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एक समुदाय के विरोध के कारण नहीं निकली गांव में काली शोभायात्रा
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:56 AM IST
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एक समुदाय के विरोध के कारण नहीं निकली गई शोभायात्रा
डिबाई। तहसील क्षेत्र के गांव कसेरकलां में काली शोभायात्रा निकालने का एक समुदाय के लोगों ने विरोध कर दिया। शुक्रवार देर रात सूचना पर पहुंची पुलिस व प्रशासनिक टीमों ने मौके पर पहुंच कर दोनों पक्षों से बात कर मामले को शांत कराया। शनिवार को पुलिस ने गांव में शोभायात्रा नहीं निकलने दी और काली को दूसरे गांव में आयोजित मेले में शामिल होने के लिए बाइक से भेज दिया। गांव में तनाव के चलते पुलिस बल की तैनात की कर दी गई है। क्षेत्र के गांव कसेरकलां के मोहल्ला चामड़ निवासी श्रीसाईं महाकाली के उस्ताद पप्पू सिंह उर्फ ओमबाबा व धर्मवीर राजपूत ने बताया कि पास के गांव रतनपुर में शनिवार को रावण दहन कार्यक्रम था। मेले में गांव कसेरकलां काली अखाड़ा शामिल होने जाता है। काली स्वरूप चामड़ से खेलते हुए दर्शन के लिए प्रत्येक वर्ष काली मंदिर तक दर्शन को जाती है। उसके उपरांत काली स्वरूप रतनपुर के मेले में शामिल होती है। लेकिन, इस बार शुक्रवार को दूसरे समुदाय के लोगों ने काली शोभायात्रा निकालने का विरोध कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शुक्रवार देर शाम दोनों पक्षों में समझौता कराया। जिसके बाद शनिवार को पुलिस ने काली स्वरूप को बाइक से कड़ी सुरक्षा में रतनपुर मेले में शामिल होने के लिए भेज दिया। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। बुजुर्ग महिला शांती देवी, ओमवती आदि ने बताया कि उन्हें इस बात का दुख है कि वह काली स्वरूप के दर्शन नहीं कर सकीं। धर्मवीर, सुशील, मनोज सहित ग्रामीणों ने बताया की करीब ढाई सौ लोग मेले में शामिल होने गए हैं। वहीं, थाना प्रभारी ने बताया कि धारा 111 दंड प्रक्रिया के तहत विनीत गौड़ आदि व दूसरे पक्ष के साजिद के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने आदि धाराओं में चालान किया है। गांव में शांति है और एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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डिबाई। तहसील क्षेत्र के गांव कसेरकलां में काली शोभायात्रा निकालने का एक समुदाय के लोगों ने विरोध कर दिया। शुक्रवार देर रात सूचना पर पहुंची पुलिस व प्रशासनिक टीमों ने मौके पर पहुंच कर दोनों पक्षों से बात कर मामले को शांत कराया। शनिवार को पुलिस ने गांव में शोभायात्रा नहीं निकलने दी और काली को दूसरे गांव में आयोजित मेले में शामिल होने के लिए बाइक से भेज दिया। गांव में तनाव के चलते पुलिस बल की तैनात की कर दी गई है। क्षेत्र के गांव कसेरकलां के मोहल्ला चामड़ निवासी श्रीसाईं महाकाली के उस्ताद पप्पू सिंह उर्फ ओमबाबा व धर्मवीर राजपूत ने बताया कि पास के गांव रतनपुर में शनिवार को रावण दहन कार्यक्रम था। मेले में गांव कसेरकलां काली अखाड़ा शामिल होने जाता है। काली स्वरूप चामड़ से खेलते हुए दर्शन के लिए प्रत्येक वर्ष काली मंदिर तक दर्शन को जाती है। उसके उपरांत काली स्वरूप रतनपुर के मेले में शामिल होती है। लेकिन, इस बार शुक्रवार को दूसरे समुदाय के लोगों ने काली शोभायात्रा निकालने का विरोध कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शुक्रवार देर शाम दोनों पक्षों में समझौता कराया। जिसके बाद शनिवार को पुलिस ने काली स्वरूप को बाइक से कड़ी सुरक्षा में रतनपुर मेले में शामिल होने के लिए भेज दिया। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। बुजुर्ग महिला शांती देवी, ओमवती आदि ने बताया कि उन्हें इस बात का दुख है कि वह काली स्वरूप के दर्शन नहीं कर सकीं। धर्मवीर, सुशील, मनोज सहित ग्रामीणों ने बताया की करीब ढाई सौ लोग मेले में शामिल होने गए हैं। वहीं, थाना प्रभारी ने बताया कि धारा 111 दंड प्रक्रिया के तहत विनीत गौड़ आदि व दूसरे पक्ष के साजिद के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने आदि धाराओं में चालान किया है। गांव में शांति है और एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।