{"_id":"6436daed7e7df8fa9a0ca4c6","slug":"150-doctors-and-staff-did-not-get-one-months-salary-bulandshahr-news-c-30-1-77238-2023-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: 150 चिकित्सकों और स्टॉफ को नहीं मिला एक महीने का वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: 150 चिकित्सकों और स्टॉफ को नहीं मिला एक महीने का वेतन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में कार्यरत 150 चिकित्सकों और स्टॉफ का मार्च का वेतन नहीं मिला है। इसके लिए वह कोषागार अधिकारी को पत्र भेज चुके हैं। मार्च का वेतन नहीं मिलने के पीछे एक अप्रैल से जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज के अधीन आने की वजह बताई जा रही है। अब चिकित्सक एवं स्टॉफ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक को पत्र भेजकर वेतन जारी करवाने की मांग की है।
जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में चिकित्सक व कर्मियों का करीब 300 स्टाफ कार्यरत है। इसमें नियमित और संविदा दोनों शामिल है। 31 मार्च की मध्य रात से जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल की समस्त चल-अचल संपत्ति और स्टाफ कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन हो गया। ऐसे में इससे पूर्व उन्हें समय से वेतन और अन्य सुविधाएं मिल रही थी। मार्च माह के वेतन के लिए जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल के सीएमएस द्वारा नियमित चिकित्सक एवं कर्मियों के वेतन के लिए फाइल भेजी गई। जो वापस लौट आई। वहीं, वेतन न आने पर चिकित्सकों द्वारा कारण पता किया तो अस्पताल के हस्तांतरित हो जाने से वेतन रुकना बताया गया। वेतन न आने पर सभी स्टॉफ चिंतिंत है। वेतन नहीं मिलने वालों में जिला अस्पताल के 88 और जिला महिला अस्पताल के 62 चिकित्सक एवं कर्मी शामिल है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि 01 अप्रैल से जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल की समस्त चल-अचल संपत्ति और मानव संसाधन कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन आ चुके हैं। इस वजह से वेतन आहरित नहीं हो सका। चिकित्सकों के वेतन जारी करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
बुलंदशहर। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में कार्यरत 150 चिकित्सकों और स्टॉफ का मार्च का वेतन नहीं मिला है। इसके लिए वह कोषागार अधिकारी को पत्र भेज चुके हैं। मार्च का वेतन नहीं मिलने के पीछे एक अप्रैल से जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज के अधीन आने की वजह बताई जा रही है। अब चिकित्सक एवं स्टॉफ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक को पत्र भेजकर वेतन जारी करवाने की मांग की है।
जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में चिकित्सक व कर्मियों का करीब 300 स्टाफ कार्यरत है। इसमें नियमित और संविदा दोनों शामिल है। 31 मार्च की मध्य रात से जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल की समस्त चल-अचल संपत्ति और स्टाफ कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन हो गया। ऐसे में इससे पूर्व उन्हें समय से वेतन और अन्य सुविधाएं मिल रही थी। मार्च माह के वेतन के लिए जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल के सीएमएस द्वारा नियमित चिकित्सक एवं कर्मियों के वेतन के लिए फाइल भेजी गई। जो वापस लौट आई। वहीं, वेतन न आने पर चिकित्सकों द्वारा कारण पता किया तो अस्पताल के हस्तांतरित हो जाने से वेतन रुकना बताया गया। वेतन न आने पर सभी स्टॉफ चिंतिंत है। वेतन नहीं मिलने वालों में जिला अस्पताल के 88 और जिला महिला अस्पताल के 62 चिकित्सक एवं कर्मी शामिल है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि 01 अप्रैल से जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल की समस्त चल-अचल संपत्ति और मानव संसाधन कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन आ चुके हैं। इस वजह से वेतन आहरित नहीं हो सका। चिकित्सकों के वेतन जारी करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन