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अविश्वास प्रस्ताव के नाम पर खुलकर चल रहा सौदेबाजी का खेल
Updated Sat, 13 Oct 2018 11:56 PM IST
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अविश्वास प्रस्ताव लाकर ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में जमकर सौदेबाजी का खेल चल रहा है। इसका खुलासा खुद स्याना ब्लॉक प्रमुख ने किया है। ब्लॉक प्रमुख ने तीन सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए चुनाव के दौरान दो-दो लाख रुपये देने की बात कही है। ब्लॉक प्रमुख के अनुसार अब फिर अविश्वास प्रस्ताव न लाने के लिए सदस्य रुपयों की मांग कर रहे हैं।
स्याना ब्लॉक प्रमुख पद की कुर्सी के लिए इन दिनों घमासान मचा हुआ है। पहले सदस्यों द्वारा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, उसके बाद ब्लॉक प्रमुख द्वारा बहुमत होने का दावा करना और अब सदस्यों पर अवैध धनराशि मांगने का आरोप लगा है। भाजपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख पुष्पेन्द्र यादव ने आरोप लगाया है कि सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव न लाने के लिए उनसे दो-दो लाख रुपये लिए थे, और अब फिर से दो-दो लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। बहरहाल ब्लॉक प्रमुख के आरोपों के बाद यह साफ हो गया कि ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी हासिल करने के लिए धनबल का पूरा प्रयोग किया जा रहा है। ब्लॉक प्रमुख पुष्पेन्द्र यादव ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव के नाम पर बीडीसी सदस्य ब्लैकमेल कर रहे हैं। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
कुर्सी की उठा पटक के लिए होता है अविश्वास का खेल
ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी की उठापटक के लिए नेताजी विश्वास और अविश्वास का खेल खेलते हैं। कभी एक पक्ष तो कभी दूसरा पक्ष अपने पास बहुमत होने का दावा करता है। स्याना ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ पेश किया गया अविश्वास और फिर विश्वास इसका एक उदाहरण है।
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भाजपा समर्थित स्याना ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ गत दिनों 36 सदस्यों ने मिलकर डीएम को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। अविश्वास प्रस्ताव के बाद सत्ता पक्ष में हडक़ंप मच गया। जिसके बाद सदस्यों को एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू हुई। सदस्यों को एकत्रित करने का परिणाम यह हुआ कि कुछ सदस्यों ने गुलाटी मारी और 54 में से 35 सदस्यों ने ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को नकारते हुए शपथ पत्र दे दिए। सूत्रों के अनुसार जोड़ तोड़ की राजनीति के चलते अफसरों का समय बेवजह बर्बाद किया जाता है। जबकि जिले और प्रदेश के बड़े नेता या अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने से कतराते रहे हैं। डीपीआरओ अमरजीत सिंह ने बताया कि अविश्वास के बाद सत्ता पक्ष समर्थित ब्लॉक प्रमुख के शपथ पत्रों की जांच मिली है। जांच कर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। प्रकरण में भाजपा जिलाध्यक्ष से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।
बोले आरोपी सदस्य
ब्लॉक प्रमुख द्वारा जिन सदस्यों पर अवैध धनराशि की मांग का आरोप लगाया है, उन्होंने आरोपों को निराधार बताया है। बीडीसी सदस्य राजकुमार व अमित त्यागी ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में शपथ पत्र दिए जाने के चलते आरोप लगाए जा रहे हैं। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। वहीं, तीसरे बीडीसी सदस्य लोकेन्द्र से बात नहीं हो सकी।
स्याना ब्लॉक प्रमुख निर्दलीय चुनाव लड़े थे। उसके बाद वह भाजपा में शामिल हुए थे। वर्तमान में पुष्पेन्द्र यादव भाजपा समर्थित सदस्य हैं। - डीके शर्मा, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा
फिलहाल मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। - अनुज कुमार झा, डीएम
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स्याना ब्लॉक प्रमुख पद की कुर्सी के लिए इन दिनों घमासान मचा हुआ है। पहले सदस्यों द्वारा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, उसके बाद ब्लॉक प्रमुख द्वारा बहुमत होने का दावा करना और अब सदस्यों पर अवैध धनराशि मांगने का आरोप लगा है। भाजपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख पुष्पेन्द्र यादव ने आरोप लगाया है कि सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव न लाने के लिए उनसे दो-दो लाख रुपये लिए थे, और अब फिर से दो-दो लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। बहरहाल ब्लॉक प्रमुख के आरोपों के बाद यह साफ हो गया कि ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी हासिल करने के लिए धनबल का पूरा प्रयोग किया जा रहा है। ब्लॉक प्रमुख पुष्पेन्द्र यादव ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव के नाम पर बीडीसी सदस्य ब्लैकमेल कर रहे हैं। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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कुर्सी की उठा पटक के लिए होता है अविश्वास का खेल
ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी की उठापटक के लिए नेताजी विश्वास और अविश्वास का खेल खेलते हैं। कभी एक पक्ष तो कभी दूसरा पक्ष अपने पास बहुमत होने का दावा करता है। स्याना ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ पेश किया गया अविश्वास और फिर विश्वास इसका एक उदाहरण है।
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भाजपा समर्थित स्याना ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ गत दिनों 36 सदस्यों ने मिलकर डीएम को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। अविश्वास प्रस्ताव के बाद सत्ता पक्ष में हडक़ंप मच गया। जिसके बाद सदस्यों को एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू हुई। सदस्यों को एकत्रित करने का परिणाम यह हुआ कि कुछ सदस्यों ने गुलाटी मारी और 54 में से 35 सदस्यों ने ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को नकारते हुए शपथ पत्र दे दिए। सूत्रों के अनुसार जोड़ तोड़ की राजनीति के चलते अफसरों का समय बेवजह बर्बाद किया जाता है। जबकि जिले और प्रदेश के बड़े नेता या अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने से कतराते रहे हैं। डीपीआरओ अमरजीत सिंह ने बताया कि अविश्वास के बाद सत्ता पक्ष समर्थित ब्लॉक प्रमुख के शपथ पत्रों की जांच मिली है। जांच कर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। प्रकरण में भाजपा जिलाध्यक्ष से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।
बोले आरोपी सदस्य
ब्लॉक प्रमुख द्वारा जिन सदस्यों पर अवैध धनराशि की मांग का आरोप लगाया है, उन्होंने आरोपों को निराधार बताया है। बीडीसी सदस्य राजकुमार व अमित त्यागी ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में शपथ पत्र दिए जाने के चलते आरोप लगाए जा रहे हैं। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। वहीं, तीसरे बीडीसी सदस्य लोकेन्द्र से बात नहीं हो सकी।
स्याना ब्लॉक प्रमुख निर्दलीय चुनाव लड़े थे। उसके बाद वह भाजपा में शामिल हुए थे। वर्तमान में पुष्पेन्द्र यादव भाजपा समर्थित सदस्य हैं। - डीके शर्मा, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा
फिलहाल मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। - अनुज कुमार झा, डीएम