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सिकंदराबाद और खुर्जा में लगेगी सीबी नॉट मशीन
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:40 AM IST
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सिकंदराबाद और खुर्जा में लगेगी सीबी नॉट मशीन
बुलंदशहर। सिकंदराबाद और खुर्जा क्षेत्र के लोगों को अब टीबी की जांच के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग ने सिकंदराबाद और खुर्जा में ही बलगम की जांच के लिए सीबी नॉट मशीन लगाने का आदेश जारी कर दिया है।
टीबी रोग की जांच सुविधा अभी तक सिर्फ जिला मुख्यालय पर ही उपलब्ध है। जांच के बाद मरीज में टीबी की पुष्टि होने के बाद उपचार शुरू कर दिया जाता है। जिला मुख्यालय पर सभी ब्लॉकों से प्रतिदिन 40 से 50 मरीज टीबी की जांच के लिए पहुंचते हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमके गुप्ता ने बताया कि सिकंदराबाद और खुर्जा के सरकारी चिकित्सालयों में सीबी नॉट मशीन लग जाने से मरीजों को सहूलियत हो जाएगी।
सीबी नॉट मशीन
सरकारी चिकित्सालयों में बलगम के सैंपल की जांच माइक्रोस्कोप से होती थी। इस जांच में 24 घंटे से अधिक का समय लग जाता था। जांच को बेहतर और कम समय में करने के लिए एक वर्ष पूर्व जिला अस्पताल को सीबी नॉट मशीन मिली थी। डॉ. एमके गुप्ता ने बताया कि माइक्रोस्कोप से एक एमएल बलगम में दस हजार बैक्टीरिया की जांच हो सकती है, जबकि सीबी नॉट मशीन से एक एमएल फ्लूड में दस बैक्टीरिया तक पकड़ में आ जाते हैं। इस मशीन से एक बार में चार रोगियों के सैंपलों की जांच संभव है।
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बुलंदशहर। सिकंदराबाद और खुर्जा क्षेत्र के लोगों को अब टीबी की जांच के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग ने सिकंदराबाद और खुर्जा में ही बलगम की जांच के लिए सीबी नॉट मशीन लगाने का आदेश जारी कर दिया है।
टीबी रोग की जांच सुविधा अभी तक सिर्फ जिला मुख्यालय पर ही उपलब्ध है। जांच के बाद मरीज में टीबी की पुष्टि होने के बाद उपचार शुरू कर दिया जाता है। जिला मुख्यालय पर सभी ब्लॉकों से प्रतिदिन 40 से 50 मरीज टीबी की जांच के लिए पहुंचते हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमके गुप्ता ने बताया कि सिकंदराबाद और खुर्जा के सरकारी चिकित्सालयों में सीबी नॉट मशीन लग जाने से मरीजों को सहूलियत हो जाएगी।
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सीबी नॉट मशीन
सरकारी चिकित्सालयों में बलगम के सैंपल की जांच माइक्रोस्कोप से होती थी। इस जांच में 24 घंटे से अधिक का समय लग जाता था। जांच को बेहतर और कम समय में करने के लिए एक वर्ष पूर्व जिला अस्पताल को सीबी नॉट मशीन मिली थी। डॉ. एमके गुप्ता ने बताया कि माइक्रोस्कोप से एक एमएल बलगम में दस हजार बैक्टीरिया की जांच हो सकती है, जबकि सीबी नॉट मशीन से एक एमएल फ्लूड में दस बैक्टीरिया तक पकड़ में आ जाते हैं। इस मशीन से एक बार में चार रोगियों के सैंपलों की जांच संभव है।
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