फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   wather

जनवरी में मार्च जैसे तापमान ने मौसम विशेषज्ञों की चिंता बढ़ाई

Fri, 08 Jan 2021 01:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 01:23 AM IST
विज्ञापन
wather
बदायूं। मौसम के बदलते मिजाज को लेकर मौसम विशेषज्ञ काफी चिंतित हैं। दरअसल, पहली बार जनवरी के महीने में तापमान मार्च जैसा बना हुआ है। मंगलवार से तापमान में इजाफा हो रहा है। इस दौरान अधिकतम तापमान बढ़कर 24 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। मौसम और कृषि के जानकारों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह बना रहा तो गेहूं की फसल के लिए खतरा पैदा हो जाएगा।
विज्ञापन

मौसम के जानकारों ने दिसंबर के अंतिम और जनवरी के पहले सप्ताह में शीतलहर के साथ बारिश का अनुमान जताया था। काफी हद तक यह सही साबित भी हुआ। शीत लहर के साथ बारिश भी हुई। इससे गेहूं की फसल को फायदा जबकि आलू की फसल को नुकसान हुआ। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों को यह अनुमान नहीं था कि जनवरी का पहला सप्ताह खत्म होते-होते तापमान में इतना उतार-चढ़ाव हो जाएगा। आमतौर पर मार्च के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 24-25 डिग्री के आसपास और न्यूनतम 15-16 डिग्री सेल्सियस के आस-पास पहुंचता है, लेकिन इस बार जनवरी में ही तापमान में काफी इजाफा हो गया। पिछले तीन दिन से अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री और न्यूनतम 11 से 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
विज्ञापन

हेमवती नंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी गढ़वाल के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आलोक सागर गौतम का कहना है कि हवा की दिशा उत्तर-पूर्वी होने से विक्षोभ के कारण तापमान बढ़ रहा है। हवा में नमी की मात्रा कम होने से कोहरा भी नहीं हो रहा है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार भी कम हो रही है। इससे मैदानी इलाकों में तापमान आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। तापमान बढ़ने का सीधा दुष्प्रभाव गेहूं, जौं, चना और आलू की फसलों पर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

जनवरी के पहले सप्ताह में ही अचानक तापमान में इजाफा होना चिंता का विषय है। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से वातावरण में कई बदलाव आ रहे हैं। इस बार सर्दियों के सीजन में जितनी बारिश होनी चाहिए थी उतनी बारिश नहीं हुई है। कोहरे का भी अब तक प्रकोप कम रहा है। आने वाले तीन-चार दिन तक तापमान बढ़ता रहेगा। इस कारण फसलों को नुकसान होगा।
- डॉ. आलोक सागर गौतम, मौसम विशेषज्ञ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed