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मुआवजे की मांग को लेकर भाकियू का बिजलीघर पर धरना
Updated Tue, 09 Jan 2018 11:21 PM IST
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मुआवजे की मांग को लेकर भाकियू ने बिजलीघर पर दिया धरना
- करंट की चपेट में आने से झुलसे किसान ने तोड़ा दम
- आठ दिसंबर को खेत पर जाने के दौरान टूटे तार की चपेट में आ गया था किसान
- कार्यकर्ताओं की जेई और एसडीओ से हुई जमकर नोकझोंक
अमर उजाला ब्यूरो
औरंगाबाद। गांव मूढ़ीबकापुर में एक माह पहले बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे एक विकलांग किसान ने देर शाम दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। भाकियू ने मुआवजे की मांग को लेकर टाउन बिजलीघर पर हंगामा किया। इस दौरान किसानों की एसडीओ और जेई से जमकर नोकझोंक हुई। देर शाम तक किसानों का धरना जारी था।
गांव मूढ़ीबकापुर निवासी विकलांग किसान धर्मवीर सिंह (50) आठ दिसंबर की सुबह करीब 5 बजे खेतों पर जा रहे थे। आरोप है कि वहां पहले से ही बिजली का तार टूटा पड़ा था। तार में करंट दौड़ रहा था। धर्मवीर सिंह का पैर टूटे तार पर पड़ जाने के कारण वह गंभीर रूप से झुलस गए थे। परिजनाें ने आनन-फानन में उनको दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। सोमवार देर शाम धर्मवीर सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मंगलवार दोपहर भाकियू जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान की अगुवाई में मृतक के परिजन और किसान एकत्रित होकर टाउन बिजलीघर पर पहुंचे और मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। गुड्डू प्रधान ने कहा कि विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण किसान की जान गई है। जब तक जेई और एसडीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर परिजनों को मुआवजा नहीं दिया जाता है, तब तक किसान धरने पर बैठे रहेंगे। धरने की सूचना पर एसडीओ और जेई मौके पर पहुंचे। दोनों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने उनकी एक न सुनी। बाद में एसडीओ ने एक्सईएन से फोन पर किसानों की वार्ता कराई, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। धरने में अमरपाल प्रधान, राजकुमार शर्मा, कमल सिंह लोधी, विजय सैनी, रविकरन सिंह, मौ. नदीम, ज्ञानेन्द्र प्रधान, प्रेमपाल सिंह, अशोक सैनी, मांगे चौधरी, सोमवीर सिरोही, मोनू सिंह आदि मौजूद रहे।
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- करंट की चपेट में आने से झुलसे किसान ने तोड़ा दम
- आठ दिसंबर को खेत पर जाने के दौरान टूटे तार की चपेट में आ गया था किसान
- कार्यकर्ताओं की जेई और एसडीओ से हुई जमकर नोकझोंक
अमर उजाला ब्यूरो
औरंगाबाद। गांव मूढ़ीबकापुर में एक माह पहले बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे एक विकलांग किसान ने देर शाम दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। भाकियू ने मुआवजे की मांग को लेकर टाउन बिजलीघर पर हंगामा किया। इस दौरान किसानों की एसडीओ और जेई से जमकर नोकझोंक हुई। देर शाम तक किसानों का धरना जारी था।
गांव मूढ़ीबकापुर निवासी विकलांग किसान धर्मवीर सिंह (50) आठ दिसंबर की सुबह करीब 5 बजे खेतों पर जा रहे थे। आरोप है कि वहां पहले से ही बिजली का तार टूटा पड़ा था। तार में करंट दौड़ रहा था। धर्मवीर सिंह का पैर टूटे तार पर पड़ जाने के कारण वह गंभीर रूप से झुलस गए थे। परिजनाें ने आनन-फानन में उनको दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। सोमवार देर शाम धर्मवीर सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मंगलवार दोपहर भाकियू जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान की अगुवाई में मृतक के परिजन और किसान एकत्रित होकर टाउन बिजलीघर पर पहुंचे और मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। गुड्डू प्रधान ने कहा कि विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण किसान की जान गई है। जब तक जेई और एसडीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर परिजनों को मुआवजा नहीं दिया जाता है, तब तक किसान धरने पर बैठे रहेंगे। धरने की सूचना पर एसडीओ और जेई मौके पर पहुंचे। दोनों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने उनकी एक न सुनी। बाद में एसडीओ ने एक्सईएन से फोन पर किसानों की वार्ता कराई, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। धरने में अमरपाल प्रधान, राजकुमार शर्मा, कमल सिंह लोधी, विजय सैनी, रविकरन सिंह, मौ. नदीम, ज्ञानेन्द्र प्रधान, प्रेमपाल सिंह, अशोक सैनी, मांगे चौधरी, सोमवीर सिरोही, मोनू सिंह आदि मौजूद रहे।
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