फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   बारिश का कहर: मकान गिरने से दो मासूमों की मौत

बारिश का कहर: मकान गिरने से दो मासूमों की मौत

Sat, 23 Sep 2017 11:36 PM IST
Updated Sat, 23 Sep 2017 11:36 PM IST
विज्ञापन
बारिश का कहर : मकान गिरने से दो मासूमों की मौत
विज्ञापन

- 40 से अधिक घायल, अलग-अलग स्थानों पर हुआ हादसा, हड़कंप
-अस्पताल में भर्ती घायलों को देखने पहुंची डीएम, दिया मदद का भरोसा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर/खुर्जा/सिकंदराबाद/शिकारपुर/बुगरासी।
जिले में दो दिन से लगातार हो रही बारिश कहर बनकर बरसी है। भारी बारिश से अलग-अलग स्थानों पर मकान गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। वहीं, जिलेभर में मकान और दीवार गिरने से करीब 40 लोग घायल हो गए। घायलों को सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पहुंची डीएम ने अस्पतालों में मरीजों का हालचाल पूछा और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
कोतवाली देहात के गांव नीमखेड़ा में शुक्रवार रात बारिश के कारण बंटी का मकान गिर गया। खुर्जा के मोहल्ला खीरखानी निवासी फराहिम परिवार के साथ मकान में सो रहे थे। इस दौरान रात करीब दो बजे उसका मकान भरभराकर गिर पड़ा। इससे पूरा परिवार मलबे में दब गया। इसमें फराहिम की एक माह की मासूम बेटी सुहाना की मौत हो गई। जबकि परिवार में उनकी पत्नी रिहाना, बेटी आशिका, नसरा, इकरा और रिश्तेदार शबाना, जाकिर घायल हो गए। वहीं अरनिया क्षेत्र के गांव हैदर नगर मदकौला में परिवार के साथ सो रहे छतरपाल का मकान ढह गया। मलबे में दबने से परिवार के ओमपाल की दो वर्षीय बेटी श्वेता की मौत हो गई। जबकि छतरपाल, ओमपाल, अजीत (6), विलेश (21), रजनी (26) घायल हो गए। घायलों को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। अजीत की हालत गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा अरनिया क्षेत्र के ही गांव मुनि में रामनारायण का मकान ढहने से वह, उनकी पत्नी जमुना, बेटा कपिल, कुलदीप, बेटी गुंजन, मंजू, रूबी घायल हो गए। गांव सूरतपुर में मकान की दीवार ढहने से कमलेश घायल हो गईं। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य कें द्र की बांउड्री वाल, मुनि गांव निवासी लक्ष्मण, कैलाश के मकान तथा चंद्रशेखर के सीमेंट की दुकान की दीवार गिरने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जंक्शन क्षेत्र के गांव रामगढ़ी में भी कमरे की छत गिरने से उसमें बंधी भेड़ें दब गई। एसडीएम खुर्जा हिमांशु गुप्ता ने बताया कि अतिवृष्टि के कारण क्षति के संबंध में रिपोर्ट प्रेषित की गई। प्रत्येक मृतक और घायलों की सहायता राशि भेजी जाएगी। घायलों के उपचार में भी प्रावधान के अनुसार सहायता की जाएगी।
विज्ञापन

शिकारपुर क्षेत्र गांव सलेमपुर में राजवीर पुत्र सुक्खन के मकान की पीछे की दीवार भरभराकर गिर पड़ी। इससे वहां खेल रहे बच्चे संजीव (22) पुत्र पप्पू, राखी (16) पुत्री पन्ना लाल, चंचल (12) पुत्री ललित, साहिल (13) पुत्र सतवीर, विवेक (11) पुत्र बाबूलाल, क्षमा (9) पुत्री सतवीर, खुशी (5) पुत्री बोबिन्द्र, कुंज (3) पुत्र बोबिन्द्र, वंश (3) पुत्र सूरज दबने से घायल हो गए। सभी घायलों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। वहीं गांव घुंघरावली बनवारीपुर में मकान की छत गिरने से धनेश व अरविन्द घायल हो गये। इसके अलावा शिकारपुर क्षेत्र के गांव बादशाहपुर पंचगाई में एक मकान के कमरे में सो रहा नौकर राजवीर दब गया। इसका इलाज अलीगढ़ मेडिकल में चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

