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Budaun News: शाबाश हरवेंद्र... 10 दिन में आए तीन रिजल्ट, तीनों में पास
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हरवेंद्र यादव।
उझानी। मेहनत के साथ कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो मंजिल दूर नजर नहीं आती। इससे भी दो कदम आगे निकल गए हैं हरवेंद्र यादव। यूपीएसएसएससी ने जो तीन परीक्षाएं कराईं, हरेक में उनकी किस्मत चमकी। पहले अलग-अलग विभाग की जूनियर असिस्टेंट की दोनों परीक्षाएं पास की, फिर लेखपाल का रिजल्ट आया। उसमें भी हरवेंद्र पास हो गए।
महज 10 दिन के दौरान खुशियों की हैट्रिक लगाने वाले हरवेंद्र सिंह अहीरटोला मोहल्ले के निवासी हैं। हरवेंद्र ने 2022 से 25 तक उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की तीन परीक्षाओं में हिस्सा लिया। इसमें जूनियर असिस्टेंट पद के दो विभाग के लिए परीक्षाएं में पहला रिजल्ट करीब 10 दिन पहले आया चयनित अभ्यर्थियों में उनका नाम आ गया। इस खुशी से सराबोर हरवेंद्र और उनके परिजन कुछ सोच पाते, इसके करीब चार दिन बाद ही कनिष्ठ सहायक की परीक्षा में भी वह पास हो गए। हरवेंद्र ने नौकरी के लिए परीक्षा पास करने की हैट्रिक उस वक्त लगाई, जब शुक्रवार शाम को राजस्व लेखपाल का रिजल्ट आया।
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ट्यूशन न कोचिंग, सेल्फ स्टडी से चमकी किस्मत
- जूनियर असिस्टेंट की दो समेत लेखपाल की परीक्षा में पास हरवेंद्र कहते हैं कि उन्होंने सेल्फ स्टडी की। दिन में तीन चार घंटे मेहनत की। हालांकि इस दौरान खेतीबाड़ी में भाई समेत परिवार के लोगों का भी हाथ बंटाया, लेकिन मेहनत में कमी नहीं छोड़ी।
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महज 10 दिन के दौरान खुशियों की हैट्रिक लगाने वाले हरवेंद्र सिंह अहीरटोला मोहल्ले के निवासी हैं। हरवेंद्र ने 2022 से 25 तक उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की तीन परीक्षाओं में हिस्सा लिया। इसमें जूनियर असिस्टेंट पद के दो विभाग के लिए परीक्षाएं में पहला रिजल्ट करीब 10 दिन पहले आया चयनित अभ्यर्थियों में उनका नाम आ गया। इस खुशी से सराबोर हरवेंद्र और उनके परिजन कुछ सोच पाते, इसके करीब चार दिन बाद ही कनिष्ठ सहायक की परीक्षा में भी वह पास हो गए। हरवेंद्र ने नौकरी के लिए परीक्षा पास करने की हैट्रिक उस वक्त लगाई, जब शुक्रवार शाम को राजस्व लेखपाल का रिजल्ट आया।
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ट्यूशन न कोचिंग, सेल्फ स्टडी से चमकी किस्मत
- जूनियर असिस्टेंट की दो समेत लेखपाल की परीक्षा में पास हरवेंद्र कहते हैं कि उन्होंने सेल्फ स्टडी की। दिन में तीन चार घंटे मेहनत की। हालांकि इस दौरान खेतीबाड़ी में भाई समेत परिवार के लोगों का भी हाथ बंटाया, लेकिन मेहनत में कमी नहीं छोड़ी।
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