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गोशालाओं में गोवंश को न हरा चारा और न सुरक्षा के इंतजाम
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अधिकारियों ने गोवंश आश्रय स्थलों का किया निरीक्षण
शिकारपुर । अमर उजाला में गोवंश की दुर्दशा को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद तहसील प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीउम और तहसीलदार ने तहसील क्षेत्र स्थित गोवंश आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया।
सोमवार की रात तहसीलदार मलखान सिंह ने क्षेत्र के मीरापुर, हजरतपुर, दरवेशपुर, खैलिया कल्यानपुर, सूजापुर पूठा गांव स्थित गोवंश आश्रय स्थलों का औचक निरीक्षण किया। मीरापुर गौशाला में 15 गोवंश बंधे मिले। जिनके बांधने के लिए कोठरी बनवाई गई थी। जिसमें अधिक से अधिक 10 पशु बांधे जा सकते थे। गौशाला के चारों ओर पिलर लगाकर लोहे के सादा तार लगाए गए हैं। जो सुरक्षा की दृष्टि से कमजोर है। वहीं गौशाला में पशुओं को हरा चारा खिलाने की व्यवस्था नहीं की गई। गौशाला में प्रकाश की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। वहीं हजरतपुर स्थित गौशाला के निरीक्षण में 13 गोवंश खुले में बंधे हुए मिले। पशुओं को बांधने के लिए एक कोठरी बनी है। जिसमें अधिक से अधिक 8 पशु बांधे जा सकते हैं। दरवेशपुर स्थित गौशाला में 12 गोवंश छोटे टिन शेड में बंधे मिले। पशुओं को हरा चारा खाने की व्यवस्था नहीं मिली। खेलिया कल्यानपुर स्थित गौशाला के निरीक्षण के दौरान गौशाला में 36 गोवंश बंधे मिले। जिनमें से 15 पशु खुले में तथा शेष पशु कोठरी में बंधे पाए गये। पशुओं की संख्या के सापेक्ष कोठरी छोटी पाई गई। सूजापुर पूठा स्थित गौशाला में निरीक्षण के दौरान 7 गोवंश गौशाला के टिन शैड में बंधे पाए गए। तहसीलदार मलखान सिंह ने बताया कि अधिकांश गौशालाओं सुरक्षा के इंतजाम ठीक नहीं है। प्रकाश की व्यवस्था, पशुओं के लिये हरे चारे की व्यवस्था नहीं की गई है। पूरी व्यवस्था का दुरुस्त करने के लिए खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान को सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिसकी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है। वहीं एसडीएम पदम सिंह ने महमूदपुर और सूजापुर पूठा स्थित गौशाला का निरीक्षण किया। बताया कि महमूदपुर स्थित गौशाला का टिन शेड टूट गया है। जिसको एक दो दिन में ठीक कराने के लिए ब्लाक के अधिकारियों और ग्राम प्रधान को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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शिकारपुर । अमर उजाला में गोवंश की दुर्दशा को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद तहसील प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीउम और तहसीलदार ने तहसील क्षेत्र स्थित गोवंश आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया।
सोमवार की रात तहसीलदार मलखान सिंह ने क्षेत्र के मीरापुर, हजरतपुर, दरवेशपुर, खैलिया कल्यानपुर, सूजापुर पूठा गांव स्थित गोवंश आश्रय स्थलों का औचक निरीक्षण किया। मीरापुर गौशाला में 15 गोवंश बंधे मिले। जिनके बांधने के लिए कोठरी बनवाई गई थी। जिसमें अधिक से अधिक 10 पशु बांधे जा सकते थे। गौशाला के चारों ओर पिलर लगाकर लोहे के सादा तार लगाए गए हैं। जो सुरक्षा की दृष्टि से कमजोर है। वहीं गौशाला में पशुओं को हरा चारा खिलाने की व्यवस्था नहीं की गई। गौशाला में प्रकाश की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। वहीं हजरतपुर स्थित गौशाला के निरीक्षण में 13 गोवंश खुले में बंधे हुए मिले। पशुओं को बांधने के लिए एक कोठरी बनी है। जिसमें अधिक से अधिक 8 पशु बांधे जा सकते हैं। दरवेशपुर स्थित गौशाला में 12 गोवंश छोटे टिन शेड में बंधे मिले। पशुओं को हरा चारा खाने की व्यवस्था नहीं मिली। खेलिया कल्यानपुर स्थित गौशाला के निरीक्षण के दौरान गौशाला में 36 गोवंश बंधे मिले। जिनमें से 15 पशु खुले में तथा शेष पशु कोठरी में बंधे पाए गये। पशुओं की संख्या के सापेक्ष कोठरी छोटी पाई गई। सूजापुर पूठा स्थित गौशाला में निरीक्षण के दौरान 7 गोवंश गौशाला के टिन शैड में बंधे पाए गए। तहसीलदार मलखान सिंह ने बताया कि अधिकांश गौशालाओं सुरक्षा के इंतजाम ठीक नहीं है। प्रकाश की व्यवस्था, पशुओं के लिये हरे चारे की व्यवस्था नहीं की गई है। पूरी व्यवस्था का दुरुस्त करने के लिए खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान को सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिसकी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है। वहीं एसडीएम पदम सिंह ने महमूदपुर और सूजापुर पूठा स्थित गौशाला का निरीक्षण किया। बताया कि महमूदपुर स्थित गौशाला का टिन शेड टूट गया है। जिसको एक दो दिन में ठीक कराने के लिए ब्लाक के अधिकारियों और ग्राम प्रधान को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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