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मनमानी नहीं चलेगी, अब सिस्टम में करना होगा काम
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:06 AM IST
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बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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डीएम के साथ डीडी पंचायत ने ली विकास अधिकारियों की बैठक
शासनादेश के विपरीत काम होने पर बनेगी सभी की जवाबदेही
राज्य वित्त एवं 14वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि प्रधान मनमाने तरीके से विकास के नाम पर नहीं बहा पाएंगे। इसके लिए विधिवत कार्ययोजना बनाकर डीएम से अनुमोदित कराएंगे। गुणवत्ता भी बनाए रखनी पड़ेगी। डीएम सीपी त्रिपाठी ने ग्राम पंचायत से जुड़े अधिकारियों की एक बैठक में इस संबंध में अपनी मंशा उजागर की। बैठक में पंचायतराज विभाग के डीडी अभय कुमार शाही भी मोजूद रहे। बैठक में चेताया गया कि बिना सूचित कर धनराशि निकालने वाले प्रधान और सचिवों को एडीओ पंचायत नोटिस जारी करेंगे।
विकास भवन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कहा गया कि शासन की आदेशों के विपरीत ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य कराने पर एडीओ पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधानों की जबावदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों मेें हैंडपंप, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत, खडंजा, सीसी निर्माण और तलाबों के जीर्णोंद्धार के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। ग्राम पंचायतों में अपने-अपने विभाग से संबंधित निर्माण कार्यों का मॉडल स्टीमेंट तैयार कराकर जिलाधिकारी की अनुमति के बाद ही निर्माण कार्य कराए जाएंगे। जिलाधिकारी ने छोटी ग्राम पंचायतों में कम से कम 15 लाख और बड़ी ग्राम पंचायतों में 30 से 40 लाख रुपये तक की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गांव की आबादी से सभी सरकारी स्कूलों तक जाने वाले मार्गों का निर्माण कार्य भी कार्य योजना में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि उनकी पूर्व अनुमति के बिना कोई भी निर्माण कार्य ग्राम पंचायतों में नहीं कराया जाएगा। आदेशों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। डीडी पंचायत ने कहा कि पंचायतों को अब कोई पैसा शौचालयों को नहीं दिया जाएगा। वे गांव में ऐसा माहौल बनाए कि लोग शौचालयों का प्रयोग करें और जंगल में शौच को न जाएं।
इस बैठक में सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया और उप निदेशक पंचायतराज अभय कुमार शाही के साथ सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी और ब्लाक समन्वयक उपस्थित रहे।
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एडीओ पंचायत को प्रोन्नति का मिलेगा इनाम
बदायूं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जो सहायक विकास अधिकारी पंचायत सबसे पहले अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त यानि ओडीएफ कराएगा उसकी सेवा पुस्तिका में सरहानीय कार्य के लिए प्रविष्टि दर्ज की जाएगी, बल्कि उनकी प्रोन्नति को शासन को भी लिखा जाएगा।
तीन एडीओ और पांच समन्वयक अनुपस्थित
बदायूं। ग्राम पंचायतों की विकास योजना पर आयोजित महत्व की बैठक में उझानी के एडीओ छत्रपाल शर्मा, समरेर के अनुज कुमार, वजीरगंज के राजनरायण अनुपस्थित रहे। वहीं पांच समन्वयक भी नहीं पहुंचे। डीडी पंचायत ने इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो प्रेरक कार्य नहीं कर रहे हैं, उन्हें नोटिस देकर हटा दिया जाए।
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शासनादेश के विपरीत काम होने पर बनेगी सभी की जवाबदेही
राज्य वित्त एवं 14वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि प्रधान मनमाने तरीके से विकास के नाम पर नहीं बहा पाएंगे। इसके लिए विधिवत कार्ययोजना बनाकर डीएम से अनुमोदित कराएंगे। गुणवत्ता भी बनाए रखनी पड़ेगी। डीएम सीपी त्रिपाठी ने ग्राम पंचायत से जुड़े अधिकारियों की एक बैठक में इस संबंध में अपनी मंशा उजागर की। बैठक में पंचायतराज विभाग के डीडी अभय कुमार शाही भी मोजूद रहे। बैठक में चेताया गया कि बिना सूचित कर धनराशि निकालने वाले प्रधान और सचिवों को एडीओ पंचायत नोटिस जारी करेंगे।
विकास भवन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कहा गया कि शासन की आदेशों के विपरीत ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य कराने पर एडीओ पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधानों की जबावदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों मेें हैंडपंप, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत, खडंजा, सीसी निर्माण और तलाबों के जीर्णोंद्धार के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। ग्राम पंचायतों में अपने-अपने विभाग से संबंधित निर्माण कार्यों का मॉडल स्टीमेंट तैयार कराकर जिलाधिकारी की अनुमति के बाद ही निर्माण कार्य कराए जाएंगे। जिलाधिकारी ने छोटी ग्राम पंचायतों में कम से कम 15 लाख और बड़ी ग्राम पंचायतों में 30 से 40 लाख रुपये तक की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गांव की आबादी से सभी सरकारी स्कूलों तक जाने वाले मार्गों का निर्माण कार्य भी कार्य योजना में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि उनकी पूर्व अनुमति के बिना कोई भी निर्माण कार्य ग्राम पंचायतों में नहीं कराया जाएगा। आदेशों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। डीडी पंचायत ने कहा कि पंचायतों को अब कोई पैसा शौचालयों को नहीं दिया जाएगा। वे गांव में ऐसा माहौल बनाए कि लोग शौचालयों का प्रयोग करें और जंगल में शौच को न जाएं।
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इस बैठक में सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया और उप निदेशक पंचायतराज अभय कुमार शाही के साथ सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी और ब्लाक समन्वयक उपस्थित रहे।
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एडीओ पंचायत को प्रोन्नति का मिलेगा इनाम
बदायूं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जो सहायक विकास अधिकारी पंचायत सबसे पहले अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त यानि ओडीएफ कराएगा उसकी सेवा पुस्तिका में सरहानीय कार्य के लिए प्रविष्टि दर्ज की जाएगी, बल्कि उनकी प्रोन्नति को शासन को भी लिखा जाएगा।
तीन एडीओ और पांच समन्वयक अनुपस्थित
बदायूं। ग्राम पंचायतों की विकास योजना पर आयोजित महत्व की बैठक में उझानी के एडीओ छत्रपाल शर्मा, समरेर के अनुज कुमार, वजीरगंज के राजनरायण अनुपस्थित रहे। वहीं पांच समन्वयक भी नहीं पहुंचे। डीडी पंचायत ने इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो प्रेरक कार्य नहीं कर रहे हैं, उन्हें नोटिस देकर हटा दिया जाए।