{"_id":"5a6222e54f1c1b7e268b53ff","slug":"151638109016-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेटरनिटी विंग में मरीजों को मिलेंगी निजी अस्पतालों की सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेटरनिटी विंग में मरीजों को मिलेंगी निजी अस्पतालों की सुविधाएं
Updated Fri, 19 Jan 2018 10:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीपीपी मॉडल पर संचालित होगी मेटरनिटी विंग
निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी
जिला अस्पताल में 18.91 करोड़ की लागत से कराया गया है विंग का निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिला अस्पताल में करोड़ों की लागत से बनाई गई मेटरनिटी विंग की सुविधा जल्द ही मरीजों को मिलेगी। शासन ने विंग का शुभारंभ करने का जिम्मा एक निजी कंपनी को सौंपा है। मेटरनिटी विंग का संचालन पीपीपी मॉडल से कराने पर मरीजों को निजी अस्पतालों के जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। विंग को सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
जिला अस्पताल परिसर में 18.91 करोड़ की लागत से शासन ने मेटरनिटी विंग का निर्माण कराया है। निर्माण पूरा हुए एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन अभी तक स्टाफ की कमी और फायर ब्रिगेड की एनओसी न मिलने के चलते विंग का संचालन नहीं हो सका है। अब शासन ने मेटरनिटी विंग को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के माध्यम से चलाने का फैसला लिया है। एचएलएल नामक निजी संस्था को कार्यभार देने की तैयारी की जा रही है।
चिकित्सक से लेकर कर्मचारी तक रखेगी कंपनी
एचएलएल नामक संस्था विंग के उपकरण, साफ सफाई व सुविधाओं को ही नहीं देखेगी, बल्कि विंग के लिए प्रबंधक, चिकित्सक से लेकर सफाई कर्मचारियों तक का जिम्मा भी कंपनी का ही होगा।
विज्ञापन
कई जिलों में किया जा चुका शुभारंभ
पीपीपी मॉडल पर प्रदेश के कई जनपदों में स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। वाराणसी समेत आसपास के पांच जिला अस्पतालों का संचालन पीपीपी मॉडल पर ही किया जा रहा है।
वर्जन
शासन द्वारा पीपीपी मॉडल पर मेटरनिटी विंग का संचालन करने की योजना बनाई जा रही है। आदेश मिलने का इंतजार है। आदेश मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
विज्ञापन
निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी
जिला अस्पताल में 18.91 करोड़ की लागत से कराया गया है विंग का निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिला अस्पताल में करोड़ों की लागत से बनाई गई मेटरनिटी विंग की सुविधा जल्द ही मरीजों को मिलेगी। शासन ने विंग का शुभारंभ करने का जिम्मा एक निजी कंपनी को सौंपा है। मेटरनिटी विंग का संचालन पीपीपी मॉडल से कराने पर मरीजों को निजी अस्पतालों के जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। विंग को सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
जिला अस्पताल परिसर में 18.91 करोड़ की लागत से शासन ने मेटरनिटी विंग का निर्माण कराया है। निर्माण पूरा हुए एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन अभी तक स्टाफ की कमी और फायर ब्रिगेड की एनओसी न मिलने के चलते विंग का संचालन नहीं हो सका है। अब शासन ने मेटरनिटी विंग को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के माध्यम से चलाने का फैसला लिया है। एचएलएल नामक निजी संस्था को कार्यभार देने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
चिकित्सक से लेकर कर्मचारी तक रखेगी कंपनी
एचएलएल नामक संस्था विंग के उपकरण, साफ सफाई व सुविधाओं को ही नहीं देखेगी, बल्कि विंग के लिए प्रबंधक, चिकित्सक से लेकर सफाई कर्मचारियों तक का जिम्मा भी कंपनी का ही होगा।
विज्ञापन
कई जिलों में किया जा चुका शुभारंभ
पीपीपी मॉडल पर प्रदेश के कई जनपदों में स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। वाराणसी समेत आसपास के पांच जिला अस्पतालों का संचालन पीपीपी मॉडल पर ही किया जा रहा है।
वर्जन
शासन द्वारा पीपीपी मॉडल पर मेटरनिटी विंग का संचालन करने की योजना बनाई जा रही है। आदेश मिलने का इंतजार है। आदेश मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