{"_id":"5a5f8d384f1c1b1d368b4fbb","slug":"151621169910-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोहरे की चादर में लिपटे गांव-शहर, वाहनों की रफ्तार गई ठहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोहरे की चादर में लिपटे गांव-शहर, वाहनों की रफ्तार गई ठहर
Updated Wed, 17 Jan 2018 11:21 PM IST
विज्ञापन
कोहरे की चादर में लिपटे गांव-शहर, वाहनों की रफ्तार पड़ी मंद
फोटो समाचार
- पिछले कई दिनों से दिन में धूप और सुबह-शाम ठंड जारी
- अचानक बदले मौसम की रंगत को देख वैज्ञानिक असमंजस में
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। शहर व गांव बुधवार को एक बार फिर कोहरे की सफेद चादर से लिपट गए। घने कोहरे के चलते सड़क पर वाहनों की रफ्तार ठहर गई। इसी के साथ कड़ाके की ठंड ने सबको बेहाल कर दिया। पूरे दिन शीतलर का कहर जारी रहा। हालांकि दोपहर बाद कुछ समय को निकली धूप ने लोगों को राहत दी, लेकिन शाम ढलते ही फिर कोहरे ने आसमान को अपने आगोश में ले लिया।
मौसम एक बार फिर रंगत बदल रहा है। माना जा रहा था कि इस बार अच्छी ठंड रहेगी और इसका फायदा गेहूं की फसल को मिलेगा। मगर, इस बीच कई बार मौसम ने रंगत बदली और इसका सभी को असमंजस में डाल दिया। कभी कड़ाके की ठंड तो कभी घना कोहरा और शीतलकर का प्रकोप। वहीं बीच-बीच में गर्माहट का एहसास भी जारी रहा। इसे लेकर मौसम वैज्ञानिक भी असमंजस में रहे। पिछले कई दिनों से दिन के समय धूप निकलने से गर्माहट बढ़ी तो सभी ने राहत की सांस ली। माना जा रहा था कि अब मौसम साफ रहेगा। इसी बीच बुधवार की सुबह का आगाज घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के साथ हुआ। इसके चलते वाहनों की रफ्तार कम हो गई और लाइट जलानी पड़ी। कोहरा इतना अधिक था कि 10 मीटर के दायरे में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। स्कूल जाने वाले बच्चे भी कंपकंपाते हुए घर से निकले। कामकाज वाले लोग भी देरी से निकले और दुपहिया वाहन चालकों ने अपने को गर्म कपड़ों के लपेट लिया था। कोहरे के चलते बाजार में भी रौनक कम दिखाई दी। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डा. विवेकराज का कहना है कि बार-बार बदल रहे मौसम को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं किया जा सकता। बुधवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहा। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा, इसका खुलासा करना ठीक नहीं है। मगर, यह ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगा। इससे आमजन के साथ मवेशियों को बचाव की जरूरत है।
विज्ञापन
फोटो समाचार
- पिछले कई दिनों से दिन में धूप और सुबह-शाम ठंड जारी
- अचानक बदले मौसम की रंगत को देख वैज्ञानिक असमंजस में
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। शहर व गांव बुधवार को एक बार फिर कोहरे की सफेद चादर से लिपट गए। घने कोहरे के चलते सड़क पर वाहनों की रफ्तार ठहर गई। इसी के साथ कड़ाके की ठंड ने सबको बेहाल कर दिया। पूरे दिन शीतलर का कहर जारी रहा। हालांकि दोपहर बाद कुछ समय को निकली धूप ने लोगों को राहत दी, लेकिन शाम ढलते ही फिर कोहरे ने आसमान को अपने आगोश में ले लिया।
मौसम एक बार फिर रंगत बदल रहा है। माना जा रहा था कि इस बार अच्छी ठंड रहेगी और इसका फायदा गेहूं की फसल को मिलेगा। मगर, इस बीच कई बार मौसम ने रंगत बदली और इसका सभी को असमंजस में डाल दिया। कभी कड़ाके की ठंड तो कभी घना कोहरा और शीतलकर का प्रकोप। वहीं बीच-बीच में गर्माहट का एहसास भी जारी रहा। इसे लेकर मौसम वैज्ञानिक भी असमंजस में रहे। पिछले कई दिनों से दिन के समय धूप निकलने से गर्माहट बढ़ी तो सभी ने राहत की सांस ली। माना जा रहा था कि अब मौसम साफ रहेगा। इसी बीच बुधवार की सुबह का आगाज घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के साथ हुआ। इसके चलते वाहनों की रफ्तार कम हो गई और लाइट जलानी पड़ी। कोहरा इतना अधिक था कि 10 मीटर के दायरे में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। स्कूल जाने वाले बच्चे भी कंपकंपाते हुए घर से निकले। कामकाज वाले लोग भी देरी से निकले और दुपहिया वाहन चालकों ने अपने को गर्म कपड़ों के लपेट लिया था। कोहरे के चलते बाजार में भी रौनक कम दिखाई दी। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डा. विवेकराज का कहना है कि बार-बार बदल रहे मौसम को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं किया जा सकता। बुधवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहा। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा, इसका खुलासा करना ठीक नहीं है। मगर, यह ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगा। इससे आमजन के साथ मवेशियों को बचाव की जरूरत है।
विज्ञापन