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माघ में भी दगा दे गए मेघ तो टूट जाएंगे किसान

Fri, 19 Jan 2018 10:30 PM IST
Updated Fri, 19 Jan 2018 10:30 PM IST
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माघ में भी दगा दे गए मेघ तो टूट जाएंगे किसान
माघ में भी दगा दे गए मेघ तो टूट जाएंगे किसान
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- मौसम की मार से फसलों पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर किसान चिंतित
- बारिश न होने से प्रभावित होगा गेहूं का 25 फीसद उत्पादन
मनोज चौधरी
बुलंदशहर। दो लाख से अधिक हेक्टेयर में गेहूं की लहलहाती फसल देखकर किसान खुश नहीं हैं। किसानों को चिंता है कि अगर मौसम का हाल यही रहा तो गेहूं की पैदावार कम होगी। बालियों का आकार भी छोटा होगी। इससे उत्पादन घटेगा। माघ में बारिश न होने से 25 फीसद उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इसकी पुष्टि कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी भी कर रहे हैं।
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से तीन वर्षों में जनवरी माह में एक भी बूंद पानी नहीं बरसा है। इससे गेहूं की पैदावार में भी कमी आई है। कृषि अनुसंधान संस्थान के मौसम और कृषि वैज्ञानिक डा. विवेकराज और जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह बताते हैं कि मौसम ऐसे ही रहा तो गेहूं की पैदावार 25 फीसदी तक कम हो जाएगी। गेहूं बोआई का लक्ष्य 1.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष दो लाख से अधिक हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं की बोआई हुई है। मौसम की बेरुखी से फसलों पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर किसान चिंतित हैं। मौसम की मार और सिंचाई संकट से गेहूं की फसल पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है। इस साल रिकार्ड गेहूं उत्पादन का सपना देख रहे सबको शायद खबर नहीं कि सिंचाई संकट के कारण किसानों को गेहूं की फसल बचाने के लाले पड़ रहे हैं। सिंचाई के लिए नहरों में भरपूर पानी नहीं आ रहा है। रही सही कसर कुदरत पूरा कर रहा है। शीतकालीन वर्षा होना तो दूर, मौसम के पारे के उतार-चढ़ाव से मौसम कृषि वैज्ञानिक भी चिंतित हैं।
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मार्च में बारिश हुई तो होगी बर्बादी
- मौसम व कृषि वैज्ञानिक डा. विवेकराज का कहना है कि विगत वर्ष मौसम कुछ ठीक रहा तो गेहूं की फसल भी अच्छी हुई। मगर, उससे पहले वर्ष 2016 और 2015 में जनवरी माह में बारिश नहीं हुई थी। जबकि मार्च माह में बारिश होने से किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। इसी तरह के आसार अब बन रहे हैं। यदि मार्च में बारिश हुई तो बर्बादी हो सकती है। इससे किसानों को नुकसान होगा। क्योंकि इस समय बारिश के आसार नहीं बन रहे हैं।
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सुबह कोहरा और दिन में धूप ने बढ़ाई गर्माहट
- मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अब लगातार बढ़ेगा पारा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। मौसम बार-बार रंगत बदल रहा है और शुक्रवार की सुबह कोहरा रहा तो दिन में धूप ने गर्माहट बढ़ा दी। इससे सभी ने राहत तो पाई। मगर, इस बदलाव को लेकर सब चिंतित हैं। मौसम वैज्ञानिक अब लगातार पारा बढ़ने की संभावना जता रहे हैं।

इस बार मौसम ने कई बार रंगत बदली। बारिश भी न के बराबर हुई। यह अलग बात रही कि कोहरा, शीतलहर और पाले ने समय-समय पर अपना असर दिखाया। अब पिछले चार दिन पहले मौसम के बदले मिजाज से लग रहा था कि कोहरा व ठंड से निजात नहीं मिलेगी। मगर, सुबह कोहरा और दिन में गर्माहट बढ़ने से मौसम में एक बार फिर बदलाव के आसार बन गए हैं। शुक्रवार को सुबह कोहरे में जहां लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी, वहीं दोपहर के समय बढ़ी गर्माहट से राहत पाई। तापमान इतना बढ़ गया कि धूप में ज्यादा देर बैठना मुश्किल हो गया। अधिकतम तापमान बढ़कर 27 और न्यूनतम 8 डिग्री पर पहुंच गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम छह डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। उधर, मौसम वैज्ञानिक डा. विवेकराज का कहना है कि मौसम में गर्माहट का असर शुरू होने वाला है और अब लगातार तापमान बढ़ने की संभावना बन रही है। यह मौसम किसी भी लिहाज से ठीक नहीं है।
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