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ढाई लाख ट्यूबवेलों के कनेक्शन की हुई क्षमता वृद्धि
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:51 PM IST
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ढाई लाख ट्यूबवेलों के कनेक्शन की हुई क्षमता वृद्धि
बुलंदशहर। ट्यूबवेलों के कनेक्शनों की क्षमता बढ़ाने के आदेशों के बाद जिले में पावर कॉरपोरेशन अफसरों ने ढाई लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शनों को 5 से 7.5 हार्सपावर में बदल दिया है। जबकि करीब पांच हजार उपभोक्ताओं ने अफसरों को प्रार्थना पत्र दिया है कि वह वास्तव में पांच हार्सपावर की मोटर का ही प्रयोग कर रहे हैं।
शासन के आदेश पर बिजली अफसरों ने ट्यूबवेल कनेक्शनों की क्षमता वृद्धि शुरू की थी। इस मौके पर अफसरों ने पांच किलोवाट वाले सभी कनेक्शनों को 7.5 किलोवाट में परिवर्तित कर दिया था। इसके बाद लोगों ने इसका विरोध भी किया था, लेकिन अफसरों ने लोगों को आश्वासन दिया था कि यदि वह वास्तव में पांच किलोवाट क्षमता का मोटर का प्रयोग कर रहे हैं तो वह एक प्रार्थना पत्र लिखकर दें। जिसके बाद जिले में करीब पांच हजार उपभोक्ताओं ने ही प्रार्थना पत्र दिया है। बताया जा रहा है कि प्रार्थना पत्र देकर क्षमता वृद्धि न कराने वाले उपभोक्ताओं के ट्यूबवेलों का अफसर कभी भी निरीक्षण करने पहुंच सकते हैं। एसई अजय अग्रवाल ने बताया कि प्रार्थना पत्र के आधार पर कुछ उपभोक्ताओं के कनेक्शनों की क्षमता नहीं बढ़ाई गई है। इन उपभोक्ताओं के ट्यूबवेलों का औचक निरीक्षण कर स्थिति की जांच की जाएगी।
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बुलंदशहर। ट्यूबवेलों के कनेक्शनों की क्षमता बढ़ाने के आदेशों के बाद जिले में पावर कॉरपोरेशन अफसरों ने ढाई लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शनों को 5 से 7.5 हार्सपावर में बदल दिया है। जबकि करीब पांच हजार उपभोक्ताओं ने अफसरों को प्रार्थना पत्र दिया है कि वह वास्तव में पांच हार्सपावर की मोटर का ही प्रयोग कर रहे हैं।
शासन के आदेश पर बिजली अफसरों ने ट्यूबवेल कनेक्शनों की क्षमता वृद्धि शुरू की थी। इस मौके पर अफसरों ने पांच किलोवाट वाले सभी कनेक्शनों को 7.5 किलोवाट में परिवर्तित कर दिया था। इसके बाद लोगों ने इसका विरोध भी किया था, लेकिन अफसरों ने लोगों को आश्वासन दिया था कि यदि वह वास्तव में पांच किलोवाट क्षमता का मोटर का प्रयोग कर रहे हैं तो वह एक प्रार्थना पत्र लिखकर दें। जिसके बाद जिले में करीब पांच हजार उपभोक्ताओं ने ही प्रार्थना पत्र दिया है। बताया जा रहा है कि प्रार्थना पत्र देकर क्षमता वृद्धि न कराने वाले उपभोक्ताओं के ट्यूबवेलों का अफसर कभी भी निरीक्षण करने पहुंच सकते हैं। एसई अजय अग्रवाल ने बताया कि प्रार्थना पत्र के आधार पर कुछ उपभोक्ताओं के कनेक्शनों की क्षमता नहीं बढ़ाई गई है। इन उपभोक्ताओं के ट्यूबवेलों का औचक निरीक्षण कर स्थिति की जांच की जाएगी।
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