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भूख और प्यास से तीन दिन में छह गोवंश की मौत

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2019 11:20 PM IST
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गर्मी में प्यास से मर गए छह गोवंश
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औरंगाबाद। एक ओर जहां खुले आसमान के नीचे गोवंश तपिश का सामना करने को मजबूर हैं। वहीं, दूसरी ओर भूख और प्यास से मरने का सिलसिला नहीं रुक रहा। इनकी प्रशासनिक अफसर भी सुध नहीं ले रहे। इसी लापरवाही का नतीजा है कि औरंगाबाद स्थित निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल पर पिछले तीन दिन में भूख और प्यास से छह गोवंश की मौत हो गई। इससे अफसरों के दावों की एक बार फिर पोल खुल गई है।
बता दें कि गांव कौड़ा शमशाद मार्ग पर बत्तो वाली झोपड़ी स्थित नगर पंचायत औरंगाबाद की अस्थाई गोशाला है। गोशाला में गोवंशों के लिए चारा तक नहीं है। इसके साथ ही पानी आदि की भी व्यवस्था नहीं है। गोवंश के लिए व्यवस्थाएं करने के लिए अफसरों ने भी अभी तक कोई सुध नहीं ली। इसी अनदेखी का नतीजा यह रहा कि पिछले तीन दिनों के भीतर छह गोवंशों की मौत हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इसके बावजूद भी नगर पालिका की ओर से खाने और पीने का उचित प्रबंध नहीं किया गया है। चर्चा यह भी है कि यहां पर गोवंशों की अधिक संख्या होने के कारण उनके बैठने की व्यवस्था नहीं है। गोवंश पूरे दिन भीषण गर्मी में खुले असमान के नीचे रहते हैं। नपा के अफसर शासन से धनराशि न मिलने का रोना रो रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि हर रोज यहां गोवंशों की मौत हो रही है। अफसरों को इनकी रोकथाम करनी चाहिए। वहीं, ईओ नगर पंचायत मुखत्यार सिंह ने बताया कि गोवंशों की मौत का मामला मेरी संज्ञान में नहीं है। मौके पर कर्मचारियों को भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। लखावटी के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत सिंह ने बताया कि जब तक छोटे-बड़े गोवंशों को अलग-अलग नहीं रखा जाएगा। तब तक यह समस्या बनी रहेगंी। उनके खाने-पीने की उचित व्यवस्था पर अलग-अलग इंतजाम करने होंगे। तभी गोवंशों को सुरक्षित बचाया जा सकता है। इस मामले में डीएम और ईओ को अवगत करा दिया गया है।
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डॉ. लक्ष्मी नारायण जिला पशु चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि गोवंश की मौत का मामला संज्ञान में है। यहां पर चारे आदि की व्यवस्था न होने का पता किया जाएगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। राशि जारी होने के बाद भी व्यवस्था न होना, संबंधित की लापरवाही उजागर हो रही है।
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