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इलाज के अभाव में महिला की मौत, हंगामा
Updated Sat, 15 Jul 2017 12:19 AM IST
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इलाज के अभाव में महिला की मौत, हंगामा
बुलंदशहर जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार रात इलाज के अभाव में एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
बाद में अस्पताल प्रशासन के अफसरों ने लोगों को समझाकर शांत कराया। जानकारी के अनुसार कोतवाली देहात के गांव शेरपुर निवासी सुखवीरी देवी (50) को डायरिया के चलते बृहस्पतिवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सुबह से भर्ती सुखवीरी की ओर किसी भी चिकित्सक ने ध्यान नहीं दिया। परिजनों ने भी चिकित्सकों के पास 20 से अधिक चक्कर लगाए, लेकिन चिकित्सक उन्हें बार-बार टरकाते रहे।
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चिकित्सकों की लापरवाही के कारण गुरुवार शाम महिला की हालत बिगड़ी और करीब नौ बजे उसने दम तोड़ दिया। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
हंगामा बढ़ता देखकर मौके से चिकित्सक गायब हो गए। बाद में मौके पर पहुंचे अस्पताल अफसरों ने लोगों को समझाकर शांत किया। जिसके बाद लोग महिला के शव को अपने साथ ले गए।
महिला की मौत से गुस्साए लोग बृहस्पतिवार की रात जमकर हंगामा कर रहे थे। लोगों का आरोप था कि सुबह महिला को भर्ती करने के बाद से चिकित्सकों ने एक बार भी महिला की तबीयत नहीं देखी।
आरोप है कि इस दौरान परिजनों ने आठ से दस बार चिकित्सकों व स्टाफ नर्स से महिला की तबियत बिगड़ने की जानकारी दी, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा और महिला की मौत हो गई।
महिला डायरिया से ग्रस्त थी। सुबह भर्ती करने के बाद चिकित्सकों ने महिला को करीब पांच बार देखा था। चिकित्सकों द्वारा न देखने का आरोप पूरी तरह से गलत है। महिला की मौत इलाज में लापरवाही के कारण नहीं हुई है। - डॉ. राजकुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
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बुलंदशहर जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार रात इलाज के अभाव में एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
बाद में अस्पताल प्रशासन के अफसरों ने लोगों को समझाकर शांत कराया। जानकारी के अनुसार कोतवाली देहात के गांव शेरपुर निवासी सुखवीरी देवी (50) को डायरिया के चलते बृहस्पतिवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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सुबह से भर्ती सुखवीरी की ओर किसी भी चिकित्सक ने ध्यान नहीं दिया। परिजनों ने भी चिकित्सकों के पास 20 से अधिक चक्कर लगाए, लेकिन चिकित्सक उन्हें बार-बार टरकाते रहे।
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चिकित्सकों की लापरवाही के कारण गुरुवार शाम महिला की हालत बिगड़ी और करीब नौ बजे उसने दम तोड़ दिया। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
हंगामा बढ़ता देखकर मौके से चिकित्सक गायब हो गए। बाद में मौके पर पहुंचे अस्पताल अफसरों ने लोगों को समझाकर शांत किया। जिसके बाद लोग महिला के शव को अपने साथ ले गए।
महिला की मौत से गुस्साए लोग बृहस्पतिवार की रात जमकर हंगामा कर रहे थे। लोगों का आरोप था कि सुबह महिला को भर्ती करने के बाद से चिकित्सकों ने एक बार भी महिला की तबीयत नहीं देखी।
आरोप है कि इस दौरान परिजनों ने आठ से दस बार चिकित्सकों व स्टाफ नर्स से महिला की तबियत बिगड़ने की जानकारी दी, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा और महिला की मौत हो गई।
महिला डायरिया से ग्रस्त थी। सुबह भर्ती करने के बाद चिकित्सकों ने महिला को करीब पांच बार देखा था। चिकित्सकों द्वारा न देखने का आरोप पूरी तरह से गलत है। महिला की मौत इलाज में लापरवाही के कारण नहीं हुई है। - डॉ. राजकुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल