फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   महिलाओं ने जाम लगाकर रोकी स्टेट हाईवे की रफ्तार

महिलाओं ने जाम लगाकर रोकी स्टेट हाईवे की रफ्तार

Tue, 05 Sep 2017 10:45 PM IST
Updated Tue, 05 Sep 2017 10:45 PM IST
विज्ञापन
महिलाओं ने जाम लगाकर रोकी स्टेट हाईवे की रफ्तार
महिलाओं ने चार घंटे तक रोकी स्टेट हाईवे की रफ्तार
विज्ञापन

फोटो
समस्या एक
- जर्जर सड़कों के निर्माण की मांग को लेकर सड़क पर उतरीं महिलाएं
- सीओ, तहसीलदार व देहात कोतवाल पहुंचे मौके पर
- कई अन्य कालोनियों में भी सड़कों पर भरा हुआ है पानी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
सड़कों पर हुए जलभराव को लेकर मंगलवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। भड़की महिलाओं ने एकत्रित होकर अनूपशहर अड्डे पर स्टेट हाईवे जाम कर दिया। बड़ी संख्या में लोगों के प्रदर्शन की सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंच गए। करीब चार घंटे बाद अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से लोगों को समझाकर शांत किया।
मंगलवार को कोतवाली देहात के गांव हीरापुर में सड़क पर जलभराव की समस्या को लेकर लोगों ने अनूपशहर अड्डा पर जाम लगाकर बुलंदशहर-अनूपशहर स्टेट हाईवे जाम कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं व लोगों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन करते हुए अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गांव हीरापुर के लोगों ने आरोप लगाया कि मोहल्ला पजाया में सड़क पर जलभराव को लेकर कई बार डीएम व संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद भी लोगों की शिकायतों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान भी निधि न होने का बहाना बनाकर अपना पलड़ा झाड़ लेता है। मौके पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होकर जाम लगाने की सूचना पर तहसीलदार, सीओ, देहात कोतवाल व मंडी चौकी प्रभारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने लोगों को काफी समझाने की कोशिश की, पर लोग समझने के लिए तैयार नहीं थे। लोगों ने डीएम को मौके पर बुलाने की बात कही। इस मौके पर हसरत अली राना, शकुन्तला, राजू, महेन्द्री, कैलाश, बादल, राजकुमार आदि समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन

----------------

समस्या दो
नाली नहीं होने से स्टेट हाईवे-100 पर भरा पानी
फोटो
- पानी निकासी के लिए नहीं है कोई नाली, रोड पर बहता है गंदा पानी
- स्थानीय निवासी हुए परेशान, शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
बुलंदशहर। ककोड़ देहात क्षेत्र से गुजरने वाले हामिदपुर-सिकंदराबाद स्टेट हाईवे पर जलभराव है। लोगों की शिकायत के बाद भी अफसरों की बेरुखी से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में लोगों को बीमारी फैलने का भी डर सता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ककोड़ देहात क्षेत्र के हामिदपुर-सिकंदराबाद-कुचेसर स्टेट हाईवे-100 पर भी पानी भरा हुआ है। आसपास के लोगों ने कई बार सीडीओ व अन्य अफसरों से शिकायत की है। शिकायत के बाद भी अब तक हाईवे के जलभराव की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि इसके लिए पत्र लिखकर मुख्यमंत्री समेत अन्य बड़े नेताओं से कार्रवाई की मांग की गई है। इस बाबत सीडीओ जसजीत कौर ने बताया कि हाईवे के दोनों ओर नालियां बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी गौतमबुद्ध नगर के अधिकारियों को निर्देशित किया है। बताया कि फिलहाल नालियों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। जल्द ही नालियां बनाकर जलभराव की समस्या से लोगों को निजात दिला दी जाएगी।

