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अब दुधारु पशुओं का भी बनेगा ‘आधार’
Updated Wed, 03 Oct 2018 11:45 PM IST
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अब दुधारू पशुओं का भी बनेगा ‘आधार’
बुलंदशहर। पशुओं का संवर्धन और संरक्षण करने के लिए पशुपालकों को पशुपालन विभाग की ओर से 12 अंक वाले यूनिक टैग नंबर वाले नकुल आधार कार्ड दिए जाएंगे। एनिमल वेलफेयर प्रोग्राम के तहत संजीवनी पशु योजना में आधार कार्ड (नकुल) बनाए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि यूनिक नंबर मिलने से पशुओं का टीकाकरण से लेकर गर्भाधान तक का ब्योरा कंप्यूटर में एक क्लिक पर सामने आ जाएगा। जिले में करीब 14 लाख पशु हैं और इन सभी के यूनिक नंबर वाले नकुल आधार कार्ड बनाए जाएंगे। सभी पशुओं का अलग-अलग कार्ड होगा। इसके लिए शासन और पशु पालन विभाग से भी आदेश प्राप्त हो गया है। साथ ही जिला स्तर पर विभागीय अफसरों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। आदेश यह भी है कि यह काम इसी वर्ष नवंबर माह से शुरू होगा।
पशु के चोरी होने पर भी तुरंत लगेगा पता
यूनिक आइडी कार्ड जारी होने के बाद पशुओं के चोरी व गुम होने पर तुरंत पता लग सकेगा। यह आइडी पशु के कान में लगाई जाएगी, जिसमें 12 अंकों का कोड डाला गया है। इसमें पशु पालक और पशु की संपूर्ण जानकारी इंफॉर्मेशन नेटवर्क फॉर एनिमल प्रोडक्शन एंड हेल्थ (इनाफ) सॉफ्टवेयर में अपलोड की जाएगी। पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान, इलाज, उत्पादकता के आकलन के लिए रिकार्ड रहेगा। पशुओं का अनुवांशिक डाटा भी शामिल रहेगा।
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इस समय जिले में पशुओं को मुंहपका और खुरपका बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण चल रहा है। टीकाकरण के बाद नवंबर से नकुल पशु स्वास्थ्य आधार कार्ड बनाए जाएंगे। दिसंबर तक यह काम पूरा करना है। - डॉ. लक्ष्मी नारायण, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी, बुलंदशहर।
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बुलंदशहर। पशुओं का संवर्धन और संरक्षण करने के लिए पशुपालकों को पशुपालन विभाग की ओर से 12 अंक वाले यूनिक टैग नंबर वाले नकुल आधार कार्ड दिए जाएंगे। एनिमल वेलफेयर प्रोग्राम के तहत संजीवनी पशु योजना में आधार कार्ड (नकुल) बनाए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि यूनिक नंबर मिलने से पशुओं का टीकाकरण से लेकर गर्भाधान तक का ब्योरा कंप्यूटर में एक क्लिक पर सामने आ जाएगा। जिले में करीब 14 लाख पशु हैं और इन सभी के यूनिक नंबर वाले नकुल आधार कार्ड बनाए जाएंगे। सभी पशुओं का अलग-अलग कार्ड होगा। इसके लिए शासन और पशु पालन विभाग से भी आदेश प्राप्त हो गया है। साथ ही जिला स्तर पर विभागीय अफसरों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। आदेश यह भी है कि यह काम इसी वर्ष नवंबर माह से शुरू होगा।
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पशु के चोरी होने पर भी तुरंत लगेगा पता
यूनिक आइडी कार्ड जारी होने के बाद पशुओं के चोरी व गुम होने पर तुरंत पता लग सकेगा। यह आइडी पशु के कान में लगाई जाएगी, जिसमें 12 अंकों का कोड डाला गया है। इसमें पशु पालक और पशु की संपूर्ण जानकारी इंफॉर्मेशन नेटवर्क फॉर एनिमल प्रोडक्शन एंड हेल्थ (इनाफ) सॉफ्टवेयर में अपलोड की जाएगी। पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान, इलाज, उत्पादकता के आकलन के लिए रिकार्ड रहेगा। पशुओं का अनुवांशिक डाटा भी शामिल रहेगा।
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इस समय जिले में पशुओं को मुंहपका और खुरपका बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण चल रहा है। टीकाकरण के बाद नवंबर से नकुल पशु स्वास्थ्य आधार कार्ड बनाए जाएंगे। दिसंबर तक यह काम पूरा करना है। - डॉ. लक्ष्मी नारायण, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी, बुलंदशहर।