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जिले में एक लाख 93 हजार घर शौचालय विहीन
Updated Sat, 23 Sep 2017 11:36 PM IST
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जिले में एक लाख 93 हजार घर शौचालय विहीन
- 4,09,395 परिवारों में से 2,08,895 घरों में ही शौचालय
- वर्ष 2013-14 से शुरू हुई स्वच्छ भारत ग्रामीण योजना से अब तक बने मात्र 80,150 शौचालय
- शौचालय निर्माण के लिए अभी तक मिले मात्र 28 करोड़, अब मात्र बचे 90 लाख
- जिले में शौचालय बनाने को अभी और चाहिए 240 करोड़, एक साल में कैसे होगा कार्य पूरा
मनोज चौधरी
बुलंदशहर। केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए शौचालयों का निर्माण करवाया जा रहा है। मगर, हैरानी की बात यह है कि 4,09,395 परिवारों में से 2,08,895 घरों में ही शौचालय हैं। जबकि एक लाख 93 हजार घर अभी भी शौचालय विहीन हैं।
वर्ष 2013-14 में शुरू हुई योजना से 80,150 शौचालयों का ही निर्माण हुआ है। जबकि जिले के घर-घर में वर्ष 2018 तक शौचालय बनाए जाने हैं। ऐसे में यह लक्ष्य पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा। इसका कारण यह भी है कि शौचालय निर्माण के लिए जिले को अभी तक 28 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। इस राशि में से अब मात्र 90 लाख रुपये ही शेष बचे हैं। जबकि शेष शौचालय बनाने के लिए 240 करोड़ की जरूरत है।
122 गांव हो चुके हैं ओडीएफ
जिले को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसके तहत ग्रामीणों को खुले में शौच न करने के लिए प्रेरित करते हुए होने वाले नुकसान से भी अवगत करवाया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से अब तक 951 ग्राम पंचायतों के 1250 में से 122 गांवों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है।
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जिले में ओडीएफ और शौचालय निर्माण का काम जारी है। विभाग के पास 90 लाख रुपये शेष बचे हैं। जबकि अभी 240 करोड़ की जरूरत है। राशि के लिए शासन को डिमांड भेजी जाएगी। राशि मिलने के बाद ही घर-घर में शौचालय बनाने का काम पूरा होगा।
- अमरजीत सिंह, डीपीआरओ।
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- 4,09,395 परिवारों में से 2,08,895 घरों में ही शौचालय
- वर्ष 2013-14 से शुरू हुई स्वच्छ भारत ग्रामीण योजना से अब तक बने मात्र 80,150 शौचालय
- शौचालय निर्माण के लिए अभी तक मिले मात्र 28 करोड़, अब मात्र बचे 90 लाख
- जिले में शौचालय बनाने को अभी और चाहिए 240 करोड़, एक साल में कैसे होगा कार्य पूरा
मनोज चौधरी
बुलंदशहर। केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए शौचालयों का निर्माण करवाया जा रहा है। मगर, हैरानी की बात यह है कि 4,09,395 परिवारों में से 2,08,895 घरों में ही शौचालय हैं। जबकि एक लाख 93 हजार घर अभी भी शौचालय विहीन हैं।
वर्ष 2013-14 में शुरू हुई योजना से 80,150 शौचालयों का ही निर्माण हुआ है। जबकि जिले के घर-घर में वर्ष 2018 तक शौचालय बनाए जाने हैं। ऐसे में यह लक्ष्य पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा। इसका कारण यह भी है कि शौचालय निर्माण के लिए जिले को अभी तक 28 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। इस राशि में से अब मात्र 90 लाख रुपये ही शेष बचे हैं। जबकि शेष शौचालय बनाने के लिए 240 करोड़ की जरूरत है।
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122 गांव हो चुके हैं ओडीएफ
जिले को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसके तहत ग्रामीणों को खुले में शौच न करने के लिए प्रेरित करते हुए होने वाले नुकसान से भी अवगत करवाया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से अब तक 951 ग्राम पंचायतों के 1250 में से 122 गांवों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है।
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जिले में ओडीएफ और शौचालय निर्माण का काम जारी है। विभाग के पास 90 लाख रुपये शेष बचे हैं। जबकि अभी 240 करोड़ की जरूरत है। राशि के लिए शासन को डिमांड भेजी जाएगी। राशि मिलने के बाद ही घर-घर में शौचालय बनाने का काम पूरा होगा।
- अमरजीत सिंह, डीपीआरओ।