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Budaun News: डीएपी के लिए हाय-तौबा... सिफारिशों से भी नहीं चल रहा काम
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उझानी में पुलिस की मौजूदगी में लगी किसानों की लाइन। संवाद
उझानी। डीएपी के एक- एक कट्टे के लिए किसान लोगों से सिफारिश लगवा रहे हैं। कोई सचिव तो कोई नेताजी के दर पर गुहार लगाने जा रहा है।
आलू और गेहूं की बोआई के इन दिनों में सबसे ज्यादा जरूरत डीएपी की है। किसान बताते हैं कि गेहूं के प्रति एकड़ रकबा के लिए एक कट्टा तो आलू के लिए दो कट्टे डीएपी चाहिए। किसानों में अचौरा के चंद्रपाल ने बताया कि दो एकड़ रकबा में गेहूं की बोआई के लिए उन्होंने समिति पर चार दिन चक्कर काटे, तब कहीं जाकर डीएपी का एक कट्टा मिल पाया। रेवा गांव के धर्मेंद्र को दो कट्टे जरूर मिले, लेकिन वह तो एक एकड़ आलू की जरूरत को ही पूरा कर पाए। गेहूं के लिए वह परेशान हैं।
इसी तरह से दिक्कत अनगिनत किसानों को है। राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल करते हुए कुछेक किसानों ने अपने-अपने परिचित नेताजी से भी गुहार लगाई। समिति से जुड़े एक कर्मचारी की मानें तो आठ दिनों के अंदर कई किसान दिन निकलते ही समिति के सचिव के घर तक पहुंच गए। आलू उत्पादकों में गद्दीटोला मोहल्ले के गंगा सिंह का कहना है कि आठ-नौ दिनों तक डीएपी की किल्लत बनी रही तो खेत का पलेवा फिर से करना पड़ेगा।
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अकेले उझानी में पांच हजार कट्टों की दरकार, बंटे हैं एक हजार
- सहकारी समितियों में शनिवार पूर्वाह्न बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति पर एनपीके का वितरण शुरू किया गया। तड़के से ही किसानों की लाइन लग गई। करीब चार किसान पहुंचे। समिति पर तीन कट्टे थे, जो शाम तक 177 किसानों में बांट दिए गए। सचिव रवेंद्र शर्मा ने बताया कि कस्बे की दोनों समितियों पर अब तक एक हजार कट्टों का वितरण किया जा चुका है। पांच हजार कट्टे मिलते तो वह भी कम पड़ जाते।
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उघैती व मुजरिया में डीएपी को लेकर किसानों ने किया हंगामा
बदायूं। डीएपी के एक-एक कट्टे को लेकर समितियों पर जमकर धक्का-मुक्की हुई। उघैती के गुगौआ गांव में समिति पर किसानों ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि समिति पर तैनात सचिव की ओर से ओवररेट डीएपी का बेचा जा रहा है। साथ ही अपने परिचितों को डीएपी का वितरण किया जा रहा है। आरोप लगने पर सचिव ने वितरण बंद कर दिया। फिर पुलिस के आने पर वितरण को दोबारा से शुरू हुआ।
जिले में शनिवार को उझानी, बुटला, कोल्हाई, मुसिया नगला, गुगौआ समेत अन्य जगहों पर डीएपी का वितरण किया गया। डीएपी के वितरण की सूचना पर किसानों की भीड़ सुबह से समितियों पर पहुंच गई। हालात यह थी कि समिति सुबह 10 बजे खुली, उससे पहले ही समितियों पर सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे।
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शरह बरौलिया समिति को खुलवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन
उघैती। साधन सहकारी समिति शरह बरौलिया में तैनात सचिव की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद विभाग ने समिति को बंद कर दिया। ग्रामीण किशन पाल का आरोप है कि यहां के नाम से आवंटित डीएपी को दूसरी समिति पर भेजा जा रहा है। जो पूरी तरह से गलत है। इसको लेकर किसानों ने साधन सहकारी समिति पर धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर नेत्रपाल, धीरज कुमार, विनीत कुमार, मनोहर लाल गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
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शाम को बांटी डीएपी, हंगामा
मुजरिया। साधन सहकारी समिति कटिया अलीगंज पर 180 डीएपी के कट्टे थे। यहां पर तैनात सचिव भगवंत सिंह पर तीन समितियों का चार्ज है। शाम के समय सचिव ने कटिया अलीगंज पर डीएपी का वितरण शुरू किया। डीएपी वितरण होने की सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में समिति पर पहुंच गए। भीड़ अधिक होने और हंगामा होने सचिव ने वितरण बंद कर दिया।किसानों का आरोप था सचिव अपने परिचितों को डीएपी देना चाहते थे। इसकी वजह से देर शाम को वितरण शुरू किया।
दो कट्टे पर नैनो यूरिया, तीन कट्टे पर नैनो डीएपी
दबतोरी। मुसिया नगला में चार दिनों के बाद में डीएपी वितरण हुआ। सुबह सवा 10 बजे समिति खुली, लेकिन इससे पहले सैकड़ों की संख्या में किसान वहां पर मौजूद नजर आए। किसान मुनीश, रामौतार का कहना था कि वह सुबह सात बजे ही आ गए थे। तभी से लाइन में लगे हैं। ताकि जल्द ही उनको डीएपी मिल सके। किसान नन्हें, रामवीर का कहना है कि सचिव ने कट्टे को किसान की मांग के अनुसार दिए। लेकिन एक कट्टे पर निर्धारित रेट पर दिया। जबकि दो कट्टे लेने पर 250 रुपये की एक नैनो यूरिया की बोतल, तीन कट्टे लेने से करीब 600 रुपये की नैनो डीएपी साथ में दी जा रही है। संवाद
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आलू और गेहूं की बोआई के इन दिनों में सबसे ज्यादा जरूरत डीएपी की है। किसान बताते हैं कि गेहूं के प्रति एकड़ रकबा के लिए एक कट्टा तो आलू के लिए दो कट्टे डीएपी चाहिए। किसानों में अचौरा के चंद्रपाल ने बताया कि दो एकड़ रकबा में गेहूं की बोआई के लिए उन्होंने समिति पर चार दिन चक्कर काटे, तब कहीं जाकर डीएपी का एक कट्टा मिल पाया। रेवा गांव के धर्मेंद्र को दो कट्टे जरूर मिले, लेकिन वह तो एक एकड़ आलू की जरूरत को ही पूरा कर पाए। गेहूं के लिए वह परेशान हैं।
इसी तरह से दिक्कत अनगिनत किसानों को है। राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल करते हुए कुछेक किसानों ने अपने-अपने परिचित नेताजी से भी गुहार लगाई। समिति से जुड़े एक कर्मचारी की मानें तो आठ दिनों के अंदर कई किसान दिन निकलते ही समिति के सचिव के घर तक पहुंच गए। आलू उत्पादकों में गद्दीटोला मोहल्ले के गंगा सिंह का कहना है कि आठ-नौ दिनों तक डीएपी की किल्लत बनी रही तो खेत का पलेवा फिर से करना पड़ेगा।
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अकेले उझानी में पांच हजार कट्टों की दरकार, बंटे हैं एक हजार
- सहकारी समितियों में शनिवार पूर्वाह्न बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति पर एनपीके का वितरण शुरू किया गया। तड़के से ही किसानों की लाइन लग गई। करीब चार किसान पहुंचे। समिति पर तीन कट्टे थे, जो शाम तक 177 किसानों में बांट दिए गए। सचिव रवेंद्र शर्मा ने बताया कि कस्बे की दोनों समितियों पर अब तक एक हजार कट्टों का वितरण किया जा चुका है। पांच हजार कट्टे मिलते तो वह भी कम पड़ जाते।
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उघैती व मुजरिया में डीएपी को लेकर किसानों ने किया हंगामा
बदायूं। डीएपी के एक-एक कट्टे को लेकर समितियों पर जमकर धक्का-मुक्की हुई। उघैती के गुगौआ गांव में समिति पर किसानों ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि समिति पर तैनात सचिव की ओर से ओवररेट डीएपी का बेचा जा रहा है। साथ ही अपने परिचितों को डीएपी का वितरण किया जा रहा है। आरोप लगने पर सचिव ने वितरण बंद कर दिया। फिर पुलिस के आने पर वितरण को दोबारा से शुरू हुआ।
जिले में शनिवार को उझानी, बुटला, कोल्हाई, मुसिया नगला, गुगौआ समेत अन्य जगहों पर डीएपी का वितरण किया गया। डीएपी के वितरण की सूचना पर किसानों की भीड़ सुबह से समितियों पर पहुंच गई। हालात यह थी कि समिति सुबह 10 बजे खुली, उससे पहले ही समितियों पर सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे।
शरह बरौलिया समिति को खुलवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन
उघैती। साधन सहकारी समिति शरह बरौलिया में तैनात सचिव की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद विभाग ने समिति को बंद कर दिया। ग्रामीण किशन पाल का आरोप है कि यहां के नाम से आवंटित डीएपी को दूसरी समिति पर भेजा जा रहा है। जो पूरी तरह से गलत है। इसको लेकर किसानों ने साधन सहकारी समिति पर धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर नेत्रपाल, धीरज कुमार, विनीत कुमार, मनोहर लाल गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
शाम को बांटी डीएपी, हंगामा
मुजरिया। साधन सहकारी समिति कटिया अलीगंज पर 180 डीएपी के कट्टे थे। यहां पर तैनात सचिव भगवंत सिंह पर तीन समितियों का चार्ज है। शाम के समय सचिव ने कटिया अलीगंज पर डीएपी का वितरण शुरू किया। डीएपी वितरण होने की सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में समिति पर पहुंच गए। भीड़ अधिक होने और हंगामा होने सचिव ने वितरण बंद कर दिया।किसानों का आरोप था सचिव अपने परिचितों को डीएपी देना चाहते थे। इसकी वजह से देर शाम को वितरण शुरू किया।
दो कट्टे पर नैनो यूरिया, तीन कट्टे पर नैनो डीएपी
दबतोरी। मुसिया नगला में चार दिनों के बाद में डीएपी वितरण हुआ। सुबह सवा 10 बजे समिति खुली, लेकिन इससे पहले सैकड़ों की संख्या में किसान वहां पर मौजूद नजर आए। किसान मुनीश, रामौतार का कहना था कि वह सुबह सात बजे ही आ गए थे। तभी से लाइन में लगे हैं। ताकि जल्द ही उनको डीएपी मिल सके। किसान नन्हें, रामवीर का कहना है कि सचिव ने कट्टे को किसान की मांग के अनुसार दिए। लेकिन एक कट्टे पर निर्धारित रेट पर दिया। जबकि दो कट्टे लेने पर 250 रुपये की एक नैनो यूरिया की बोतल, तीन कट्टे लेने से करीब 600 रुपये की नैनो डीएपी साथ में दी जा रही है। संवाद

उझानी में पुलिस की मौजूदगी में लगी किसानों की लाइन। संवाद