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300 किलोमीटर के दायरे में आलू बेचने पर मिलेगा भाड़ा
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:04 PM IST
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300 किलोमीटर के दायरे में आलू बेचने पर मिलेगा भाड़ा
- शासन ने आलू का मंडी शुल्क और विकास शुल्क से किया मुक्त
- अधिकारियों ने आलू किसानाें, व्यापारियों और शीतगृह स्वामियों की बैठक लेकर किया जागरुक
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। आलू उत्पादक किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। शासन ने आलू का मंडी शुल्क और विकास शुल्क से मुक्त करने के साथ प्रदेश या प्रदेश से बाहर 300 किलोमीटर के दायरे में आलू बेचने पर भाड़ा देने की योजना बनाई है। इसका खुलासा सीडीओ जसजीत कौर की अध्यक्षता में विकास भवन में संपन्न हुई बैठक में किया गया। इस बैठक में आलू किसानों, व्यापारियों और शीतगृह स्वामियों को आमंत्रित कर जागरुक किया।
सीडीओ जसजीत कौर ने बताया कि शासन ने आलू किसानों को उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रदेश में 300 किलोमीटर या फिर प्रदेश से बाहर आलू बेचने हेतु प्रति क्विंटल या फिर वास्तविक भाड़े का 25 प्रशित अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही मंडी शुल्क एवं विकास शुल्क से भी मुक्त कर दिया गया है। इस वर्ष आलू का रिकार्ड उत्पादन और उपलब्धता के सापेक्ष मांग न होने के कारण आलू का भाव काफी कम है। जबकि दक्षिण व पूर्वोत्तर के राज्यों में बाजार भाव अपेक्षाकृत अच्छा है। किसान अच्छे दामों की आशा में शीतगृह से लागू रखकर इंतजार कर रहा है। सरकार की आलू भाड़ा योजना से लागू उत्पादक किसानों के अच्छे दिन की उम्मीद जग गई है। इस योजना का क्रियान्वयन कराके आलू उत्पादक किसानों, व्यापारियों को योजना का लाभ लेने के लिए ही इस बैठक का आयोजन किया गया। सीडीओ ने मंडियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना का लाभ जिले के किसानों और व्यापारियों को दिलाया जाना सुनिश्चित करें। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह ने बताया कि भाड़ा अनुदान प्राप्त करने के लिए किसानों को मंडी सचिव के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन में आईडी के रूप में आधार कार्ड व अन्य फोटो पहचान पत्र, खतौनी, शीतगृह की निकासी पर्ची आदि लगानी होगी। व्यापारियों को भाड़ा अनुदान और मंडी शुल्क प्राप्त करने के लिए मंडी सचिव को आवेदन पत्र के साथ लाइसेंस, फोटो युक्त आईडी, शीतगृह की निकासी पर्ची और बिल्टी के साथ प्रपत्र-9 की प्रति संलग्न करनी होगी। आवेदन के एक माह के भीतर समिति परीक्षण कर अनुदान देगी। यह योजना 31 दिसंबर तक लागू रहेगी।
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- शासन ने आलू का मंडी शुल्क और विकास शुल्क से किया मुक्त
- अधिकारियों ने आलू किसानाें, व्यापारियों और शीतगृह स्वामियों की बैठक लेकर किया जागरुक
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। आलू उत्पादक किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। शासन ने आलू का मंडी शुल्क और विकास शुल्क से मुक्त करने के साथ प्रदेश या प्रदेश से बाहर 300 किलोमीटर के दायरे में आलू बेचने पर भाड़ा देने की योजना बनाई है। इसका खुलासा सीडीओ जसजीत कौर की अध्यक्षता में विकास भवन में संपन्न हुई बैठक में किया गया। इस बैठक में आलू किसानों, व्यापारियों और शीतगृह स्वामियों को आमंत्रित कर जागरुक किया।
सीडीओ जसजीत कौर ने बताया कि शासन ने आलू किसानों को उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रदेश में 300 किलोमीटर या फिर प्रदेश से बाहर आलू बेचने हेतु प्रति क्विंटल या फिर वास्तविक भाड़े का 25 प्रशित अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही मंडी शुल्क एवं विकास शुल्क से भी मुक्त कर दिया गया है। इस वर्ष आलू का रिकार्ड उत्पादन और उपलब्धता के सापेक्ष मांग न होने के कारण आलू का भाव काफी कम है। जबकि दक्षिण व पूर्वोत्तर के राज्यों में बाजार भाव अपेक्षाकृत अच्छा है। किसान अच्छे दामों की आशा में शीतगृह से लागू रखकर इंतजार कर रहा है। सरकार की आलू भाड़ा योजना से लागू उत्पादक किसानों के अच्छे दिन की उम्मीद जग गई है। इस योजना का क्रियान्वयन कराके आलू उत्पादक किसानों, व्यापारियों को योजना का लाभ लेने के लिए ही इस बैठक का आयोजन किया गया। सीडीओ ने मंडियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना का लाभ जिले के किसानों और व्यापारियों को दिलाया जाना सुनिश्चित करें। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह ने बताया कि भाड़ा अनुदान प्राप्त करने के लिए किसानों को मंडी सचिव के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन में आईडी के रूप में आधार कार्ड व अन्य फोटो पहचान पत्र, खतौनी, शीतगृह की निकासी पर्ची आदि लगानी होगी। व्यापारियों को भाड़ा अनुदान और मंडी शुल्क प्राप्त करने के लिए मंडी सचिव को आवेदन पत्र के साथ लाइसेंस, फोटो युक्त आईडी, शीतगृह की निकासी पर्ची और बिल्टी के साथ प्रपत्र-9 की प्रति संलग्न करनी होगी। आवेदन के एक माह के भीतर समिति परीक्षण कर अनुदान देगी। यह योजना 31 दिसंबर तक लागू रहेगी।
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