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गंगा किनारे कछुआ के अंडे रखने को हैचरी तैयार
Updated Tue, 06 Mar 2018 12:08 AM IST
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गंगा किनारे हैचरी में रखे गए कछुओं के 250 अंडे
बुलंदशहर। गंगा किनारे कछुए के अंडे रखने के लिए हैचरी तैयार हो गई है। अहार क्षेत्र में वन विभाग की ओर से बनाई गई हैचरी में प्रथम चरण में 250 अंडे रखे गए हैं। हैचरी में कछुआ पालन कर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की योजना है।
प्रदेश ही नहीं, देशभर में कछुओं की संख्या कम होती जा रही है। इसलिए वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (वर्ल्ड वाइड फॉरेस्ट) ने मिलकर एक विशेष योजना बनाई है। इसके तहत जहां गंगा प्रदूषण मुक्त होगी, वहीं कछुओं की संख्या भी बढ़ेगी। कछुआ और घड़ियाल ऐसे जीव हैं, जो पानी को निर्मल बनाने में सहायक होते हैं। इससे पहले गंगा में एक हजार घड़ियाल छोड़े जा चुके हैं। प्रथम चरण में हैचरी में कछुओं के 250 अंडे रखे गए हैं। जल्द ही और अंडे रखे जाएंगे। इस हैचरी में एक हजार अंडे रखकर कछुए पैदा करने की योजना है।
वर्जन
गंगा किनारे कछुआ पालन कर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की कोशिश की जा रही है। कछुआ पानी की गंदगी को साफ करने का काम करता है। साथ ही कछुओं को रहवास मिलेगा, तो उनकी संख्या में भी इजाफा होगा।
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- वीके जैन, जिला वन अधिकारी
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बुलंदशहर। गंगा किनारे कछुए के अंडे रखने के लिए हैचरी तैयार हो गई है। अहार क्षेत्र में वन विभाग की ओर से बनाई गई हैचरी में प्रथम चरण में 250 अंडे रखे गए हैं। हैचरी में कछुआ पालन कर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की योजना है।
प्रदेश ही नहीं, देशभर में कछुओं की संख्या कम होती जा रही है। इसलिए वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (वर्ल्ड वाइड फॉरेस्ट) ने मिलकर एक विशेष योजना बनाई है। इसके तहत जहां गंगा प्रदूषण मुक्त होगी, वहीं कछुओं की संख्या भी बढ़ेगी। कछुआ और घड़ियाल ऐसे जीव हैं, जो पानी को निर्मल बनाने में सहायक होते हैं। इससे पहले गंगा में एक हजार घड़ियाल छोड़े जा चुके हैं। प्रथम चरण में हैचरी में कछुओं के 250 अंडे रखे गए हैं। जल्द ही और अंडे रखे जाएंगे। इस हैचरी में एक हजार अंडे रखकर कछुए पैदा करने की योजना है।
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गंगा किनारे कछुआ पालन कर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की कोशिश की जा रही है। कछुआ पानी की गंदगी को साफ करने का काम करता है। साथ ही कछुओं को रहवास मिलेगा, तो उनकी संख्या में भी इजाफा होगा।
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- वीके जैन, जिला वन अधिकारी