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पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र के दूध प्लांट पर बिजली विभाग का छापा
Updated Sat, 21 Jul 2018 10:45 PM IST
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पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र के दूध प्लांट पर बिजली विभाग का छापा
- 250 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी, संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
- विजिलेंस, बिजली विभाग और पुलिस फोर्स ने 10 घंटे तक की कार्रवाई, लखनऊ से हो रही थी निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर/शिकारपुर। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र के दूध प्लांट पर विजिलेंस, बिजली विभाग और पुलिस फोर्स ने शुक्रवार देर शाम छापेमारी की। इस दौरान टीम ने प्लांट में बीते 50 वर्षों के इतिहास में सबसे बड़ी 250 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी। पूरी रात चली कार्रवाई में अफसरों ने अवैध रूप से रखे दो ट्रांसफार्मर बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि सीधे 11 केवीए लाइन से तार जोड़कर बिजली चोरी की जा रही थी। पुलिस ने प्लांट संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
विजिलेंस जेई ओमप्रकाश बेदी ने बताया कि मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे पर जटपुरा के पास पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजकुमारी गिरी के पुत्र राहुल गिरी का मै. राजदीश फूड नाम से दूध प्लांट है। शुक्रवार देर शाम करीब 7 बजे बिजली विभाग के अफसरों, विजिलेंस और पुलिस फोर्स ने दूध प्लांट पर छापेमारी की। टीम ने प्लांट में घुसकर एक कमरे में अवैध रूप से रखे गए 160-160 केवीए को दो ट्रांसफार्मर पकड़ लिए। छानबीन में पता चला कि प्लांट के लिए 11 केवीए लाइन से अंडरग्राउंड केबल डालकर सीधे बिजली चोरी की जा रही थी। करीब 250 किलोवाट की बिजली चोरी प्लांट में की जा रही थी। लखनऊ में बैठे अफसर पूरी कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे। पूरी रात टीम प्लांट के विभिन्न हिस्सों में बिजली चोरी के साक्ष्य ढूंढती रही। जांच पड़ताल के बाद सुबह टीम रवाना हुई। दावा किया जा रहा है कि टीम की कार्रवाई के दौरान प्लांट कर्मचारियों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस फोर्स की मौजूदगी के चलते उनकी एक न चली। टीम ने मौके से बरामद दो ट्रांसफार्मर और बिजली चोरी में प्रयोग की जा रही अन्य सामग्री को जब्त कर लिया। फिलहाल पुलिस ने विजिलेंस जेई ओमप्रकाश वेदी की तहरीर पर प्लांट संचालक राहुल गिरी पुत्र जगदीश गिरी व जगदीश गिरी पुत्र नामालूम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
सरकारी कार्य में बाधा डालने की धारा भी लगाई
विजिलेंस जेई ओमप्रकाश वेदी द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार जब टीम मौके पर कार्रवाई कर रही थी तो प्लांट में मौजूद संचालक और कर्मचारियों ने कार्य में बाधा की कोशिश की। इसके चलते उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने की भी रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है।
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13 माह पहले भी दूध प्लांट में पकड़ी गई थी बिजली चोरी
- तत्कालीन जेई व एसडीओ की मिलीभगत से की जा रही थी चोरी
- अफसरों ने जेई व एसडीओ को किया था सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अब से करीब 13 माह पहले भी बिजली विभाग के अफसरों ने प्लांट में छापामार कार्रवाई की थी। उस समय भी अफसरों ने प्लांट से एक अवैध ट्रांसफार्मर बरामद किया था। मामले में एफआईआर के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते 13 माह के अंदर ही प्लांट से दोबारा बड़े पैमाने पर बिजली चोरी पकड़ी गई।
दिनांक 30 मई 2017 और 20 जुलाई 2018 को बिजली विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में एक अजीब सी समानता है। विभाग वही, स्थान वही, प्लांट वही और कार्रवाई का तरीका भी वही। बस बदला है तो इक्का-दुक्का अफसरों के नाम। जिस समय टीम ने जटपुरा स्थित मै. राजदीश फूड प्लांट पर छापामार कार्रवाई की, उस समय अफसरों ने पहले की गई कार्रवाई की तकनीकी को अपनाकर चंद समय में ही पूरे खेल का खुलासा कर दिया। 30 मई 2017 को टीम द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान शिकारपुर के एसडीओ व चित्सौन बिजलीघर के जेई बुरी तरह फंसे थे, जिसके चलते अफसरों ने दोनों को सस्पेंड कर दिया था। मामले में कोई कार्रवाई न किए जाने से बिजली चोरों ने पुरानी तरकीब में ही कुछ फेरबदल करते हुए बिजली चोरी की नई तकनीक ढूंढ निकाली और पावर कॉर्पोरेशन को चूना लगाना शुरू कर दिया। अब देखना है कि इस बार मामले में क्या कार्रवाई की जात है।
कोट-
बिजली चोरी की धाराओं में दूध प्लांट संचालक राहुल गिरी के खिलाफ 250 केवीए चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कार्रवाई की निगरानी लखनऊ से की जा रही थी। - एके सिंह, एसई, पावर कॉर्पोरेशन
बिजली चोरी के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। टीम ने जबरन बंद पड़े प्लांट का ताला तोड़कर रंजिशन कार्रवाई की है। इसके खिलाफ कोर्ट में अपील की जाएगी। - जगदीश गिरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति
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- 250 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी, संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
- विजिलेंस, बिजली विभाग और पुलिस फोर्स ने 10 घंटे तक की कार्रवाई, लखनऊ से हो रही थी निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर/शिकारपुर। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र के दूध प्लांट पर विजिलेंस, बिजली विभाग और पुलिस फोर्स ने शुक्रवार देर शाम छापेमारी की। इस दौरान टीम ने प्लांट में बीते 50 वर्षों के इतिहास में सबसे बड़ी 250 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी। पूरी रात चली कार्रवाई में अफसरों ने अवैध रूप से रखे दो ट्रांसफार्मर बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि सीधे 11 केवीए लाइन से तार जोड़कर बिजली चोरी की जा रही थी। पुलिस ने प्लांट संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
विजिलेंस जेई ओमप्रकाश बेदी ने बताया कि मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे पर जटपुरा के पास पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजकुमारी गिरी के पुत्र राहुल गिरी का मै. राजदीश फूड नाम से दूध प्लांट है। शुक्रवार देर शाम करीब 7 बजे बिजली विभाग के अफसरों, विजिलेंस और पुलिस फोर्स ने दूध प्लांट पर छापेमारी की। टीम ने प्लांट में घुसकर एक कमरे में अवैध रूप से रखे गए 160-160 केवीए को दो ट्रांसफार्मर पकड़ लिए। छानबीन में पता चला कि प्लांट के लिए 11 केवीए लाइन से अंडरग्राउंड केबल डालकर सीधे बिजली चोरी की जा रही थी। करीब 250 किलोवाट की बिजली चोरी प्लांट में की जा रही थी। लखनऊ में बैठे अफसर पूरी कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे। पूरी रात टीम प्लांट के विभिन्न हिस्सों में बिजली चोरी के साक्ष्य ढूंढती रही। जांच पड़ताल के बाद सुबह टीम रवाना हुई। दावा किया जा रहा है कि टीम की कार्रवाई के दौरान प्लांट कर्मचारियों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस फोर्स की मौजूदगी के चलते उनकी एक न चली। टीम ने मौके से बरामद दो ट्रांसफार्मर और बिजली चोरी में प्रयोग की जा रही अन्य सामग्री को जब्त कर लिया। फिलहाल पुलिस ने विजिलेंस जेई ओमप्रकाश वेदी की तहरीर पर प्लांट संचालक राहुल गिरी पुत्र जगदीश गिरी व जगदीश गिरी पुत्र नामालूम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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सरकारी कार्य में बाधा डालने की धारा भी लगाई
विजिलेंस जेई ओमप्रकाश वेदी द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार जब टीम मौके पर कार्रवाई कर रही थी तो प्लांट में मौजूद संचालक और कर्मचारियों ने कार्य में बाधा की कोशिश की। इसके चलते उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने की भी रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है।
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13 माह पहले भी दूध प्लांट में पकड़ी गई थी बिजली चोरी
- तत्कालीन जेई व एसडीओ की मिलीभगत से की जा रही थी चोरी
- अफसरों ने जेई व एसडीओ को किया था सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अब से करीब 13 माह पहले भी बिजली विभाग के अफसरों ने प्लांट में छापामार कार्रवाई की थी। उस समय भी अफसरों ने प्लांट से एक अवैध ट्रांसफार्मर बरामद किया था। मामले में एफआईआर के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते 13 माह के अंदर ही प्लांट से दोबारा बड़े पैमाने पर बिजली चोरी पकड़ी गई।
दिनांक 30 मई 2017 और 20 जुलाई 2018 को बिजली विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में एक अजीब सी समानता है। विभाग वही, स्थान वही, प्लांट वही और कार्रवाई का तरीका भी वही। बस बदला है तो इक्का-दुक्का अफसरों के नाम। जिस समय टीम ने जटपुरा स्थित मै. राजदीश फूड प्लांट पर छापामार कार्रवाई की, उस समय अफसरों ने पहले की गई कार्रवाई की तकनीकी को अपनाकर चंद समय में ही पूरे खेल का खुलासा कर दिया। 30 मई 2017 को टीम द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान शिकारपुर के एसडीओ व चित्सौन बिजलीघर के जेई बुरी तरह फंसे थे, जिसके चलते अफसरों ने दोनों को सस्पेंड कर दिया था। मामले में कोई कार्रवाई न किए जाने से बिजली चोरों ने पुरानी तरकीब में ही कुछ फेरबदल करते हुए बिजली चोरी की नई तकनीक ढूंढ निकाली और पावर कॉर्पोरेशन को चूना लगाना शुरू कर दिया। अब देखना है कि इस बार मामले में क्या कार्रवाई की जात है।
कोट-
बिजली चोरी की धाराओं में दूध प्लांट संचालक राहुल गिरी के खिलाफ 250 केवीए चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कार्रवाई की निगरानी लखनऊ से की जा रही थी। - एके सिंह, एसई, पावर कॉर्पोरेशन
बिजली चोरी के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। टीम ने जबरन बंद पड़े प्लांट का ताला तोड़कर रंजिशन कार्रवाई की है। इसके खिलाफ कोर्ट में अपील की जाएगी। - जगदीश गिरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति