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रूढ़ियां तोड़ समाज में बदलाव लाने वाले दंपति होंगे पुरस्कृत

Tue, 17 Jul 2018 11:57 PM IST
Updated Tue, 17 Jul 2018 11:57 PM IST
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रूढ़ियां तोड़ समाज में बदलाव लाने वाले दंपति होंगे पुरस्कृत
रूढ़ियां तोड़ समाज में बदलाव लाने वाले दंपती होंगे पुरस्कृत
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- सही उम्र में शादी व बच्चों के जन्म में अंतर अपनाने वाले होंगे चिह्नित
- जनसंख्या स्थिरता कोष से 10 से 19 हजार रुपये तक मिलेगी प्रोत्साहन राशि
चेतन शर्मा
बुलंदशहर। परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अब जनपद में प्रेरणा परियोजना की कवायद शुरू की गयी है। इसके तहत उन दंपतियों को चिह्नित किया जाएगा जिन्होंने रुढ़िवादी मानसिकता को तोड़ते हुए समाज को बदलने में योगदान दिया है। सही उम्र में विवाह कर बच्चों में उचित अंतर रखने वाले ऐसे अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति के दंपतियों को जनसंख्या स्थिरता कोष से प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।
समाज में आज भी कम उम्र में विवाह करने तथा विवाह के तुरंत बाद बच्चे का जन्म और बच्चों के जन्म के बीच अंतराल का न होना आदि रुढ़ियां व्याप्त हैं। इसके लिए राज्य परिवार नियोजन सेवा अभिनवीकरण परियोजना एजेंसी (सिफ्सा) को जनसंख्या स्थिरता कोष की समस्त परियोजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए राज्य नोडल एजेंसी नामित किया गया है। अधिशासी निदेशक सिफ्सा व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक पंकज कुमार ने इस संबंध में अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किया है। आदेश के मुताबित लड़की की 19 व लड़के की 21 वर्ष विवाह की आयु रखने, नव दंपतियों में दो बच्चों के जन्म के बीच अंतर रखने, शिशु और माता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जनसंख्या स्थिरता कोष का गठन किया गया है। योजना के तहत जनसंख्या नियंत्रण में सहयोग करने वाले गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के ऐसे आदर्श दंपती को पुरस्कृत किए जाएगा। लाभार्थियों को गांव-गांव जाकर चिन्हित करने व लाभ दिलाने की जिम्मेदारी एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक को सौंपी गई है।
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यह होंगे पात्र
प्रेरणा परियोजना का लाभ पाने वालों के लिए छह अहर्ता निर्धारित की गई हैं। दंपत्ति गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले होने चाहिए, अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति का हो, महिला का विवाह वर्ष 2011 के बाद हुआ हो और उस समय उसकी आयु 19 वर्ष या अधिक हो। पहले बच्चे का जन्म विवाह के दो वर्ष बाद हुआ हो, दूसरे बच्चे के जन्म में तीन साल का अंतर हो, दूसरे बच्चे के जन्म के बाद अथवा एक साल के बीच दंपती द्वारा परिवार नियोजन की स्थायी विधि को अपनाया गया हो।
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यह होगी पुरस्कार की प्रोत्साहन धनराशि
छह में से चार अर्हता पूरा करने वाले दंपतियों के पुरस्कार की राशि अलग-अलग निर्धारित है। पहला बच्चा लड़का है तो 10 हजार या लड़की है तो 12 हजार रुपये दिए जाएंगे। सभी अर्हता पूरी करने पर यदि दोनों बच्चे लड़के हैं तो 15 हजार यदि एक लड़का और एक लड़की है तो 17 हजार रुपये यदि दोनों लड़की हैं तो 19 हजार रुपये प्रोत्साहन स्वरूप दिए जाएंगे। यदि किसी दंपती द्वारा पहले बच्चे के जन्म के समय प्रेरणा परियोजना का लाभ लिया जा चुका है तो उसे दूसरे बच्चे के जन्म पर भी इसका लाभ मिलेगा।


कोट
परिवार नियोजन को बढ़ाना देने के लिए यह परियोजना लागू की गई है। इससे अति पिछड़े समाज में जागरूकता आएगी और शिशु व माता की देखभाल के साथ ही लोग अपने बच्चों का विवाह सही समय पर करेंगे। इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आशा एवं एएनएम के सहयोग से सीएचसी स्तर पर लाभार्थियों को चिह्नित कर लाभार्थियों को लाभ दिलाया जाएगा। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ बुलंदशहर
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