औरंगाबाद में भारी बारिश के कारण गिरे मकानों के अंदर सो रहे महिला समेत पांच लोग बाल-बाल बच गये। मोहल्ला स्याना सिकन्द्रा निवासी मुकेश शर्मा का रात करीब दस बजे भरभराकर मकान गिर पड़ा। मकान के गिरने से दंपत्ति बाल-बाल बच गये। उधर मोहल्ला छेपीवाड़ा निवासी शमशाद कुरैशी का शनिवार सुबह नौ बजे कच्चा मकान गिर गया। इसमें तीन लोग मकान के मलबे में दबने से बच गये।
सिकंदराबाद में गुलावठी रोड निवासी गुलाब सिंह पुत्र हरीचंद के मकान की दीवार गिर गई। चामड़ कालोनी निवासी रूपवती पत्नी सुखा सिंह के कमरे की दीवार गिरने के कारण उसका बेटे मोहित घायल हो गया। वहीं चामड़ कालोनी निवासी राकेश कुमार के मकान में दरार आ गई। ककोड़ के गांव बुर्ज में कामेश्वरी पत्नी स्व. टेकचंद का मकान गिरने से छत के नीचे दबकर वह घायल हो गई। चोला क्षेत्र के गांव शाहपुर कलां निवासी चंद्रपाल पुत्र साहब के कमरे की छत गिरने से उसका बेटा कपिल घायल हो गया। वहीं कमरे में बंधे एक पशु की मौत हो गई। गांव फतेहपुर जादो में पप्पन पुत्र डालचंद, गिरीशा पुत्र प्यारेलाल जाटव के मकान की दीवार गिर गई। गांव कादलपुर निवासी लाला पुत्र सुखबीर ने बताया कि दीवार के नीचे दबकर उसकी पत्नी घायल हो गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्याना की पट्टी मुसलमानान स्थित रंगरेजान गली में बीती रात एक मकान गिर गया। संयोगवश बड़ा हादसा होने से बचा। मकान स्वामी बाबू खां मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता है। बीती रात बारिश के चलते मकान की कड़ियां टूट गईं व जिससे घरेलू सामान दब गया। पीड़ित द्वारा स्याना के तहसीलदार तिमराज सिंह को तहरीर दी गई। जिस पर तहसीलदार ने आर्थिक सहायता हेतू राजस्व टीम को सर्वे करने के लिए भेजा।


मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख मुआवजे की घोषणा
- डीएम ने अफसरों को दिए तत्काल मदद करने के निर्देश
- अस्पतालों में पहुंचकर घायलों के बेहतर इलाज के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। बारिश के कारण गिरे मकानों में दबकर मौत के मामले में डीएम ने मुआवजे की घोषणा की है। डीएम ने मृतक के परिवारों के अलावा गिरे घरों के मालिकों को भी मुआवजा देने के आदेश अफसरों को दिए हैं।
शुक्रवार सुबह सात बजे शुरू हुई बारिश शनिवार की दोपहर एक बजे तक लगातार जारी रही। भीषण बारिश के कारण जिले में कई स्थानों पर मकानों व दीवारों के गिरने से दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई तो वहीं दर्जनों लोग घायल हो गए थे। हादसों की जानकारी मिलते ही डीएम जिला अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जानने पहुंच गई। डीएम ने घायलों का हाल जानते हुए स्वास्थ्य अफसरों को घायलों के बेहतर इलाज के आदेश दिए। उसके बाद डीएम ने खुर्जा के एक निजी अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जाना। अपने बच्चे को आईसीयू में भर्ती देख बिलख रहे परिजनों को देखकर डीएम की आंखें भी नम हो गई। डीएम ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, पूरी तरह से ध्वस्त मकान मालिक को 95 हजार, कम ध्वस्त मकान मालिक को 5200, ध्वस्त झोपड़ी के मालिक को 4100 रुपये मुआवजा देने के आदेश अफसरों को दिए।

