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ये कैसा क्विज गेम! दांव पर लग रहे रुपये
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2016 11:43 PM IST
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खेल
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क्विज गेम, मतलब खेल में शामिल होकर प्रश्नों का उत्तर दें। कमोवेश यही अर्थ हुआ क्विज गेम का, लेकिन यहां सरे बाजार लगे काउंटर पर ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा। लोग आकर दांव लगा रहे हैं। एक घंटा बाद रिजल्ट आया तो कइयों ने मत्था पीटा तो कुछ रकम गिनकर चलते बने। जिन्होंने दांव जीता, उन्हें 12 रुपये पर सौ रुपये के हिसाब से रकम मिली।
यहां बदायूं रोड बाजार में पंजाबी कालोनी मोड़ के पास लॉटरी या फिर सट्टे जैसी तर्ज पर करीब आठ दिन पहले शुरू हो चुके क्विज गेम को लेकर तमाम तरह के सवालों के बीच मोटी रकम गंवाने वालों की संख्या, तो अधिक दिखी लेकिन जीत कर जेब गर्म करने वाले शख्स बहुत कम मिले। कइयों ने तो 120 रुपये का दांव भी यही सोचकर लगा दिया कि जीते तो एक हजार रुपया हाथ लगेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। धंधेबाज की मानें तो सबकुछ ऑनलाइन है। क्विज गेम को गोल्डन लक एसोसिएट संचालित करवा रहा है। दांव लगाने वालों के सही उत्तर मैसेज के जरिए प्रोवाइड कराता है।
दांव लगाकर निकले लोगों की मानें तो उनसे कोई प्रश्न नहीं पूछा गया। नंबर बोलकर लगवाया जाता है। क्विज गेम के संचालन की परमीशन किसने दी या फिर यह कहां से संचालित किया जाता है? इसके बारे में धंधेबाज भी कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। फिलहाल, काउंटर पर लोगों के आकर्षण से साफ है कि मोटी रकम हासिल करने की चाहत में लोगों की जेब काटने का काम किया जाता है। बता दें कि शुरूआत में क्विज गेम बिल्सी रोड बाजार में एक प्रतिष्ठान में शुरू हुआ था।
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बच्चों पर बुरा असर पड़ने की आशंका
उझानी। क्विज गेम का नाम सुनते ही पढ़ाई करने वाले बच्चे भी धंधेबाजों के जाल में फंस सकते हैं। अगर लॉटरी जैसे क्विज गेम का चस्का लग गया, तो पढ़ाई प्रभावित होने के साथ उन्हें बर्बादी के रास्ते पर जाने से कोई रोक नहीं सकता। क्विज गेम को लेकर लोगों में चर्चाओं का बाजार भी गर्म बना हुआ है।
पुलिस ने मौके पर जाकर सच्चाई का पता लगाया गया तो कुछेक लोग काउंटर लगाकर सड़क किनारे बैठे थे। पुलिस को देखते ही वह सामान समेट कर खिसक गए। क्विज गेम क्या होता है, इसका भी पता लगा लिया जाएगा। अगर कुछ गलत है, तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- गोपीचंद्र यादव, कोतवाल।
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यहां बदायूं रोड बाजार में पंजाबी कालोनी मोड़ के पास लॉटरी या फिर सट्टे जैसी तर्ज पर करीब आठ दिन पहले शुरू हो चुके क्विज गेम को लेकर तमाम तरह के सवालों के बीच मोटी रकम गंवाने वालों की संख्या, तो अधिक दिखी लेकिन जीत कर जेब गर्म करने वाले शख्स बहुत कम मिले। कइयों ने तो 120 रुपये का दांव भी यही सोचकर लगा दिया कि जीते तो एक हजार रुपया हाथ लगेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। धंधेबाज की मानें तो सबकुछ ऑनलाइन है। क्विज गेम को गोल्डन लक एसोसिएट संचालित करवा रहा है। दांव लगाने वालों के सही उत्तर मैसेज के जरिए प्रोवाइड कराता है।
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दांव लगाकर निकले लोगों की मानें तो उनसे कोई प्रश्न नहीं पूछा गया। नंबर बोलकर लगवाया जाता है। क्विज गेम के संचालन की परमीशन किसने दी या फिर यह कहां से संचालित किया जाता है? इसके बारे में धंधेबाज भी कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। फिलहाल, काउंटर पर लोगों के आकर्षण से साफ है कि मोटी रकम हासिल करने की चाहत में लोगों की जेब काटने का काम किया जाता है। बता दें कि शुरूआत में क्विज गेम बिल्सी रोड बाजार में एक प्रतिष्ठान में शुरू हुआ था।
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बच्चों पर बुरा असर पड़ने की आशंका
उझानी। क्विज गेम का नाम सुनते ही पढ़ाई करने वाले बच्चे भी धंधेबाजों के जाल में फंस सकते हैं। अगर लॉटरी जैसे क्विज गेम का चस्का लग गया, तो पढ़ाई प्रभावित होने के साथ उन्हें बर्बादी के रास्ते पर जाने से कोई रोक नहीं सकता। क्विज गेम को लेकर लोगों में चर्चाओं का बाजार भी गर्म बना हुआ है।
पुलिस ने मौके पर जाकर सच्चाई का पता लगाया गया तो कुछेक लोग काउंटर लगाकर सड़क किनारे बैठे थे। पुलिस को देखते ही वह सामान समेट कर खिसक गए। क्विज गेम क्या होता है, इसका भी पता लगा लिया जाएगा। अगर कुछ गलत है, तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- गोपीचंद्र यादव, कोतवाल।