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‘अगर बस्ती अवैध है तो कैसे मिलीं सरकारी सुविधाएं’
Updated Fri, 23 Mar 2018 10:15 PM IST
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‘अगर बस्ती अवैध है तो कैसे मिलीं सरकारी सुविधाएं’
- नेतानगर दलित बस्ती का मामला: भड़के लोगों ने किया हंगामा, प्रधानमंत्री को भेजी शिकायत
- जबरन बस्ती खाली करवाने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
अनूपशहर क्षेत्र में नेतानगर बस्ती की जमीन को खाली करने के लिए नोटिस जारी किए गए तो बस्ती के लोग आगबबूला हो गए। गुस्साए लोगों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर बस्ती को जायज ठहराते हुए प्रधानमंत्री को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल उठाए कि अगर बस्ती अवैध तो वहां सरकारी सुविधाएं कैसे मुहैया करवाई गईं।
बस्ती के लोगों ने आरोप लगाया कि राजनीति के लिए कुछ लोगों ने जबरन तहसील से नोटिस जारी कराए हैं। लोगों का कहना है कि यदि आवंटन गलत था तो सरकार ने गांव में पक्की नालियां, सड़क, बिजली, पानी समेत अन्य सुविधाएं क्यों उपलब्ध कराईं। इसके अलावा सन 1996 में नेतानगर में विद्युतीकरण, 1997 में आंगनबाड़ी केंद्र और 2006 में प्राइमरी स्कूल बनाया गया। लोगों ने कहा कि विधानसभा व ग्राम पंचायत चुनावों में भी यहां बूथ स्थापित किया जाता है। दो वर्ष पूर्व तत्कालीन विधायक गजेंद्र सिंह की निधि से पंचायत घर, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय, लोगों के शस्त्र लाइसेंस, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, जाति, मूल निवास प्रमाणपत्र आदि बने हुए हैं। ग्राम प्रधान रनवीर सिंह ने कहा कि आबादी पूरी तरह से सही है। यदि घरों को खाली कराने की कोशिश की गई तो आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में महेश भारती, महेंद्र कुमार, गंगाप्रसाद, हरकेशी, छोटे सिंह, कमल सिंह, मुनीश, सतेंद्र सिंह, सूरजपाल, करन सिंह, गजराज सिंह आदि मौजूद रहे।
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- नेतानगर दलित बस्ती का मामला: भड़के लोगों ने किया हंगामा, प्रधानमंत्री को भेजी शिकायत
- जबरन बस्ती खाली करवाने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
अनूपशहर क्षेत्र में नेतानगर बस्ती की जमीन को खाली करने के लिए नोटिस जारी किए गए तो बस्ती के लोग आगबबूला हो गए। गुस्साए लोगों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर बस्ती को जायज ठहराते हुए प्रधानमंत्री को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल उठाए कि अगर बस्ती अवैध तो वहां सरकारी सुविधाएं कैसे मुहैया करवाई गईं।
बस्ती के लोगों ने आरोप लगाया कि राजनीति के लिए कुछ लोगों ने जबरन तहसील से नोटिस जारी कराए हैं। लोगों का कहना है कि यदि आवंटन गलत था तो सरकार ने गांव में पक्की नालियां, सड़क, बिजली, पानी समेत अन्य सुविधाएं क्यों उपलब्ध कराईं। इसके अलावा सन 1996 में नेतानगर में विद्युतीकरण, 1997 में आंगनबाड़ी केंद्र और 2006 में प्राइमरी स्कूल बनाया गया। लोगों ने कहा कि विधानसभा व ग्राम पंचायत चुनावों में भी यहां बूथ स्थापित किया जाता है। दो वर्ष पूर्व तत्कालीन विधायक गजेंद्र सिंह की निधि से पंचायत घर, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय, लोगों के शस्त्र लाइसेंस, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, जाति, मूल निवास प्रमाणपत्र आदि बने हुए हैं। ग्राम प्रधान रनवीर सिंह ने कहा कि आबादी पूरी तरह से सही है। यदि घरों को खाली कराने की कोशिश की गई तो आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में महेश भारती, महेंद्र कुमार, गंगाप्रसाद, हरकेशी, छोटे सिंह, कमल सिंह, मुनीश, सतेंद्र सिंह, सूरजपाल, करन सिंह, गजराज सिंह आदि मौजूद रहे।
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