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रोडवेज की व्यवस्था बदतर, यात्री परेशान
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2016 11:40 PM IST
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रोडवेज
- फोटो : अमर उजाला
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बसों में लटककर यात्रा करने को मजबूर यात्री
यात्रियों की भारी भीड़ के बावजूद आय में पिछड़े
होली मनाने के बाद ड्यूटी पर लौटने वाले यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि दिल्ली जाने के लिए रेल यातायात की सीधी सुविधा न होने की वजह से जिले के लोगों को बसों के सहारे ही जाना पड़ता है। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज विभाग बसों को मुहैया नहीं करवा पा रहा है। इससे यात्रियों को बसों में लटककर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ता है।
जिले भर के विभिन्न गांवों से दिल्ली की ओर वाया बिल्सी, बिसौली और सहसवान रूटों से जाने यात्रियों की भारी भीड़ हो रही है। रोडवेज बस अड्डे पर घंटों इंतजार करने के बाद जब वर्कशाप से बस निकाली जाती है तो यात्री उसमें बैठने के लिए दौड़ पड़ते हैं। इससे कई सवारियां तो चोटिल हो जाती है। कुछ ऐसी ही स्थिति मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे रोडवेज बस अड्डे पर नजर आई।
डिपो परिसर में करीब 500 यात्रियों की भीड़ दिल्ली जाने के इंतजार में बैठी हुई थी। काफी देर तक बस न मिलने पर यात्रियों ने वर्कशाप और डिपो पर मौजूद परिवहन निगम के कर्मचारियों से बस लगाए जाने की मांग की। इसके काफी देर रात बस आई तो जल्दी पहुंचने के चक्कर में तमाम यात्री बस पर चढने के लिए दौड़ पड़े। बस पर चढ़ने के लिए यात्रियों में धक्का-मुक्की होने लगी। ऐसे में कुछ यात्रियों ने शीशे से बस में घुसने की कोशिश की, नाकाम होने पर बस के अंदर बैग एवं अन्य सामान डालकर सीट घेर ली। वहीं कई यात्रियों ने अपने बच्चों को शीशे से अंदर भेजकर सीट सुरक्षित की। बावजूद इसके परिवहन विभाग की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए एक साथ बसों को नहीं लगाया गया।
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प्राइवेट बसें रोडवेज को लगा रही चूना
बदायूं। रोडवेज बसों द्वारा यात्रियों की व्यवस्था न होने का फायदा प्राइवेट बस संचालक उठा रहे हैं। तमाम निजी बसें रोजाना दिल्ली की ओर दौड़ाई जा रही हैं, जिनसे रोजाना हजारों यात्री सफर कर रहे हैं। इन बसों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है, जिससे रोजानों रोडवेज को हजारों रुपये का चूना लग रहा है।
लक्ष्य से दूर होती जा रही बदायूं डिपो की आय
बदायूं। होली वीक के दौरान बदायूं डिपो को 24 लाख रुपये प्रतिदिन आय का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अब तक किसी भी दिन 24 लाख रुपये की आय नहीं आई। साथ ही रोडवेज की एवरेज आय करीब 18 लाख रुपये प्रतिदिन आ रही है। होली गुजरने के बाद आय बढ़ाने के लिए आरएम प्रभाकर मिश्रा ने डिपो पर पहुंचकर वापसी बढ़ाने के निर्देश दिए थे, लेकिन बसों के संचालन का बेहतर प्रबंधन न होने से आय पूरी नहीं हो पा रही है।
बदायूं डिपो की आय लक्ष्य से काफी कम आ रही है। इसके लिए एआरएम को निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखने के लिए भी कहा गया। इसके लिए एआरएम राजेश कुमार को भी बदायूं डिपो भेेजा रहा है। इस बारे में मुख्यालय को भी अवगत कराया जाएगा।
-प्रभाकर मिश्रा, आरएम बरेली
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यात्रियों की भारी भीड़ के बावजूद आय में पिछड़े
होली मनाने के बाद ड्यूटी पर लौटने वाले यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि दिल्ली जाने के लिए रेल यातायात की सीधी सुविधा न होने की वजह से जिले के लोगों को बसों के सहारे ही जाना पड़ता है। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज विभाग बसों को मुहैया नहीं करवा पा रहा है। इससे यात्रियों को बसों में लटककर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ता है।
जिले भर के विभिन्न गांवों से दिल्ली की ओर वाया बिल्सी, बिसौली और सहसवान रूटों से जाने यात्रियों की भारी भीड़ हो रही है। रोडवेज बस अड्डे पर घंटों इंतजार करने के बाद जब वर्कशाप से बस निकाली जाती है तो यात्री उसमें बैठने के लिए दौड़ पड़ते हैं। इससे कई सवारियां तो चोटिल हो जाती है। कुछ ऐसी ही स्थिति मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे रोडवेज बस अड्डे पर नजर आई।
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डिपो परिसर में करीब 500 यात्रियों की भीड़ दिल्ली जाने के इंतजार में बैठी हुई थी। काफी देर तक बस न मिलने पर यात्रियों ने वर्कशाप और डिपो पर मौजूद परिवहन निगम के कर्मचारियों से बस लगाए जाने की मांग की। इसके काफी देर रात बस आई तो जल्दी पहुंचने के चक्कर में तमाम यात्री बस पर चढने के लिए दौड़ पड़े। बस पर चढ़ने के लिए यात्रियों में धक्का-मुक्की होने लगी। ऐसे में कुछ यात्रियों ने शीशे से बस में घुसने की कोशिश की, नाकाम होने पर बस के अंदर बैग एवं अन्य सामान डालकर सीट घेर ली। वहीं कई यात्रियों ने अपने बच्चों को शीशे से अंदर भेजकर सीट सुरक्षित की। बावजूद इसके परिवहन विभाग की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए एक साथ बसों को नहीं लगाया गया।
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प्राइवेट बसें रोडवेज को लगा रही चूना
बदायूं। रोडवेज बसों द्वारा यात्रियों की व्यवस्था न होने का फायदा प्राइवेट बस संचालक उठा रहे हैं। तमाम निजी बसें रोजाना दिल्ली की ओर दौड़ाई जा रही हैं, जिनसे रोजाना हजारों यात्री सफर कर रहे हैं। इन बसों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है, जिससे रोजानों रोडवेज को हजारों रुपये का चूना लग रहा है।
लक्ष्य से दूर होती जा रही बदायूं डिपो की आय
बदायूं। होली वीक के दौरान बदायूं डिपो को 24 लाख रुपये प्रतिदिन आय का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अब तक किसी भी दिन 24 लाख रुपये की आय नहीं आई। साथ ही रोडवेज की एवरेज आय करीब 18 लाख रुपये प्रतिदिन आ रही है। होली गुजरने के बाद आय बढ़ाने के लिए आरएम प्रभाकर मिश्रा ने डिपो पर पहुंचकर वापसी बढ़ाने के निर्देश दिए थे, लेकिन बसों के संचालन का बेहतर प्रबंधन न होने से आय पूरी नहीं हो पा रही है।
बदायूं डिपो की आय लक्ष्य से काफी कम आ रही है। इसके लिए एआरएम को निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखने के लिए भी कहा गया। इसके लिए एआरएम राजेश कुमार को भी बदायूं डिपो भेेजा रहा है। इस बारे में मुख्यालय को भी अवगत कराया जाएगा।
-प्रभाकर मिश्रा, आरएम बरेली