---------------

यहां हर घर के सामने है ‘स्वीमिंग पूल’
समस्या तीन
- अफसरों की बेरुखी का दंश झेल रहे मोहल्लेवासी
बुलंदशहर। नगर क्षेत्र में यूं तो नगर पालिका समेत तमाम संस्थाएं विकास के लाख दावे कर रही हैं। इसके बाद भी नगर में एक ऐसी कॉलोनी है, जहां पर प्रत्येक घर के सामने एक स्वीमिंग पूल बना हुआ है। इस स्वीमिंग पूल में साफ पानी के बजाए नालियों का गंदा पानी हर मौसम में भरा रहता है। कई बार अफसरों से शिकायत के बाद भी अभी तक सड़क का निर्माण नहीं कराया जा सका है।
नगर क्षेत्र के मोहल्ला रामविहार शास्त्रीनगर के मुख्य मार्ग पर हर मौसम में पानी भरा रहता है। मुख्य मार्ग पर हुए गड्ढे और नालियों की जर्जर स्थिति के कारण नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है। कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि कई बार सांसद, विधायक समेत डीएम, नगर पालिका, बीडीए व अन्य संस्थाओं के अफसरों से शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद भी लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। हालांकि पूर्व में लोगों ने इस संबंध में हाईवे पर जाम, डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया तो अफसरों ने कार्रवाई को भरोसा दिया था। इसके बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
मोहल्ला के मुख्य मार्ग पर जलभराव होने से उसमें मच्छर समेत अन्य कीटाणु पनप रहे हैं। लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण मोहल्ले के लगभग प्रत्येक घर में बीमारी फैल चुकी है। स्वास्थ्य अफसर भी आकर कहते हैं कि जब तक जलभराव समाप्त नहीं होगा, तब तक बीमारियों पर अंकुश लगाना असंभव है। रामविहार कालोनी का मुख्य मार्ग न केवल कालोनी के लिए ही प्रयोग किया जाता है, जबकि गांव जालखेड़ा के लोग भी इसी रास्ते का प्रयोग करते हैं। रास्ता निर्माण के लिए कई बार गांव के लोग भी अफसरों से मिले पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। कालोनी में सीबीएसई बोर्ड का एक बड़ा स्कूल है। स्कूल में करीब एक हजार बच्चे प्रतिदिन पढ़ने जाते हैं। मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण स्कूली बच्चों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। जलभराव के कारण कई बच्चे अब तक गिरकर घायल हो चुके हैं।


समस्या चार
अगस्त माह बीत जाने के बाद भी राशन को भटक रहे पात्र
- पीओएस मशीन खराब होने का बहाना बनाकर पात्रों को लौटा रहे डीलर
- तीन एफआईआर और 16 दुकान सस्पेंड करने के बाद भी डीलरों की मनमानी बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अगस्त माह बीत जाने के बाद भी पात्र राशन को भटक रहे हैं। इतना ही नहीं डीलर प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन खराब होने का बहाना बनाकर पात्रों को लौटा रहे हैं। डीलरों की मनमानी बरकरार है और अफसरों की चेतावनी भी काम नहीं आ रही है। यह उस स्थिति में है जबकि तीन डीलरों पर एफआईआर हो चुकी है और 16 दुकानें सस्पेंड की जा चुकी हैं।

जिले में सरकारी राशन की 1426 दुकान संचालित हैं। इनसे नौ लाख से अधिक परिवार जुड़े हुए हैं। इनमें 6.50 लाख परिवार फूड सिक्योरिटी एक्ट योजना के शामिल हैं। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं दो रुपये प्रति किलो और दो किलो चावल तीन रुपये प्रति किलो दिया जाता है। राशन प्रत्येक पात्र को मिले। इसके लिए आपूर्ति विभाग की ओर से खास प्रबंध किए गए हैं। मगर, डीलर अपनी मनमानी बरकरार रखे हुए हैं। इसका सबूत यह है कि हाल ही में तीन स्थानों पर राशन की कालाबाजारी का भंडाफोड़ हुआ और विभाग ने एफआईआर दर्ज करवाई। इतना ही नहीं राशन न बांटने पर 16 दुकान सस्पेंड की जा चुकी हैं। जबकि 50 से अधिक दुकानों की मिली शिकायत की जांच चल रही है। इसके बावजूद अगस्त माह बीत जाने के बाद पात्र राशन को भटक रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बुधवार को नगर की टीचर्स कॉलोनी में सामने आया। यहां पात्र राशन के लिए पहुंचे। मगर, डीलर ने पीओएस मशीन खराब होने का बहाना बनाकर उन्हें बिना राशन दिए टरका दिया। इसी तरह के और भी मामले सामने आ रहे हैं। पात्रों का आरोप है कि डीलर विभागीय अफसरों से मिलीभगत कर राशन नहीं दे रहे। वह जब भी राशन लेने जाते हैं तो डीलर पीओएस मशीन खराब होने या फिर कोई और बात कर बिना राशन दिए लौटा रहे हैं। ऐसा कर डीलर राशन को ब्लैक करने की फिराक में हैं। उधर, डीएसओ केबी सिंह का कहना है कि डीलरों की मनमानी के लग रहे आरोप उनके संज्ञान में हैं। ऐसे डीलरों पर शिकंजा कसने के लिए विभाग ने एक टीम का गठन किया है। यह टीम जांच कर सच्चाई का पता लगाएगी। उन्होंने डीलरों को चेतावनी दी है कि वह प्रत्येक पात्र को राशन का वितरण करें। यदि किसी की शिकायत मिली और जांच में सही पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed