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ओडीएफ की अखल जगाने को 20 और बनेंगी टीम
Updated Wed, 19 Jul 2017 11:04 PM IST
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ओडीएफ की अखल जगाने को बनेंगी 20 और टीम
जिले को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। ओडीएफ की अलख जगाने को अब 20 और टीम बनाई जाएंगी। पूर्व में बनाई गईं टीम के सदस्य गांवों में पहुंच गए हैं।
वहीं, दूसरी ओर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 25-25 शौचालयों की राशि ग्राम प्रधान के खाते में भेजने की विभाग ने रणनीति बना ली है। स्वच्छ भारत अभियान और नमामि गंगे के तहत जिले को खुले में शौच मुक्त करने के लिए शौचालयों का निर्माण जारी है।
शौचालय निर्माण के लिए शासन की ओर से 12 हजार रुपये की राशि दी जाती है। पंचायती राज विभाग ने हाल में जिले के सभी गांवों में विभागीय अफसरों और ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को 25-25 शौचालय बनवाने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
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यह लक्ष्य पूरा हो गया है और अब विभाग ने ग्राम प्रधान के खातों में इन शौचालयों की राशि भेजने की रणनीति बना ली है। वहीं, दूसरी ओर ओडीएफ की अलख जगाने को बनाईं गईं 19 टीम गांवों में पहुंच गईं और वह ग्रामीणों को जागरूक करने लगीं हैं।
अब विभाग ने इस कार्य को सफल बनाने और जिले की जनता को जल्द खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए 20 और टीम बनाने का खाका तैयार कर लिया है। इसके लिए बुधवार को विकास भवन में टीम के सदस्यों की बैठक भी बुलाई गई।
डीपीआरओ अमरजीत सिंह ने बताया कि जिले को ओडीएफ और घर-घर में शौचालय बनवाने के लिए विभाग ने कमर कस ली है। प्रयास जारी रहेगा कि यह काम जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 25-25 शौचालयों की राशि भी ग्राम प्रधानों के खाते में भेजने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है।
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जिले को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। ओडीएफ की अलख जगाने को अब 20 और टीम बनाई जाएंगी। पूर्व में बनाई गईं टीम के सदस्य गांवों में पहुंच गए हैं।
वहीं, दूसरी ओर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 25-25 शौचालयों की राशि ग्राम प्रधान के खाते में भेजने की विभाग ने रणनीति बना ली है। स्वच्छ भारत अभियान और नमामि गंगे के तहत जिले को खुले में शौच मुक्त करने के लिए शौचालयों का निर्माण जारी है।
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शौचालय निर्माण के लिए शासन की ओर से 12 हजार रुपये की राशि दी जाती है। पंचायती राज विभाग ने हाल में जिले के सभी गांवों में विभागीय अफसरों और ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को 25-25 शौचालय बनवाने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
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यह लक्ष्य पूरा हो गया है और अब विभाग ने ग्राम प्रधान के खातों में इन शौचालयों की राशि भेजने की रणनीति बना ली है। वहीं, दूसरी ओर ओडीएफ की अलख जगाने को बनाईं गईं 19 टीम गांवों में पहुंच गईं और वह ग्रामीणों को जागरूक करने लगीं हैं।
अब विभाग ने इस कार्य को सफल बनाने और जिले की जनता को जल्द खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए 20 और टीम बनाने का खाका तैयार कर लिया है। इसके लिए बुधवार को विकास भवन में टीम के सदस्यों की बैठक भी बुलाई गई।
डीपीआरओ अमरजीत सिंह ने बताया कि जिले को ओडीएफ और घर-घर में शौचालय बनवाने के लिए विभाग ने कमर कस ली है। प्रयास जारी रहेगा कि यह काम जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 25-25 शौचालयों की राशि भी ग्राम प्रधानों के खाते में भेजने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है।