फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Wrestling has a greater following in Haryana compared to UP.

Budaun News: कुश्ती का यूपी के मुकाबले हरियाणा में क्रेज ज्यादा

Thu, 22 Oct 2026 02:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 02:10 AM IST
विज्ञापन
Wrestling has a greater following in Haryana compared to UP.
पहलवान बॉबी मिश्रा। संवाद
उझानी। रामलीला में चल रहे दंगल (कुश्ती) में अपने दांवपेच दिखाने आए लखनऊ केसरी बॉबी मिश्रा पहलवान उत्तर प्रदेश (यूपी) में क्रेज कम होने के लिए प्रोत्साहन का अभाव मानते हैं। पहलवानों को पहले अपने ही घर और परिवार में बढ़ावा जरूरत के अनुसार नहीं मिल पाता। बोले- इसी वजह से यूपी के मुकाबले हरियाणा में कुश्ती का क्रेज ज्यादा है। बोले, मिट्टी और मैट की कुश्तियों में भी काफी फर्क होता है।
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रीलंका में भी धमक जमा चुके लखनऊ के इंदिरा नगर निवासी पहलवान बॉबी मिश्रा ने दंगल आयोजन से जुड़े अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। बोले, उनके दादा भी कुश्ती लड़ा करते थे, लेकिन पिता का भी झुकाव बेटे को आगे बढ़ाने में कम नहीं रहा। बॉबी कहते हैं कि उम्मीद के अनुरूप प्रोत्साहन के अभाव में पहलवानों को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पाता। पूर्वी इलाकों के मुकाबले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहलवानों की नई खेप तेजी से आगे आ रही है। गुर्जर और जाट बाहुल्य इलाकों में कुश्ती के कद्रदान बने हुए हैं।
विज्ञापन

बोले, बात अगर प्रदेश की करें तो हरियाणा के पहलवान सबसे आगे हैं। हरियाणा में क्रेज अधिक होने की वजह से पहलवानों को तरजीह दी जाती है। उनके माता-पिता भी संसाधन मुहैया कराके उन्हें खुलकर प्रोत्साहित करते हैं। पहलवान बॉबी बोले- पहलवान की खुराक अहम है। किशोरवय पहलवानों का खानपान पहले जैसा नहीं है। वह तैयारी करके आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं तो परिवार का उनके ऊपर नौकरी का दबाव रहता है। संसाधनों की कमी और आर्थिक दिक्कतों की वजह से ऐसे पहलवान जूनियर वर्ग की कुश्तियों से आगे का सफर तय नहीं कर पाते। उन्होंने बताया कि दंगलों में पहलवानों को मान- सम्मान और आर्थिक सहयोग मिले तो यूपी के पहलवान भी हरियाणा की तरह आगे बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नशे की लत से लगा पहलवानों की नई खेप पर ब्रेक : काली पहलवान
उझानी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले में गांव मुंडेट खादर निवासी काली पहलवान युवाओं में नशे की लत को लेकर आहत दिखे। उन्होंने कुश्ती को लेकर बातचीत के दौरान बताया कि नशा लोगों को खोखला कर रहा है। युवाओं में जब नशे की लत लग जाती है तो वह शारीरिक रूप से मजबूत नहीं बन पाते। पहलवानी करने के लिए सबसे पहले शारीरिक रूप से सुदृढ़ होना आवश्यक है। बोले- इनामी और पदक वाली कुश्तियाें में कोई फर्क नहीं है। दोनों में ही दांवपेच का इस्तेमाल करना होता है। नेपाल में भी दमखम दिखा चुके काली पहलवान कहते हैं कि कुश्तियों को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में स्टेडियम होने चाहिए। स्टेडियम में कोच का होना भी आवश्यक है। संवाद

पहलवान बॉबी मिश्रा। संवाद

पहलवान बॉबी मिश्रा। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed