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Bulandshahar News: 70 करोड़ से बनेंगी 75 किलोमीटर की 10 सड़कें
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अनूपशहर क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क।अनूपशहर क्षेत्र में प्रधानमंत्र
बुलंदशहर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पहले चरण में जिले की 10 सड़कों का निर्माण नई तकनीकी से किया जाएगा। इसके लिए शासन ने करीब 70 करोड़ रुपये की राशि विभाग को भेज दी गई है। सड़कों के निर्माण से करीब 125 से ज्यादा गांव के लोगों को लाभ मिलेगा। यहां की टूटी सड़कों से आए दिन होने वाले हादसों से भी लोगों को राहत मिलेगी। नई तकनीक से करीब 75 किलोमीटर सड़कों को निर्माण किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में 40 से अधिक सड़क हैं। इनमें से पहले चरण में दस सड़क नई तकनीक से बनाई जाएंगी। इनके निर्माण पर 6,927.841 लाख रुपये की लागत आएगी। पविभाग के अनुसार यह सभी सड़क 75.225 किलो मीटर लंबी हैं। इनमें से दो सड़कें हापुड़ और अलीगढ़ जिले के बॉर्डर को जोड़ेंगी। नई तकनीक से बनाई जाने वाली सड़कों का ट्रायल शुरू हो गया है। ट्रायल सफल होने के बाद जिले में कार्य शुरू हो जाएंगे। यह सभी सड़कें 10 से 15 साल पुरानी हैं और इस समय इनका निर्माण भी होना जरूरी है। इसलिए पहले चरण में इन्हीं सड़कों का चयन नई तकनीक से निर्माण करने के लिए किया गया है। इसके बाद अन्य सड़कों का निर्माण भी इसी तकनीक से करवाया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का अब केंद्र सरकार ने प्रारूप बदल दिया है। पत्थर के स्थान पर अब केवल सीमेंट और कैमिकल्स से सड़कें बनाई जाएंगी। इसमें तारकौल का इस्तेमाल नहीं होगा। जिले में पहले चरण में दस सड़कों को बनाया जाएगा। योजना में शामिल सड़कों के निर्माण पर पहले कंकरीट और तारकौल से सड़कें बनाई जा रही थीं, लेकिन पहाड़ों पर बिगड़ते पर्यावरण को देखते हुए सड़कों में कंकरीट पत्थर का इस्तेमाल नहीं होगा। विभाग के इंजीनियरों के अनुसार इस नई तकनीक का इस्तेमाल आगरा व मैनपुरी में हुआ है। इसके बाद अब इसी तकनीक का प्रयोग जिले की सड़कों पर किया जा रहा है। कैमिकल और सीमेंट एक साथ मिलकर इतना मजबूत हो जाता है कि सड़क दशकों तक खराब नहीं होंगी।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में 40 से अधिक सड़क हैं। इनमें से पहले चरण में दस सड़क नई तकनीक से बनाई जाएंगी। इनके निर्माण पर 6,927.841 लाख रुपये की लागत आएगी। पविभाग के अनुसार यह सभी सड़क 75.225 किलो मीटर लंबी हैं। इनमें से दो सड़कें हापुड़ और अलीगढ़ जिले के बॉर्डर को जोड़ेंगी। नई तकनीक से बनाई जाने वाली सड़कों का ट्रायल शुरू हो गया है। ट्रायल सफल होने के बाद जिले में कार्य शुरू हो जाएंगे। यह सभी सड़कें 10 से 15 साल पुरानी हैं और इस समय इनका निर्माण भी होना जरूरी है। इसलिए पहले चरण में इन्हीं सड़कों का चयन नई तकनीक से निर्माण करने के लिए किया गया है। इसके बाद अन्य सड़कों का निर्माण भी इसी तकनीक से करवाया जाएगा।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का अब केंद्र सरकार ने प्रारूप बदल दिया है। पत्थर के स्थान पर अब केवल सीमेंट और कैमिकल्स से सड़कें बनाई जाएंगी। इसमें तारकौल का इस्तेमाल नहीं होगा। जिले में पहले चरण में दस सड़कों को बनाया जाएगा। योजना में शामिल सड़कों के निर्माण पर पहले कंकरीट और तारकौल से सड़कें बनाई जा रही थीं, लेकिन पहाड़ों पर बिगड़ते पर्यावरण को देखते हुए सड़कों में कंकरीट पत्थर का इस्तेमाल नहीं होगा। विभाग के इंजीनियरों के अनुसार इस नई तकनीक का इस्तेमाल आगरा व मैनपुरी में हुआ है। इसके बाद अब इसी तकनीक का प्रयोग जिले की सड़कों पर किया जा रहा है। कैमिकल और सीमेंट एक साथ मिलकर इतना मजबूत हो जाता है कि सड़क दशकों तक खराब नहीं होंगी।
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