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सौर ऊर्जा से रोशन होगा बुलंदशहर
Updated Sat, 29 Jul 2017 12:19 AM IST
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सौर ऊर्जा से रोशन होगा बुलंदशहर
प्रदेश में जल्द ही बिजली की कमी नहीं रहेगी। इसके लिए पहल शुरू हो गई है। खास बात यह रहेगी कि जिले में बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा प्लांट बनेंगे।
इनका निर्माण बंजर और अनुपयोगी भूमि पर किया जाएगा। नेडा ने प्लांट के लिए भूमि के लिए सभी एसडीएम को पत्र लिख दिए हैं।
प्रदेश सरकार ने बिजली की कमी को दूर करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित परियोजना के तहत सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर विद्युत उत्पादन होगा।
प्लांट में तैयार बिजली को पावर कारपोशन की ग्रिड से जोड़ा जाएगा। इसके बाद सप्लाई की जाएगी। इस कार्य में नेडा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी, जबकि बिजली सप्लाई का काम पावर कारपोरेशन का होगा।
योजना की खास बात यह है कि सौर ऊर्जा प्लांट बंजर और अनुपयोगी भूमि में लगाए जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर भूमि की तलाश शुरू हो गई है और नेडा ने जिले के सभी एसडीएम को पत्र भी लिख दिए हैं।
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इस योजना को सफल बनाने में अफसर लगातार प्रयासरत हैं। अधिकारियों का दावा है कि इस योजना से बिजली की कमी नहीं रहेगी। प्रदेश सरकार की मंशा है कि अगले दो साल में सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर बिजली का उत्पादन बढ़ाया जाए।
शासन ने बिजली की कमी को दूर करने के लिए जिले में सौर ऊर्जा आधारित परियोजना के तहत बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की पहल की है। इसके लिए सभी एसडीएम को बंजर और अनुपयोगी भूमि उपलब्ध करवाने के लिए पत्र लिख दिए हैं।
भूमि का चयन होते ही प्लांट लगाने की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। यह अलग बात है कि अभी शासन से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जिले में कितने प्लांट लगाए जाएंगे। - पीपी सिंह, प्रोजेक्ट ऑफिसर, नेडा
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प्रदेश में जल्द ही बिजली की कमी नहीं रहेगी। इसके लिए पहल शुरू हो गई है। खास बात यह रहेगी कि जिले में बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा प्लांट बनेंगे।
इनका निर्माण बंजर और अनुपयोगी भूमि पर किया जाएगा। नेडा ने प्लांट के लिए भूमि के लिए सभी एसडीएम को पत्र लिख दिए हैं।
प्रदेश सरकार ने बिजली की कमी को दूर करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित परियोजना के तहत सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर विद्युत उत्पादन होगा।
प्लांट में तैयार बिजली को पावर कारपोशन की ग्रिड से जोड़ा जाएगा। इसके बाद सप्लाई की जाएगी। इस कार्य में नेडा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी, जबकि बिजली सप्लाई का काम पावर कारपोरेशन का होगा।
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योजना की खास बात यह है कि सौर ऊर्जा प्लांट बंजर और अनुपयोगी भूमि में लगाए जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर भूमि की तलाश शुरू हो गई है और नेडा ने जिले के सभी एसडीएम को पत्र भी लिख दिए हैं।
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इस योजना को सफल बनाने में अफसर लगातार प्रयासरत हैं। अधिकारियों का दावा है कि इस योजना से बिजली की कमी नहीं रहेगी। प्रदेश सरकार की मंशा है कि अगले दो साल में सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर बिजली का उत्पादन बढ़ाया जाए।
शासन ने बिजली की कमी को दूर करने के लिए जिले में सौर ऊर्जा आधारित परियोजना के तहत बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की पहल की है। इसके लिए सभी एसडीएम को बंजर और अनुपयोगी भूमि उपलब्ध करवाने के लिए पत्र लिख दिए हैं।
भूमि का चयन होते ही प्लांट लगाने की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। यह अलग बात है कि अभी शासन से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जिले में कितने प्लांट लगाए जाएंगे। - पीपी सिंह, प्रोजेक्ट ऑफिसर, नेडा