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जेल से छूटते ही फिर शुरू हुआ गर्भपात का खेल
Updated Mon, 10 Jul 2017 01:11 AM IST
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जेल से छूटते ही फिर शुरू हुआ ‘खेल’
नगर के एक अपंजीकृत अस्पताल में अवैध गर्भपात का खेल फिर शुरू होने का मामला सामने आया है। छह माह पहले रेप पीड़िता का गर्भपात कराने पर सील हुए अपंजीकृत क्लीनिक को जेल से छूटने के बाद अस्पताल संचालिका ने दोबारा शुरू कर दिया है।
उक्त आशय की शिकायत स्वास्थ्य महकमे तक भी पहुंची है। हालांकि अभी इस बारे में कोई भी वरिष्ठ अधिकारी सामने कुछ नहीं बोल रहा। छह माह पहले एक अपंजीकृत क्लीनिक में रेप पीड़िता का अवैध रूप से गर्भपात कराया गया था।
गर्भपात के बाद पीड़िता पॉलीथिन में भ्रूण को लेकर कलक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी दफ्तर पहुंच गई थी। रेप पीड़िता द्वारा पॉलीथिन में भ्रूण लाने पर कलक्ट्रेट में अफरातफरी मच गई थी।
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अफसरों ने आननफानन में क्लीनिक संचालिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर क्लीनिक को सील कर दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने अस्पताल संचालिका को जेल भेजा था।
स्वास्थ्य महकमे को शिकायतें मिलीं हैं कि जेल से बाहर आते ही अब अस्पताल संचालिका ने फिर से यहां खेल शुरू कर दिया है। संचालिका की कुछ स्वास्थ्य अफसरों से सांठगांठ की भी चर्चा है।
वहीं वरिष्ठ अधिकारी मामले को लेकर खामोश नजर आ रहे हैं। उक्त अपंजीकृत अस्पताल संचालिका के खिलाफ हुई कार्रवाई मुझसे पहले की है। मामला मेरे संज्ञान में है। अवैध गर्भपात का खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डिप्टी सीएमओ डॉ. लेखराम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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नगर के एक अपंजीकृत अस्पताल में अवैध गर्भपात का खेल फिर शुरू होने का मामला सामने आया है। छह माह पहले रेप पीड़िता का गर्भपात कराने पर सील हुए अपंजीकृत क्लीनिक को जेल से छूटने के बाद अस्पताल संचालिका ने दोबारा शुरू कर दिया है।
उक्त आशय की शिकायत स्वास्थ्य महकमे तक भी पहुंची है। हालांकि अभी इस बारे में कोई भी वरिष्ठ अधिकारी सामने कुछ नहीं बोल रहा। छह माह पहले एक अपंजीकृत क्लीनिक में रेप पीड़िता का अवैध रूप से गर्भपात कराया गया था।
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गर्भपात के बाद पीड़िता पॉलीथिन में भ्रूण को लेकर कलक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी दफ्तर पहुंच गई थी। रेप पीड़िता द्वारा पॉलीथिन में भ्रूण लाने पर कलक्ट्रेट में अफरातफरी मच गई थी।
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अफसरों ने आननफानन में क्लीनिक संचालिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर क्लीनिक को सील कर दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने अस्पताल संचालिका को जेल भेजा था।
स्वास्थ्य महकमे को शिकायतें मिलीं हैं कि जेल से बाहर आते ही अब अस्पताल संचालिका ने फिर से यहां खेल शुरू कर दिया है। संचालिका की कुछ स्वास्थ्य अफसरों से सांठगांठ की भी चर्चा है।
वहीं वरिष्ठ अधिकारी मामले को लेकर खामोश नजर आ रहे हैं। उक्त अपंजीकृत अस्पताल संचालिका के खिलाफ हुई कार्रवाई मुझसे पहले की है। मामला मेरे संज्ञान में है। अवैध गर्भपात का खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डिप्टी सीएमओ डॉ. लेखराम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