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बिना आधार, खतौनी और बैंक एकाउंट के नहीं खरीदा जाएगा गेहूं
Updated Fri, 23 Mar 2018 10:07 PM IST
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पंजीकरण के बिना नहीं खरीदा जाएगा किसानों का गेहूं
- किसानों के खाते में आरटीजीएस से पहुंचेगी गेहूं खरीद की रकम
- गेहूं बेचने वाले किसानों का चल रहा है पंजीकरण, एक अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गेहूं की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी। इसके लिए आधार कार्ड, खतौनी या खसरा और बैंक अकाउंट जरूरी है। यदि यह नहीं है और पंजीकरण नहीं हुआ तो गेहूं नहीं खरीदा जाएगा। गेहूं खरीद की रकम किसानों के खाते में आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट) के माध्यम से हस्तांतरित किया जाएगा।
सरकारी गेहूं की खरीद विपणन विभाग कराता है। इसके लिए विभाग ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली है। जिले में गेहूं 105 क्रय केंद्रों पर खरीदा जाएगा। गेहूं खरीद के लिए विभाग ने एफसीआई, यूपी एग्रो आदि एजेंसियों को भी आवश्यक आदेश जारी कर दिए हैं। इन एजेंसियों ने गेहूं खरीद के लिए अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है। शासन का आदेश है कि सरकारी गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होगी और 15 मई तक जारी रहेगी। इसके साथ ही इस बार शासन ने गेेहूं उत्पादक किसानों का पंजीकरण भी जरूरी कर दिया है। किसान को अपना पंजीकरण विपणन विभाग में कराना होगा। इसके लिए आधार कार्ड, खतौनी या खसरा और बैंक अकाउंट जरूरी होगा। यदि इसमें से एक भी दस्तावेज कम हुआ तो किसान का पंजीकरण नहीं होगा और उसका गेहूं भी नहीं खरीदा जाएगा। शासन का यह भी आदेश है कि गेहूं खरीद की राशि किसानों के बैंक खाते में आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट) के माध्यम से पहुंचेगी। यह राशि गेहूं खरीद करने वाली एजेंसियों को 15 दिन में देय होगी। इसके साथ ही शासन ने क्रय केंद्रों पर किसानों को स्वच्छ पेयजल और छांव की व्यवस्था आदि के इंतजाम करने के भी आदेश जारी किए हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश चंद सागरवाल ने बताया कि गेहूं की खरीद के लिए किसान का पंजीकरण जरूरी होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रुपये है, जबकि किसानों को 1745 रुपये प्रति कुंतल के दाम मिलेंगे। 10 रुपये की अतिरिक्त राशि भाड़े और गेहूं की सफाई के दिए जाएंगे। गेहूं खरीद की तैयारी तेज हो गई हैं।
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गेहूं का समर्थन मूल्य 1735, किसानों को मिलेंगे 1745 रुपये प्रति कुंतल
शासन ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रुपये निर्धारित किया है। मगर, किसानों को 1745 रुपये प्रति कुंतल का दाम मिलेंगे। यह अतिरिक्त 10 रुपये की राशि किसानों को गेहूं क्रय केंद्र पहुंचाने के लिए भाड़े और गेहूं की साफ-सफाई के लिए मिलेंगी। अधिक नमी और कटा हुआ गेहूं नहीं खरीदा जाएगा। गेहूं साफ-सुथरा और मानक पूरे होने के बाद ही खरीदा जाएगा।
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जिले में खरीदा जाएगा 90500 मीट्रिक टन गेहूं
जिले में 90500 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होगी। यह लक्ष्य शासन की ओर से जारी किया गया है। विभागीय अफसरों ने गेहूं खरीद करने वाली एजेंसियों को गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित करने की तैयारी तेज कर दी है। अफसरों का कहना है कि इस बार जिले में 2.05 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल उगाई गई है और बंपर पैदावार की संभावना है। इसलिए गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ भी सकता है।
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- किसानों के खाते में आरटीजीएस से पहुंचेगी गेहूं खरीद की रकम
- गेहूं बेचने वाले किसानों का चल रहा है पंजीकरण, एक अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गेहूं की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी। इसके लिए आधार कार्ड, खतौनी या खसरा और बैंक अकाउंट जरूरी है। यदि यह नहीं है और पंजीकरण नहीं हुआ तो गेहूं नहीं खरीदा जाएगा। गेहूं खरीद की रकम किसानों के खाते में आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट) के माध्यम से हस्तांतरित किया जाएगा।
सरकारी गेहूं की खरीद विपणन विभाग कराता है। इसके लिए विभाग ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली है। जिले में गेहूं 105 क्रय केंद्रों पर खरीदा जाएगा। गेहूं खरीद के लिए विभाग ने एफसीआई, यूपी एग्रो आदि एजेंसियों को भी आवश्यक आदेश जारी कर दिए हैं। इन एजेंसियों ने गेहूं खरीद के लिए अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है। शासन का आदेश है कि सरकारी गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होगी और 15 मई तक जारी रहेगी। इसके साथ ही इस बार शासन ने गेेहूं उत्पादक किसानों का पंजीकरण भी जरूरी कर दिया है। किसान को अपना पंजीकरण विपणन विभाग में कराना होगा। इसके लिए आधार कार्ड, खतौनी या खसरा और बैंक अकाउंट जरूरी होगा। यदि इसमें से एक भी दस्तावेज कम हुआ तो किसान का पंजीकरण नहीं होगा और उसका गेहूं भी नहीं खरीदा जाएगा। शासन का यह भी आदेश है कि गेहूं खरीद की राशि किसानों के बैंक खाते में आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट) के माध्यम से पहुंचेगी। यह राशि गेहूं खरीद करने वाली एजेंसियों को 15 दिन में देय होगी। इसके साथ ही शासन ने क्रय केंद्रों पर किसानों को स्वच्छ पेयजल और छांव की व्यवस्था आदि के इंतजाम करने के भी आदेश जारी किए हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश चंद सागरवाल ने बताया कि गेहूं की खरीद के लिए किसान का पंजीकरण जरूरी होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रुपये है, जबकि किसानों को 1745 रुपये प्रति कुंतल के दाम मिलेंगे। 10 रुपये की अतिरिक्त राशि भाड़े और गेहूं की सफाई के दिए जाएंगे। गेहूं खरीद की तैयारी तेज हो गई हैं।
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गेहूं का समर्थन मूल्य 1735, किसानों को मिलेंगे 1745 रुपये प्रति कुंतल
शासन ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रुपये निर्धारित किया है। मगर, किसानों को 1745 रुपये प्रति कुंतल का दाम मिलेंगे। यह अतिरिक्त 10 रुपये की राशि किसानों को गेहूं क्रय केंद्र पहुंचाने के लिए भाड़े और गेहूं की साफ-सफाई के लिए मिलेंगी। अधिक नमी और कटा हुआ गेहूं नहीं खरीदा जाएगा। गेहूं साफ-सुथरा और मानक पूरे होने के बाद ही खरीदा जाएगा।
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जिले में खरीदा जाएगा 90500 मीट्रिक टन गेहूं
जिले में 90500 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होगी। यह लक्ष्य शासन की ओर से जारी किया गया है। विभागीय अफसरों ने गेहूं खरीद करने वाली एजेंसियों को गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित करने की तैयारी तेज कर दी है। अफसरों का कहना है कि इस बार जिले में 2.05 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल उगाई गई है और बंपर पैदावार की संभावना है। इसलिए गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ भी सकता है।