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प्रधानाचार्यों ने शुद्ध नहीं किया छात्रवृति के सस्पेक्ड/जंक डाटा
Updated Mon, 22 Jan 2018 11:29 PM IST
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प्रधानाचार्यों ने शुद्ध नहीं किया छात्रवृत्ति का संदिग्ध व जंक डाटा
- जिला विद्यालय निरीक्षक ने डाटा शुद्ध करने के लिए प्रधानाचार्यों को दिया तीन दिन का समय
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। प्रधानाचार्यों ने कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्रवृत्ति का संदिग्ध व जंक डाटा बार-बार आदेशों के बाद भी शुद्ध नहीं किया है। अब एक बार फिर जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्रधानाचार्यों को कड़ी चेतावनी देकर तीन दिनों का समय दिया है। इसके बाद भी डाटा शुद्घ नहीं होने पर नोटिस जारी किए जाएंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि जिला समाज कल्याण विभाग, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों की ओर से कक्षा नौ से 12वीं की छात्रवृत्ति का संदिग्ध/जंक डाटा 28 दिसंबर 2017 को प्राप्त हो गया था। इसकी सूचना पूर्व में सभी प्रधानाचार्यों को भेज दी गई थी, लेकिन अभी तक यह डाटा प्रधानाचार्यों से शुद्ध नहीं किया और न ही इस संबंध में कार्यालय से संपर्क किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि तीन दिन के अंदर डाटा शुद्ध नहीं होने पर प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। इस लापरवाही के चलते अगर कोई विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह गया तो उसकी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की होगी।
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- जिला विद्यालय निरीक्षक ने डाटा शुद्ध करने के लिए प्रधानाचार्यों को दिया तीन दिन का समय
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। प्रधानाचार्यों ने कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्रवृत्ति का संदिग्ध व जंक डाटा बार-बार आदेशों के बाद भी शुद्ध नहीं किया है। अब एक बार फिर जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्रधानाचार्यों को कड़ी चेतावनी देकर तीन दिनों का समय दिया है। इसके बाद भी डाटा शुद्घ नहीं होने पर नोटिस जारी किए जाएंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि जिला समाज कल्याण विभाग, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों की ओर से कक्षा नौ से 12वीं की छात्रवृत्ति का संदिग्ध/जंक डाटा 28 दिसंबर 2017 को प्राप्त हो गया था। इसकी सूचना पूर्व में सभी प्रधानाचार्यों को भेज दी गई थी, लेकिन अभी तक यह डाटा प्रधानाचार्यों से शुद्ध नहीं किया और न ही इस संबंध में कार्यालय से संपर्क किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि तीन दिन के अंदर डाटा शुद्ध नहीं होने पर प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। इस लापरवाही के चलते अगर कोई विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह गया तो उसकी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की होगी।
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