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कब मिल पाएगी शासकीय सहायता

Tue, 05 May 2015 07:38 PM IST
Vjirganj
Vjirganj Updated Tue, 05 May 2015 07:38 PM IST
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कर्जे का दबाव, गेहूं की फसल बर्वाद होने और लोहिया आवास का पैसा न मिलने से डिप्रेशन में आकर किसान द्वारा आत्महत्या कर लेने के पौन माह बाद फौरी तौर पर कई योजनाओं का लाभ तो मिला है लेकिन आश्वासन के बाद भी शासकीय सहायता राशि किसान के परिवार को अभी तक हासिल नहीं हुई है। घर के मुखिया के गुजर जाने के बाद परिवार बुरी तरह टूट गया है।

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क्षेत्र के ग्राम बगरैन में बीती 10 अप्रैल को किसान कन्हई लाल ने डिप्रेशन में घर के बाहर खडे़ पेड की डाल से लटक कर आत्महत्या कर ली थी। मृतक कन्हई लाल पर करीव तीन लाख रुपये के कर्जे का दबाव तो था ही उसकी गेहूं की फसल भी बर्वाद हो गई थी। यही नहीं उसके लिए मंजूर लोहिया आवास स्वीकृत हो गया था। उसने आवास बनवाने को अपना पुराना मकान भी तोड़ डाला। मगर, लोहिया आवास के लिये किस्त खाते में न आने से वह विचलित हो उठा था।
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डीएम ने दिलाया कई योजनाओं का लाभ
किसान की मौत के बाद आनन-फानन में उसके खाते में अगले ही दिन लोहिया आवास की पहली किस्त एक लाख, 37 हजार, 500 रुपये डाल दी गई। एसडीएम गुलाब चंद ने तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में मृतक की विधवा का पांच हजार रुपये और दो बोरे गेंहू और एक बोरा चावल भी मुहैया करा दिए। मौके पर पहुंचे डीएम शंभू नाथ ने भी मृतक का कृषक बीमा, पारिवारिक लाभ योजना, विधवा पेंशन और समाजवादी पेंशन की तत्काल सुविधा दिलाए जाने को एसडीएम को निर्देशित कर औपचारिकताएं पूरी कर लीं थी।
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आश्वासन पर राहत का कोई बड़ा पैकेज नहीं मिला
पौन माह बीत जाने के बाद अभी तक शासन की ओर से सरकारी इमदाद मिलने की दिशा में कोई कार्यवाही नहीं होने से मृतक की विधवा खासी परेशान है। विधवा चंद्र कली का कहना है कि उसके पति ने जिनसे कर्ज लिया था किसी ने कोई तकादा नहीं किया है। सूदखोरों का कहना है कि जब पैसा हो जाए तब दे देना। मोहल्ले के लोगों का समय-समय पर सहयोग मिलता रहा है। लोहिया आवास की पहली किस्त से वह अपने रहने के लिए भी ठिकाना बनवा रही है। मगर, व्यवस्था को लेकर उसके मन में बड़ा सवाल हैं, उसका कहना है कि अगर, आवास की किस्त के पैसे पहले ही खाते में डाल दिए गए होते तो उसका पति जीवित होता। उसका यह भी कहना कि परिवार की जरूरतों के लिए उसे पैसों की खास जरूरत है। बेटी की शादी भी करनी हैं। अगर, सरकारी सहायता समय पर मिल जाती है तो उसे काफी राहत मिलेगी।

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