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डीएम को अनुसूचित जाति आयोग से नोटिस जारी
Updated Tue, 20 Mar 2018 10:48 PM IST
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डीएम को अनुसूचित जाति आयोग से मिला नोटिस
- एसडीएम सदर पर लगाए गए अभद्रता के मामले में जारी किया नोटिस
- चार अप्रैल तक अभिलेखों समेत आख्या देने के दिए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर एक दलित से अभद्रता के मामले में अनुसूचित जाति आयोग ने डीएम को नोटिस जारी किया है। आयोग ने डीएम को चार अप्रैल तक हर हालात में संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करने के आदेश दिए हैं। अन्यथा की स्थिति में डीएम को आयोग के समक्ष पेश होना पड़ेगा।
नगर क्षेत्र के यमुनापुरम निवासी प्यारेलाल जाटव ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जा के मामले में एसडीएम से शिकायत की थी। प्यारेलाल जाटव ने आरोप लगाया था कि शिकायत के संबंध में जब एसडीएम से दोबारा मुलाकात की तो उन्होंने अभद्रता की। जिसके बाद उसने पूरे मामले में अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत कर अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की थी। अब आयोग ने डीएम को पत्र लिखकर चार अप्रैल तक हर हालात में सभी साक्ष्य और दस्तावेज पेश करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में दस्तावेज पेश नहीं किए या अपूर्ण दस्तावेज पेश किए गए तो ऐसी स्थिति में डीएम को खुद आयोग के समक्ष पेश होना पड़ेगा। आयोग के निर्देश पर अधिकारी दस्तावेजों को एकत्रित करने में जुटे हैं।
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- एसडीएम सदर पर लगाए गए अभद्रता के मामले में जारी किया नोटिस
- चार अप्रैल तक अभिलेखों समेत आख्या देने के दिए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर एक दलित से अभद्रता के मामले में अनुसूचित जाति आयोग ने डीएम को नोटिस जारी किया है। आयोग ने डीएम को चार अप्रैल तक हर हालात में संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करने के आदेश दिए हैं। अन्यथा की स्थिति में डीएम को आयोग के समक्ष पेश होना पड़ेगा।
नगर क्षेत्र के यमुनापुरम निवासी प्यारेलाल जाटव ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जा के मामले में एसडीएम से शिकायत की थी। प्यारेलाल जाटव ने आरोप लगाया था कि शिकायत के संबंध में जब एसडीएम से दोबारा मुलाकात की तो उन्होंने अभद्रता की। जिसके बाद उसने पूरे मामले में अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत कर अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की थी। अब आयोग ने डीएम को पत्र लिखकर चार अप्रैल तक हर हालात में सभी साक्ष्य और दस्तावेज पेश करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में दस्तावेज पेश नहीं किए या अपूर्ण दस्तावेज पेश किए गए तो ऐसी स्थिति में डीएम को खुद आयोग के समक्ष पेश होना पड़ेगा। आयोग के निर्देश पर अधिकारी दस्तावेजों को एकत्रित करने में जुटे हैं।
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