फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Beekeepers stung by high sugar prices.

Bulandshahar News: मधुमक्खी पालकों को लगा महंगी चीनी का डंक

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 10:56 PM IST
विज्ञापन
Beekeepers stung by high sugar prices.
मधु क्रांति बी फार्मर्स वेलफेयर सोसायटी जिलाध्यक्ष सईद सैफी।
बुगरासी। शहद उत्पादकों के कारोबार में चीनी की महंगाई ने कड़वाहट घोल दी है। उन्हें मधुमक्खियों की खुराक पर हर महीने के हिसाब से लगभग लगभग तीन लाख रुपये के खर्च में बढ़ोतरी हो गई है। बुलंदशहर जिले के बुगरासी क्षेत्र में 200 से अधिक मधुमक्खी पालक हैं।
विज्ञापन

उनके पास लगभग पांच हजार पेटियां हैं। हर रोज लगभग पांच क्विंटल और महीने में लगभग 150 क्विंटल चीनी की खपत होती है। चीनी के दाम 45 रुपये से अचानक 65 रुपये पहुंचने से हर महीने लगभग तीन लाख रुपये खर्च बढ़ गया है।
विज्ञापन

मधु क्रांति बी फार्मर्स वेलफेयर सोसायटी के जिलाध्यक्ष बुगरासी निवासी सईद सैफी ने बताया कि मौन (मधुमक्खी) पालन में जब प्राकृतिक रूप से फूलों से पर्याप्त रस और पराग उपलब्ध नहीं होता, तब मधुमक्खियों को चीनी और पानी का घोल देकर भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चीनी के दाम बढ़ने से मौन पेटियां रखने वालों को अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ रही है। सईद सैफी ने बताया कि चीनी के अलावा दवाओं, मजदूरी, परिवहन और रखरखाव का खर्च भी बढ़ा है। इसके चलते शहद उत्पादन की कुल लागत बढ़ी है लेकिन बाजार में शहद की कीमत उस अनुपात में नहीं बढ़ी है।
इससे उनका मुनाफा प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार त्योहारों को देखते हुए आने वाले समय में चीनी के रेट और बढ़ने की आशंका है। इसलिए सरकार और संबंधित विभागों को राहत के उपाय करने चाहिए।
प्राकृतिक आहार उपलब्ध होने पर मिल सकती है राहत
मौन पालन में प्राकृतिक फूलों और पराग की उपलब्धता अच्छी रहने पर कृत्रिम भोजन की जरूरत कम हो जाती है। फूलों की कमी वाले समय में चीनी का घोल देना जरूरी हो जाता है। इसलिए इस समय पालकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
इससे छोटे और मध्यम स्तर के पालकों के सामने कारोबार को लाभ में चलाए रखने की चुनौती और गंभीर हो जाएगी। शहद उत्पादकों को नवंबर से राहत मिलना शुरू हो जाएगी जब फसलों में फूल आने शुरू हो जाएंगे।
नए बॉक्स जोड़ने में जोखिम, छोड़ना पड़ सकता है कारोबार
हमने छोटे स्तर पर यह कारोबार शुरू किया था। मधुमक्खियों की खुराक का खर्च पहले से दोगुना हो गया है। बाजार में शहद के दाम उस हिसाब से नहीं बढ़े हैं। हमारा मुनाफा पूरी तरह खत्म हो गया है। - सरदार सिंह,
मौन पालक

महंगी चीनी के कारण नया बॉक्स जोड़ना या बॉक्स बढ़ाना जोखिम भरा लग रहा है। अगर यही हाल रहा तो कई युवाओं को यह व्यवसाय बीच में ही छोड़ना पड़ जाएगा। - अली मोहम्मद

हमारा पूरा परिवार इसी काम पर निर्भर है। चीनी महंगी होने से अब मधुमक्खियों की देखरेख का बजट बिगड़ गया है। सरकार को मौन पालकों के लिए सब्सिडी पर चीनी की व्यवस्था करनी चाहिए।

-अनिल मिस्त्री

मधु क्रांति बी फार्मर्स वेलफेयर सोसायटी जिलाध्यक्ष सईद सैफी।

मधु क्रांति बी फार्मर्स वेलफेयर सोसायटी जिलाध्यक्ष सईद सैफी।

मधु क्रांति बी फार्मर्स वेलफेयर सोसायटी जिलाध्यक्ष सईद सैफी।

मधु क्रांति बी फार्मर्स वेलफेयर सोसायटी जिलाध्यक्ष सईद सैफी।

मधु क्रांति बी फार्मर्स वेलफेयर सोसायटी जिलाध्यक्ष सईद सैफी।

मधु क्रांति बी फार्मर्स वेलफेयर सोसायटी जिलाध्यक्ष सईद सैफी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed