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109 इंदिरा आवासों के आवंटन में फर्जीवाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Fri, 26 Aug 2016 11:54 PM IST
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- फोटो : ब्यूरो
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श्यामलाल पुत्र हेतराम सालाबाद का रहने वाला नहीं है। आरोप है कि सालाबाद के पूर्व प्रधान ने अफसरों से सांठगांठ कर श्यामलाल के नाम इंदिरा आवास आवंटित करा दिया। सालाबाद में फर्जीवाड़े के ऐसे नौ मामले मिले हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि एक साल बीत जाने के बाद भी जांच अंजाम तक नहीं पहुंची है।
आरोप है कि पूर्व प्रधान ने मनमानी कर श्यामलाल पुत्र हेतराम, हक्मी पुत्र विनोद, नथिया पत्नी राम सिंह, ओमवती पत्नी निरंजन, नन्नू पुत्र छोटे, हर स्वरूप पुत्र पूरन, नासिर पुत्र रोशन का नाम बीपीएल सूची में शामिल करवा दिया। इन सातों लोगों में एक भी गांव सालाबाद का रहने वाला नहीं है।
बता दें कि इंदिरा आवास बीपीएल सूची में शामिल बेघर गरीब परिवारों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2004-05 में सालाबाद में 109 ग्रामीणों को इंदिरा आवास स्वीकृत किए गए थे। नौ ऐसे लोगों को साठगांठ कर आवास आवंटित करा दिए गए, ये गांव के रहने वाले ही नहीं हैं।
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उस पंच वर्षीय योजना के प्रधान ने बाकायदा झूठ को सच बनाने के लिए आवंटियोें के झूठे शपथ पत्र दाखिल किए। शिकायतकर्ता ग्रामीणों के मुताबिक गांव में इस वक्त एक भी इंदिरा आवास नहीं है, जो गत वर्षों में बनाए थे, वह खुर्द बुर्द हो चुके हैं।
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आरोप है कि पूर्व प्रधान ने मनमानी कर श्यामलाल पुत्र हेतराम, हक्मी पुत्र विनोद, नथिया पत्नी राम सिंह, ओमवती पत्नी निरंजन, नन्नू पुत्र छोटे, हर स्वरूप पुत्र पूरन, नासिर पुत्र रोशन का नाम बीपीएल सूची में शामिल करवा दिया। इन सातों लोगों में एक भी गांव सालाबाद का रहने वाला नहीं है।
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बता दें कि इंदिरा आवास बीपीएल सूची में शामिल बेघर गरीब परिवारों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2004-05 में सालाबाद में 109 ग्रामीणों को इंदिरा आवास स्वीकृत किए गए थे। नौ ऐसे लोगों को साठगांठ कर आवास आवंटित करा दिए गए, ये गांव के रहने वाले ही नहीं हैं।
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उस पंच वर्षीय योजना के प्रधान ने बाकायदा झूठ को सच बनाने के लिए आवंटियोें के झूठे शपथ पत्र दाखिल किए। शिकायतकर्ता ग्रामीणों के मुताबिक गांव में इस वक्त एक भी इंदिरा आवास नहीं है, जो गत वर्षों में बनाए थे, वह खुर्द बुर्द हो चुके हैं।