री सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, एडीएस डिस्टलरी, कजारिया टाईल्स, ओरियंट टाईल्स, गुडलक स्टील, एपीएल अपोलो पाइप, त्रिरूपति कंटेनर, यूपी ट्रेगा, आईपीएल, ब्रिटिश पेंट, बर्जर पेंट, शालीमार पेंट, हाईटेक केमिकल, आरएस इंफ्राटेक, विशाल ट्यूब,टरोपिकल आदि।
इन गांव का रास्ता औद्योगिक क्षेत्र से होकर जाता है
सांवली, हृदयपुर, राजारामपुर, गोपालपुर, धनपुरा, तिलबेगमपुर, तिलडेरी, तिल की मडैया, शेरपुर, रजपुरा, अंधेल,बिशनपुर, किशनपुर आदि।