अफसरों को पीड़ितों की मदद के आदेश
डीएम ने सभी तहसीलों के अफसरों को बारिश से पीड़ितों की मदद के आदेश दिए। डीएम ने कहा कि घायलों के इलाज के लिए अफसर 24 घंटे तैयार रहें। इस बाबत बीएसए को आदेश दिए कि बारिश से प्रभावित लोगों को प्राथमिक विद्यालयों में रहने की व्यवस्था की जाए। साथ ही लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था के लिए जिला पूर्ति अधिकारी को आदेश दिए।

फोटो समाचार
बारिश में डूबे पालिका के इंतजाम

बुलंदशहर। जिले में शुक्रवार सुबह शुरू हुई बारिश ने शहर को बदहाल कर दिया। कालाआम चौराहा, अस्पताल रोड, रोडवेज बस अड्डा, डीएवी तिराहे के पास डीआईओएस, बीएसए सहित कई सरकारी कार्यालय और विकास भवन आदि में जलभराव हो गया। मोहल्ला सांठा, अनूपशहर रोड के आसपास के मोहल्ले, आवास विकास, मामन रोड और भूड़ रोड क्षेत्र में पड़ने वाले मोहल्लों में भी जलभराव से लोगों को परेशानी रही। आलम यह रहा कि नालियों का पानी भी सड़क पर जा पहुंचा। दिनभर लोग बरसात, कीचड़ और जलभराव की मुसीबतों से जूझते रहे। नगर पालिका ईओ एके सिंह का कहना है कि बारिश अधिक होने के कारण जलभराव की समस्या बनी है। इस समस्या से जल्द निजात दिलाई जाएगी।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बीके श्रीवास्तव ने लोगों से अपील कि है कि वह अपने घरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें। साथ ही बीमार पड़ने पर चिकित्सक से सलाह लेकर दवाई खाएं।

जिले में 80 एमए हुई बारिश
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज के अनुसार जिले में 80 एमएम बारिश हुई है। इस बारिश ने मानसून के दौरान हुई बारिश के भी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। यह बेमौसमी बारिश है और इससे फायदा कम और नुकसान अधिक हुआ है। उन्होंने अब मौसम साफ होने की भी संभावना जताई है।

बर्बाद होती फसल देख किसान चिंतित
बुलंदशहर। जून व जुलाई में सामान्य बारिश से खरीफ की फसलों को पानी देने के लिए किसानों को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा। किसी तरह उन्होंने अपनी फसल को बचाया तो पिछले दिनों तेज हवा के साथ आई बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। इस दौरान धार्न, ईंख, बाजरा, मक्का आदि की फसल गिर गई। अब एक बार फिर अचानक आई बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी। लगातार दो दिन तक जारी रही बारिश से खेत-खलिहान लबालब कर दिए। इससे सबसे अधिक नुकसान धान, उड़द और मूंग की फसल को हुआ है। किसान रामफल, बिशन, रामनरेश और मुख्तयार का कहना है कि पहले मानसून की कम बारिश ने परेशानी बढ़ा दी और रही-सही कसर अब इस बारिश ने निकाल दी है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज और जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है।

बारिश से सड़कें उखड़ी, बने गड्ढे
दो दिन से लगातार झमाझम बारिश से जिले की सड़कें भी सुरक्षित नहीं रहीं। बारिश से लगभग सभी सड़कें उखड़ गई और उनमें गड्ढे बन गए हैं। गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पिछले दिनों बारिश ने सड़कों में गड्ढों को और बड़ा कर दिया। रही-सही कसर अब बारिश ने निकाल दी। इस बारिश से जिले की कोई ऐसी सड़क होगी, जिसकी बजरी न उखाड़ दी हो और गड्ढे न बना दिए हों। सबसे अधिक हालत उन सड़काें की खराब हुई है, जो पहले से उखड़ी हुई थी और गड्ढे बने हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed